जिंदगी की दूसरे किनारा - 37

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जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 37और वही कुछ देर बाद अभिराज  अस्पताल से बाहर आते हुए चलाकर अपने गाड़ी में पास जाता है और अपने दाई हाथ उठाकर बढ़ाते हुए कार के दरवाजा को हैंडल को पकड़ कर खींचकर खोलते हुए अचानक कार के दरवाजा छोड़कर झुकते हुए अपने कदम कार के अंदर बढ़ते हुए झुकते हुए कार में बैठ जाता है  और फिर से हल्के मुड़कर देखते हुए अपने हाथ बढ़कर हाथों से कार के दरवाजा पकड़ कर खींचते हुए दरवाजा बंद करते हुएअचानक मुड़कर सही से बैठते हुए अपने दोनों हाथ कार के स्टेरिंग पर रखते हुए कार को स्टार्ट करता है और कार को ड्राइव करते हुए आगे बढ़ जाता है   और