रिश्ते में बहस में जीतना

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रिश्ते में बहस में जीतना आर0 के0 लाल   सुशील को अपनी बात पर पूरा विश्वास था। वह जानता था कि इस बार गलती उसकी नहीं थी। सामने उसकी पत्नी मीरा थी और उसकी आँखों में गुस्से से अधिक दुख दिखाई दे रहा था। सुशील भी लगभग एक घंटे की बहस करके थक गया था । वह चुप हो कर निढाल बैठ गया था मानो उसके  शरीर से किसी ने प्राण ही खींच लिया हो । बात बहुत छोटी-सी थी। मीरा चाहती थी कि सुशील कल यानि रविवार को उसके माता-पिता से मिलने चले। सुशील ने पहले ही अपने मित्रों