उस दौर के बच्चे थे कुछ पीढ़ियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें इतिहास किताबों में पढ़ता है।और कुछ पीढ़ियाँ ऐसी होती हैं जो खुद इतिहास को बदलते हुए देखती हैं।हम उन्हीं में से एक हैं।हम Millennials हैं।हमारी पीढ़ी का जन्म उस समय हुआ जब दुनिया अभी इतनी तेज़ नहीं थी। जब हर सवाल का जवाब Google के पास नहीं होता था, हर पल camera में कैद नहीं होता था और किसी से बात करने के लिए internet connection की जरूरत नहीं पड़ती थी।हमारे बचपन में शाम का मतलब था घर से बाहर निकलना।
MILLENNIALS......दो दौर, एक पीढ़ी - 1
उस दौर के बच्चे थे कुछ पीढ़ियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें इतिहास किताबों में पढ़ता है।और कुछ पीढ़ियाँ ऐसी हैं जो खुद इतिहास को बदलते हुए देखती हैं।हम उन्हीं में से एक हैं।हम Millennials हैं।हमारी पीढ़ी का जन्म उस समय हुआ जब दुनिया अभी इतनी तेज़ नहीं थी। जब हर सवाल का जवाब Google के पास नहीं होता था, हर पल camera में कैद नहीं होता था और किसी से बात करने के लिए internet connection की जरूरत नहीं पड़ती थी।हमारे बचपन में शाम का मतलब था घर से बाहर निकलना।सड़क पर दोस्तों की आवाज़ें।गली में खेलते बच्चे।किसी घर ...Read More