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ભૂલ છે કે નહીં ?

by Mir
  • (4.3/5)
  • 585.2k

દોસ્તો,આજે બસમાં જવાનું થયું. મારી બાજુમાં એક બહેન બેઠા હતાં. કંઈક ગંભીર વિચારમાં હોય એવું લાગ્યું. એમની આંખો પાણી ...

Devil की दास्तान

by Sonam Brijwasi
  • 91.2k

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। ...

राहें

by shiromani mathur
  • 56.2k

एक कर्तव्य ऐसा भी स्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध व तपस्वी आचार्य थे । उनके प्रसिद्ध राधा ...

હું જ મારી ભાગ્યવિધાતા

by Rakesh Thakkar
  • 14.8k

હાડકાં ગાળતી દિવસની દોડ રાતના અગિયાર વાગવા આવ્યા હતા. આખા ...

Her Silent Secret

by Sonam Brijwasi
  • 32k

विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी ...

एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर

by Jyoti Prajapati
  • 11.8k

रात के ढाई बज रहे थे। कमरे में एकमात्र उजाला राघवन के लैपटॉप की स्क्रीन से आ रहा था, ...

નારી શક્તિ

by Dr. Damyanti H. Bhatt
  • (4.7/5)
  • 276.6k

( પ્રિય વાંચક મિત્રો,, નમસ્કાર, આપનો ખૂબ ખૂબ ધન્યવાદ,,,, તથા માતૃભારતીનો પણ ખૂબ ખૂબ ધન્યવાદ,,,આજે હું આપની સમક્ષ નારી ...

मुक्ता....??️

by sabdhpriyaa
  • 30.6k

एक वेगळाच विषय घेउन लिहलेली ही माझी स्टोरी आहे.(लघुकथा)..... चला पाहूया "तिला जगायचे का आहे." ....का "ती जगण्याची भिक ...

सौतेली माँ से माँ बनने का सफर......

by Tripti Singh
  • 99.4k

ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित ...

कर्मजली कोख...

by kalpita
  • 16.6k

कलावती हॉस्पिटल के लेबर रूम में प्रसव पीड़ा को चुपचाप सहन कर रही थी रेशमा… ना कोई चीख, ना चित्कार… बस ...

The Things we never Became

by prachi Gurjar
  • 12.6k

THE DAY EVERYTHING CRACKED CHAPTER 1 THE RESULT The list came out at ten in the morning, and by ten fifteen, Anaya ...

त्रिशा...

by palvisha
  • (4.1/5)
  • 276.5k

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह ...

हवेली से दफ्तर तक

by prachi Gurjar
  • 16.8k

सोने का पिंजरा हवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह एक कने ...

સંવેદનાનું સરનામું

by Jaypandya Pandyajay
  • 55.5k

યજ્ઞેશ પોતાની ચેમ્બરમાં બેઠો હતો. ત્યાં જ ડોર ખોલીને એક સુંદરી અંદર પ્રવેશ કરે છે. તમે ચિંતા ન કરશો ...

आर्या...

by suchitra gaikwad Sadawarte
  • 180.6k

आर्या ....आर्या ही मुलगी तिच्या आई वडिलांची एकुलती एक मुलगी ! आर्याच्या जन्माची कथा .... आई ही एक ...

સ્ત્રી અને સમાજ આધુનિક યુગ ની સંઘર્ષ ગાથા

by Komal Lakhani
  • 14.8k

આજના યુગમાં શિક્ષણ અને કારકિર્દી એકબીજા સાથે અવિભાજ્ય રીતે જોડાયેલા છે. શિક્ષણ વ્યક્તિને જ્ઞાન, કૌશલ અને વિચારશક્તિ પ્રદાન કરે ...

ममता ...एक अनुभूति...

by kalpita
  • 21.3k

केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी

by Jyoti Prajapati
  • 190.3k

सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की ...

सपनों की डोली।

by softrebel
  • 27.2k

बड़ी मशक्कत के बाद एक अच्छा रिश्ता हाथ लगा था , नारायणी के पिता इसे हाथ से जाने देना ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा

by Varun Vilom
  • 76.3k

घर भरा हुआ था। आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक। शादी की तारीख़ पास थी, और हर ...