कुण्डिकोपनिषद--कुण्डिकोपनिषद् सामवेद की संन्यास-उपनिषदों में गिनी जाती है और इसमें 28 मन्त्र/श्लोक हैं। इसका मुख्य विषय संन्यास-विधि, वैराग्य, आत्मचिन्तन ...
सावित्री उपनिषद --सावित्री उपनिषद् सामवेद से सम्बद्ध लघु उपनिषद् है और उपलब्ध पाठ में मुख्यतः १५ मन्त्र/खंड हैं। इसका ...
आत्मोपनिषद--आत्मोपनिषद् का सम्बन्धअथर्ववेद से माना जाता है।आत्मोपनिषद का मुख्य विषय: आत्मा का स्वरूप, आत्मज्ञान, ब्रह्मज्ञान और मुक्तिमुख्य शिक्षा: मनुष्य ...
पाशुपतोपनिषद--यह उपनिषद अथर्ववेद सेसम्बद्ध माना जाता है।यह मुख्यतः भगवान शिव के पाशुपत स्वरूप, शिव-तत्त्व और साधना से संबंधित है।पाशुपतब्रह्मोपनिषद् ...
अवधूतोपनिषद--अवधूतोपनिषद् का मूल संस्कृत पाठ अपेक्षाकृत संक्षिप्त है और इसमें भगवान् दत्तात्रेय तथा सांकृति का संवाद है। उपलब्ध संस्कृत ...
त्रिपुरोपनिषद---त्रिपुरोपनिषद् का उपलब्ध पाठ १६ मुख्य मन्त्रों में है। यह ऋग्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् के रूप में परम्परागत ...
देवी उपनिषद --देवी उपनिषद् (देव्युपनिषत् / देवी अथर्वशीर्ष) अथर्ववेदीय शाक्त उपनिषदों में प्रसिद्ध है। इसमें देवी को केवल किसी ...
कठरुद्रोपनिषदकठरुद्रोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध संन्यास-उपनिषद् है। उपलब्ध पाठ में आरम्भिक ब्रह्मविद्या-उपदेश के बाद सन्यासी के आचार और अन्ततः ...
भावनोपनिषदभावनोपनिषद् अथवा श्रीचक्रोपनिषद् अथर्ववेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् के रूप में उपलब्ध है।॥ भावनोपनिषद् ॥मंगलाचरणस्वाविद्यापदतत्कार्यं श्रीचक्रोपरि भासुरम् ।बिन्दुरूपशिवाकारं रामचन्द्रपदं ...
योगकुण्डलिनी उपनिषद--योगकुण्डलिनी उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध योग-उपनिषद् है। परम्परागत पाठ में इसके 3 अध्याय और लगभग 171 मंत्र/श्लोक ...