वेद्रान - एक इश्क़, एक श्राप - 12

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वेद्रान — एक इश्क़, एक श्रापअध्याय 12कबीर: तूने मुझे कहाँ फँसा दिया?राजू: चुप रह और जल्दी से बैठ। दिया और मीरा मैडम के पास पहुँचना है।कबीर: कौन मीरा और कौन दिया? पहले ये तो बता।राजू: शहर से आई लड़कियाँ हैं। गेस्ट हाउस में ठहरी हैं।कहते हुए वह कबीर को सब कुछ बताने लगा। थोड़ी देर बाद दोनों वहाँ पहुँच गए।मीरा और दिया तैयार थीं। दरवाज़े पर दस्तक हुई तो दिया ने दरवाज़ा खोला।बाहर राजू और कबीर खड़े थे। दिया को देखते ही राजू के चेहरे पर चमक आ गई। कबीर उसे देखकर हैरान था।दिया: ये कौन है?कबीर: मेरा नाम कबीर