ज़िंदगी की एक सच्ची बात

  • 273
  • 93

ज़िंदगी की एक सच्ची बात जिस दिन उसने चुप रहना सीख लिया… उस दिन उसकी ज़िंदगी बदल गईरमेश एक सीधा-सादा इंसान था। दिल का साफ़, दूसरों की मदद करने वाला और रिश्तों को दिल से निभाने वाला। उसकी एक ही कमजोरी थी—वह हर बात का जवाब देता था।कोई उसे गलत कह देता, तो वह सफाई देने लगता। कोई उसके काम में कमी निकालता, तो वह घंटों समझाता। कोई उसकी अच्छाई पर सवाल उठाता, तो वह अपनी पूरी कहानी सामने रख देता।उसे लगता था कि अगर वह अपनी सच्चाई साबित नहीं करेगा, तो दुनिया उसे गलत समझ लेगी।लेकिन दुनिया को