यह कहानी मेरी पहली कहानी है जो हिन्दी में है। इस दुनिया में हर लोगो अनेकों अवसर मिलने के बावजूद उसका उपयोग नहीं कर पाते। साहस किसी से श्रेष्ठ बनाने में नहीं, बल्कि अपने मुसीबत से मुकाबला में है। शारीरिक बल ईश्वर प्रदत्त है, लेकिन बुद्धि, आत्मविश्वास, साहस मनुष्य का व्यक्तिगत स्वभाव का विषय है। एक हाथी को एक चींटी भी मार सकता है, यदि वह भी साहस करें। इस कहानी में भी उसी का ही एक काल्पनिक चरित्र है। आशा करता हूं आप सभी को अच्छा लगेगा। धन्यवाद।।।