साहित्य का सर्कस

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Disclaimer: Ye pustak "Sahitya Ka Circus" ek kalpanik aur vyangyatmak rachna hai. Sabhi patra jaise Ramdeen Kaka, Golu, Akhtar Bhai, Mini Influencer kalpanik hain. Iska kisi vastavik vyakti, jati, dharm, sarkari vibhag ya party se koi lena-dena nahi. Koi samanta mile to sanyog matra hogi. Uddeysya sirf manoranjan hai. *******Mobile raja hai, TV uski rani hai, Reel banane wala har bachha yahan gyani hai. Gobar me bhi filter lag jata hai, Yehi toh aaj ke circus ki kahani hai!**** --- by rakshita

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साहित्य का सर्कस - 1

फेसबुक के लिए पोस्ट ढूंढने आई थी सुबह-सुबह मैं कवि सम्मेलन में गई थी... एक तरफ गरम-गरम समोसे बंट थे, दूसरी तरफ सब... PFFFT! No one listening... ASLI HERO toh SAMOSA hai! 🥟😎 Puri kahaani padho aur Roast Reel dekho: instagram.com/reel/DdEhSEyoBqo/Episode:-1: फेसबुक के लिए पोस्ट ढूंढने आए थेसुबह-सुबह मैं कवि सम्मेलन में गई थी। मन में था कविता सुनूंगी, कुछ नया सीखूंगी। शहर में बड़ा नाम सुना था, बड़े-बड़े कवि आने वाले थे।पर वहां तो दूसरा ही मेला लगा था। एक तरफ गरम-गरम समोसे बंट रहे थे, दूसरी तर ...Read More

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साहित्य का सर्कस - 2

एपिसोड 2: व्हाट्सएप वाली चाचीकविता में रोने पर ओर मोबाइल में आकर लाइव होने एसा हो गया है लाइक्स कमेन्ट्स करो जैसे कवि बिना कलम का सार सुबह समोसा पार्टी से दिमाग खराब ही था कि शाम को पड़ोस वाली चाची घर आ गईं। हाथ में फोन ऐसे पकड़ा था जैसे कोई खजाना मिल गया हो।आते ही बोलीं, "बहन जी, जल्दी से वाई-फाई बंद करो!"मम्मी बोलीं, "क्यों चाची, क्या हुआ?"चाची बोलीं, "हमारे महिला मंडल ग्रुप में खबर आई है कि रात को वाई-फाई चालू रहा तो चूहों में बिजली आ जाती है!"मैंने कहा, "चाची ये सब झूठ है।"चाची बोलीं, ...Read More