त के ठीक 12 बजे…सड़क सुनसान थी… हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी… रिद्धि सिंह अपनी scooty पर घर लौट रही थी। हेलमेट के अंदर उसकी सांसें तेज़ चल रही थीं, जैसे उसे खुद नहीं पता कि वो क्यों बेचैन है। अचानक… ठप! उसकी scooty बीच रास्ते में रुक गई। वो बुदबुदाई ये क्या यार… उसने बुदबुदाते हुए scooty को स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन वो जैसे जिद पर अड़ गई थी। तभी… उसकी नज़र सामने गई , एक लड़की… सफेद सलवार-सूट में… खुले बाल… और अजीब सी मुस्कान के साथ खड़ी थी।

Full Novel

1

अजनबी - 1

रात के ठीक 12 बजे…सड़क सुनसान थी… हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी… रिद्धि सिंह अपनी scooty घर लौट रही थी। हेलमेट के अंदर उसकी सांसें तेज़ चल रही थीं, जैसे उसे खुद नहीं पता कि वो क्यों बेचैन है। अचानक… ठप! उसकी scooty बीच रास्ते में रुक गई।वो बुदबुदाईये क्या यार…उसने बुदबुदाते हुए scooty को स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन वो जैसे जिद पर अड़ गई थी। तभी…उसकी नज़र सामने गई , एक लड़की… सफेद सलवार-सूट में… खुले बाल… और अजीब सी मुस्कान के साथ खड़ी थी।वो बोली -प्लीज़… मुझे lift दे दो…रिद्धि थोड़ी हिचकी… ...Read More

2

अजनबी - 2

ऑटो उनके सामने आकर रुका…ड्राइवर ने अजीब नज़रों से दोनों को देखा —Driver बोला -क्या हुआ मैडम? ऐसे क्यों रही हो?दोनों जैसे अचानक होश में आईं…रिद्धि ने आंखें मिचमिचाकर फिर से देखा सब कुछ नॉर्मल था…ना कोई डरावना चेहरा…ना कोई अजीब बात…अपर्णा ने खुद को समझाते हुए कहा —शायद… हमने ज़्यादा सोच लिया…रिद्धि जल्दी से बोली —भैया! हमें घर छोड़ दोगे?ड्राइवर ने दोनों को ऊपर से नीचे तक देखा…उनकी आंखों में डर… उलझन… और कुछ अजीब सा था…अचानक उसका चेहरा सख्त हो गया —नहीं मैडम… मुझे देर हो रही है…और बिना कुछ कहे…वो ऑटो लेकर तेजी से निकल गया।रिद्धि ...Read More

3

अजनबी - 3

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उनकी खुद की थीं…रिद्धि की आवाज़ कांप गई और बोली—अ… अपर्णा… ये… ये क्या है…?लेकिन जवाब देने से पहले ही उन परछाइयों ने एक साथ सिर टेढ़ा किया…जैसे…किसी चीज़ को समझने की कोशिश कर रही हों…रिद्धि का डर अब चीख में बदल गया और बोली—अपर्णा भाग! ये छलावा है!अपर्णा ने बिना एक सेकंड गवाए उसका हाथ कसकर पकड़ लिया और बोली—भागो!!दोनों पूरी ताकत से भागने लगीं…पीछे मुड़कर देखने की हिम्मत नहीं ...Read More

4

अजनबी - 4

रिद्धि की धड़कनें अभी संभली भी नहीं थीं कि…अचानक विशाल ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा…विशाल बोला -हाहाहा… रिद्धि! तुम्हारा चेहरा चाहिए तुम्हारा!रिद्धि सन्न रह गई…और तभी…अपर्णा भी हंस पड़ी…अपर्णा बोली -विशाल! तुम इससे शादी करने वाले थे? ये तो डर के मारे पीली पड़ गई!रिद्धि की आंखें गुस्से और हैरानी से फैल गईं और बोली—तुम दोनों… ये क्या मजाक है?!विशाल हंसते हुए उसके पास आया और बोला—अरे पागल! ये अपर्णा है… मेरी चचेरी बहन…रिद्धि एक पल के लिए चुप रह गई…रिद्धि बोली -क… क्या?अपर्णा ने मुस्कुराकर हाथ हिलाया और बोली—Hi… officially अब मिल लिए रिद्धि को जैसे गुस्सा आ गया ...Read More

5

अजनबी - 5

तीनों एकदम सन्न खड़े थे…नज़रें ज़मीन पर जमी हुईं…वो चौथी परछाई…स्पष्ट दिख रही थी…रिद्धि की उंगलियां कांपने लगीं वो तुम लोग भी देख रहे हो ना…?अपर्णा ने धीमे से सिर हिलाया और बोली—हां… ये… ये हमारे साथ चल रही है…विशाल कुछ बोल नहीं पाया…कुछ सेकंड…बस सन्नाटा…फिर अचानक , रिद्धि ने अपनी आंखें कसकर बंद कीं…और जोर से मिचमिचाईं…वो बोली -नहीं! ये सच नहीं है… ये बस डर है…अपर्णा ने भी वैसा ही किया…विशाल ने भी गहरी सांस लेकर आंखें बंद कीं…तीनों ने एक साथ…दोबारा आंखें खोलीं…और…सड़क पर…अब सिर्फ तीन परछाइयां थीं…कोई चौथी नहीं…। तीनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा…कुछ ...Read More