Muhabbat Ek Sabaq - 27

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“"क्या करूं अच्छा तुम ही बता दो" ???वह आजिज (तंग) आ कर बोली।"फोन करो उन्हें पागल लड़की और खुद बुलाओ घर पर अगर वह नही आ रहे हैं खुद से" !!"और अगर हमेशा की तरह काम ना हआ फोन से तो फिर?? वह उसके मशवरे पर बुरी तरह चिढ़ गई।"इस बार भी फोन नहीं उठाया तो फिर उनका खून कर देना तुम" !!!नादिया ने जवाब दिया।"तो तुम कोई ढंग का मशवरा नहीं दे सकतीं.... पता है तुम्हें कि मैंने कितने कॉल्स किये लेकिन या तो फोन सिव्चड ऑफ जाता है , या तो नॉट रीचेबल"वह खफ़गी (नाराज़गी) से बोली।"ढंग का मशवरा