सूर्य की अंतिम गर्मीएक दार्शनिक रहस्यगाथाप्रस्तावना — वह चेहरा जो दो बार दिखाई दियाआसमान बादलों से ढका हुआ था। कुछ देर पहले हुई हल्की बारिश ने सड़क की धूल को मिट्टी की सुगंध में बदल दिया था। ठंडी हवाएँ पेड़ों की शाखाओं से गुजरती हुई किसी अनकही कहानी की तरह बह रही थीं।वह अकेला सड़क पर चल रहा था।उसकी मंजिल नदी थी, लेकिन उसके कदमों की दिशा से अधिक उसके विचारों की दिशा अनिश्चित थी।आज रास्ते में उसने एक चेहरा देखा था।पहली बार वह सामने से गुजरा था। दूसरी बार लौटते हुए वही चेहरा फिर दिखाई दिया।सामान्य मनुष्य शायद इसे