प्रेमचन्द के उपन्यासों में दलित विमर्श

(16.4k)
  • 22.8k
  • 5
  • 8.4k

प्रेमचंद कितना खरा कितने खोटे दलित विमर्श के नजरिये से, इसका एक आकलन उनके उपन्यासों से।