वंश और विरासत भाग :- ५

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वंश और विरासत भाग :-५अगला प्रसंग — आत्मसम्मान और रिश्तेसरला को अस्पताल में भर्ती हुए दस दिन बीत चुके थे। सफल ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत में काफी सुधार आया था। डॉक्टरों की निगरानी में अब वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही थी।आज भादो मुर्मू भी सरला को देखने अस्पताल पहुँचे थे। पांडेय जी और उनकी पत्नी सरला के बेड के पास बैठे थे। इधर-उधर की बातें चल रही थीं। तभी डॉक्टर प्रधान अपनी नियमित विजिट पर आ पहुँचे।उन्होंने सरला की जाँच की, कुछ जरूरी बातें पूछीं और फिर सती दा को अपने साथ केबिन की ओर ले