एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई ...
फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी ...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में ...
वडाखाली सापडलेली बाहुली पावसाळा नुकताच संपला होता. मातीतअजून ओली होती आणि रस्त्याच्या कडेला असलेले हिरव गवत वाऱ्याबरोबर हळूहळू हलत होतं. ...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि ...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर ...
भाग - १ रात्रीचे नेमके दोन वाजून सतरा मिनिटे. भिंतीवरच्या जुन्या घड्याळाचा काटा पुढे सरकत होता. प्रत्येक टिक... टिक... टिक... त्या ...
रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच ...
आर्यन जेव्हा आरशात बघायचा तेव्हा त्याला लेखक नाही, एक भिकारी दिसायचा. तीन पुस्तकं. तीनही आपटली होती. शेवटच्या प्रकाशकाने पुस्तक तोंडावर ...
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक हॉरर स्टोरी (Fictional Horror Story) है। कहानी का मुख्य ...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र ...
जिस गाँव का रास्ता रात में खत्म हो जाता था बिहार के एक छोटे-से जिले में एक गाँव था—भैरवपुर।नक्शे ...
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम दिलखुश गुर्जर है और यह मेरी पहली कहानी है तो अगर कोई त्रुटी हो जाए ...
മഴ പെയ്തുകൊണ്ടിരുന്ന ആ രാത്രി, കിഴക്കേടത്ത് മനയുടെ പഴയ ഇരുമ്പുവാതിൽ വർഷങ്ങൾക്കുശേഷം വീണ്ടും തുറന്നു. വാതിൽ തുറന്നപ്പോൾ ഉണ്ടായ കരകര ശബ്ദം വിജനമായ പറമ്പിലൂടെ ദൂരെയൊക്കെ പോയി ...
या गर्द काळोख्या भयाण रात्री निशांत एकटाच जिवाच्या आकांतान धावत होता. मागे असलेली अमानवी शक्ती आज त्याचा प्राण घेऊनच ...
गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह भी ...
ये उपन्यास सत्य पर एक ऐसी प्रेरित कहानी है, जो लिखने मे मुझे काफ़ी तकलीफ झेलनी पड़ी। ...
खामोश हवेली का रहस्य रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से ...
આજે નિશાનો જન્મદિવસ છે. તે ખૂબ જ ખુશ છે. આજે તેના 21 વર્ષ પુરા થયા અને તે 22મા વર્ષ ...
ઈતિહાસ જ્યાં પથ્થરો બનીને થીજી જાય છે, ત્યાં રહસ્યો આપોઆપ જન્મે છે. શાંતિવન ચોકમાં આવેલો ‘વિરાજ પેલેસ’ એવો જ ...