# आगमन #आसमान मे हल्के हल्के बादल थे पक्षियो के चहचहाने की आवाज गूँज रही थी । उन आवाजो केबीच नावो की मोटर की आवाज आई उस नाव मे चार आदमी कुर्ते पैजामे पहने हुए बैठे थे उनके हाथो मे बडी बड़ी बन्दूके थी वे चार आदमी थे - जावेद , शैफ, जाफर और इनका मुख्या फैज ।" और कितनी देर लगेगी? " जाफर बोला" बस पहुंच ही गए यूँ मानो शरहद आने को है।"शैफ ने उत्तर दिया मुझे ऐसा आभास होता है कि ये कुछ ऐसा करने को आए है जिसकी भनक नौजवानों को नहीं है वैसे ये कहानी पूर्ण रूप