: प्रकरण -22 सुहानी मेरी जिंदगी में सिर्फ एक ऐसी लड़की थी, जो कभी भी मुझे अपनी यादों के दायरे में कैद कर लेती थी. ऊस का क़ोई ठिकाना नहीं था. वह तितली की तरह एक जगह से दूसरी जगह उड़ती फिरती थी. भौतिक सुख की कामना उसे संजय की ओर ले जाती थी और दया, हमदर्दी उसे अनिकेत के पास खिंचती थी.घर बदलते ही सुहानी ने अपना प्रेमी बदल दिया था. उस क़ी जिंदगी में कई लड़के आये थे. उस के अलावा कई और लोगो से