Novels and Stories Download Free PDF

अमृत वाणी

by Nitya Oswal
  • 63.7k

संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी ...

अधूरापन

by Falguni Dost
  • 30.2k

समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं। प्रस्तावना यह कहानी मेरा पहला सह-लेखन प्रयास ...

मंजिले

by Neeraj Sharma
  • (4.3/5)
  • 341.2k

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, ...

गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन

by Sapna Badh
  • 17.2k

सिख धर्म के प्रणेता गुरू नानक देव जी का जन्म १४६९ इन, में हुआ था। 1496 ई, मे उन्होने ...

काफला यूँ ही चलता रहा

by Neeraj Sharma
  • 44.8k

काफला यूँ ही चलता रहा ---- ये उपन्यास भी सत्य घटना पर आधारित है, इसको भी सत्य ही समझा ...

वो लड़की जो कभी

by kanta
  • 17k

भूमिका कुछ कहानियाँ पढ़ने के लिए नहीं होतीं, उन्हें महसूस करने के लिए लिखा जाता है। यह कहानी एक ऐसी लड़की ...

ચીથરા

by Mansi Desai Shastri
  • 52.1k

પ્રસ્તાવના: અસ્તિત્વના ઉંબરે... ​સમાજ જેને 'સફેદપોશ' કહે છે, એની પાછળ કેટલા અંધારા ખૂણા છુપાયેલા હોય છે? અને એ અંધારામાં જ્યારે ...

अविवाहित आई

by manasvi Manu
  • 35.2k

आशीर्वाद बंगला नंबर १० . शहरातल्या एका उच्चभ्रू वस्तीत दिमाखात उभा असलेला हा एक मोठा प्रशस्त बंगला. बंगल्याची ...

खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध

by Hind Gaurav
  • 23.2k

बाल्यकाल एवं यौवन सांगा की हत्या के उपरांत मेवाड़ में सत्ता पाने के लिए गृहयुद्ध छिड़ गया। उस काल का ...

तनाव और डिप्रेशन से मुक्ति

by Nitya Oswal
  • 15.3k

आज के तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में, टेंशन और डिप्रेशन सामान्य होते जा रहे हैं। काम का दबाव, रिश्तों ...

रुद्र: पडद्याआडचा नायक

by Rawan Maahi
  • 22.5k

​१. वडाच्या झाडाखाली आणि टपोरी स्टाईल ​"अबे ए सुक्या! डोळे काय तुझ्या माहेरच्या वाडीला गहाण ठेवलेत का रे? समोरून दोन ...

प्रेरणास्पंदन.

by Bhupendra Kuldeep
  • 23.2k

प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ...

ಅವಳ ಹೋರಾಟ

by Anjana A Kulkarni
  • 78.9k

ಆವತ್ತು ಮಧ್ಯರಾತ್ರಿ 2:00 ಗಂಟೆಗೆ, ಆಸ್ಪತ್ರೆಯಲ್ಲಿ ಹೆರಿಗೆ ನೋವಿನಿಂದ ನರಳುತ್ತಿರುವ ಒಬ್ಬ ಮಹಿಳೆಯ ಶಬ್ದ ಹೊರಗಡೆ ನಿಂತಿದ್ದ ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಕೇಳಿಸುತ್ತಿತ್ತು. ಯಾವಾಗ ಮಗುವಿನ ಅಳುವಿನ ಶಬ್ದ ...

उजाले की ओर

by DrPranava Bharti
  • (4.3/5)
  • 2.3m

मित्रों ! प्रणाम जीवन की गति बहुत अदभुत है | कोई नहीं जानता कब? कहाँ?क्यों? हमारा जीवन अचानक ...

કારગિલ ગાથા

by Mansi Desai Shastri
  • 17.1k

ઓપરેશન બદ્ર) ​મે ૧૯૯૯ની એ શરૂઆતની સવાર હતી. કારગિલના ઊંચા શિખરો પર હજુ સૂરજનું પહેલું કિરણ પણ પહોંચ્યું નહોતું. ૧૮,૦૦૦ ...

કેન્સર

by Mansi Desai Shastri
  • 90.2k

અદ્રશ્ય અસ્તિત્વનો જંગ ​સાહિત્ય જ્યારે વાસ્તવિકતાના ઉંબરે આવીને ઊભું રહે છે, ત્યારે શબ્દોની ધાર તેજ થઈ જાય છે. માનવ શરીર ...

મારા જીવનના અનુભવો

by પરમાર ક્રિપાલ સિંહ
  • 54.8k

ે. આજે મારે લખવું છે મારા જીવન ના અનુભવો વિશે હું કોઈ લેખક નથી પણ મન ની વ્યથા વ્યક્ત ...

એકાંત

by Mayuri Dadal
  • (4.5/5)
  • 509k

"ગુજરાત તેત્રીસ જીલ્લાઓ ધરાવતો એક એવુ રાજ્ય છે કે જ્યાં બાર ગાઉએ બોલી બદલાતી રહે છે.પોતાની માતૃભાષાના તહેવારોની સાથે ...

नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी

by Rameshvar Gadiya
  • 41.5k

मंडप सजा हुआ था। शहनाई की आवाज़ पूरे घर में गूंज रही थी। सबके चेहरों पर खुशी थी… सिवाय ...

बड़े दिल वाला

by Ratna Pandey
  • 95.8k

योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। ...