आईने में बदलता जीवन - भाग 9

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भाग 9 — आवाज़ के उस पारजब विभा ने पहली बार उस व्यक्ति की आवाज़ सुनी थी, तभी से उसके मन में एक अनजाना-सा एहसास जन्म लेने लगा था। उसकी आवाज़ में कुछ ऐसा था, जो विभा के मन को छू गया था। वह स्वयं भी नहीं समझ पा रही थी कि उस अनजान व्यक्ति की आवाज़ ने उसके मन में इतनी उत्सुकता क्यों जगा दी थी।धीरे-धीरे उसके मन में उसे जानने की प्रबल इच्छा उत्पन्न होने लगी। वह बार-बार सोचती, आख़िर वह कौन है? उसका परिचय क्या है? वह उसके बारे में कैसे जान सकती है? कहीं उसे जानने