16.0 रावण को समझने के लिए सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि किसी व्यक्ति का संपूर्ण चरित्र उसके केवल एक गुण या एक कर्म से निर्धारित नहीं होता।रावण के व्यक्तित्व में कई अलग-अलग पक्ष दिखाई देते हैं—ज्ञान, तपस्या, शक्ति, शिवभक्ति, राजकीय क्षमता, परिवार के प्रति लगाव और अपनी इच्छाओं पर अड़े रहने की प्रवृत्ति। परंपरागत रामायण में उसके सीता-हरण और सीता को वापस न लौटाने के निर्णय उसके पतन के प्रमुख कारणों में गिने जाते हैं।यहाँ एक गहरा प्रश्न उठता है: यदि रावण इतना ज्ञानी था, तो वह अपने ही ज्ञान के विरुद्ध निर्णय क्यों लेता रहा?इस प्रश्न का उत्तर