पुस्तक समीक्षामंथरा काव्य संग्रह - सुधीर श्रीवास्तव समीक्षक -संजीव कुमार भटनागरसुधीर श्रीवास्तव कृत काव्य-संग्रह ‘मंथरा’ केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि भारतीय लोक-आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों का बहुआयामी साहित्यिक दस्तावेज़ है। 180 पृष्ठों में संकलित 106 कविताएँ कवि की व्यापक दृष्टि, अनुभव-संपन्न सोच और समाज के विविध पक्षों को शब्द देने की रचनात्मक क्षमता का परिचय कराती हैं। इस संग्रह में जहाँ भक्ति और पारिवारिक संबंधों की