भाग 10 — पहले प्रेम का एहसासजब विभा ने एकार्थ्य के सामने अपने मन की सारी बातें और भावनाएँ व्यक्त की थीं, तब एकार्थ्य ने उसे समझाया था कि उसके मन में उसके प्रति केवल आकर्षण नहीं, बल्कि प्रेम की भावना भी उत्पन्न हो चुकी है। उस समय विभा उसकी बात का कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाई थी। वह स्वयं भी अपनी भावनाओं को पूरी तरह समझ नहीं पा रही थी।लेकिन कुछ दिनों तक अपने मन को समझने और अपने एहसासों पर विचार करने के बाद विभा को धीरे-धीरे महसूस होने लगा कि एकार्थ्य के प्रति उसके मन में