*अध्याय 1: मेरा नाम - रुक्मिणी*मेरा नाम रुक्मिणी है।सिर्फ रुक्मिणी। इस नाम के आगे अभी कुछ नहीं लगा है। न किसी का गोत्र, न किसी का राज्य। बस रुक्मिणी।लोग कहते हैं मैं विदर्भ की राजकुमारी हूँ। राजा भीष्मक की बेटी। महल में रहती हूँ, सोना पहनती हूँ, दासियाँ मेरे आस-पास रहती हैं। पर सच कहूँ, तो राजकुमारी होने का सुख मुझे कभी समझ नहीं आया।राजकुमारी होने का मतलब क्या होता है? सुबह उठो, श्रृंगार करो, सभा में चुप रहो, और शाम को सुनो कि कौन सा राजकुमार तुम्हारे योग्य है। बस। इससे ज्यादा मेरी कोई कहानी नहीं थी।मेरी पाँच सहेलियाँ