संघर्ष और संकल्प - 3

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*हम सुधरेंगे – जग सुधरेगा*                         मंदिर में चल रहे सत्संग में सुरजा बहुत देर से आई तो ममता ने पूछा – सुरजा अभी तक क्या कर रही थी, जो इतना देर से आई ? सुरजा बोली – आज मैं काम से बाजार तरफ गई थी, तो पाठक माता जी के घर के सामने से निकली मन में - सोची, माता जी बहुत दिनों से सत्संग में नहीं आ रही है, चलो उन से मिल कर आती हूँ – मै माता जी से मिलने घर के अन्दर गई, तो दरवाजे पर