अस्पताल, महाभारत और दो घंटे की आज़ादी! ️हाय दोस्तों! कैसे हैं आप सब?बहुत दिनों से मैंने कुछ लिखा ही नहीं। मतलब मोबाइल की तरफ देखा तक नहीं कि कुछ लिखूँ। समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या लिखूँ और ऊपर से समय भी नहीं मिल रहा था। फिर सोचा कि चलो, कुछ तो लिखना चाहिए। आज जो हुआ, वही आप लोगों को बताना चाहती हूँ।वैसे तो कोई बहुत बड़ी या अच्छी बात नहीं है, लेकिन छोटी-छोटी बातें भी लिख देनी चाहिए। अच्छा लगता है। तो हुआ कुछ ऐसा कि कुछ दिन पहले मेरे दादाजी का पैर टूट गया। अब