RAAHULL SHARMA Books | Novel | Stories download free pdf

कालू की पहाड़ी - 18

by RAAHULL SHARMA
  • 420

त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 14

by RAAHULL SHARMA
  • 456

कहते हैं, समय का चक्र बहुत तेज़ी से घूमता है। वह किसी राजा के लिए नहीं रुकता, किसी रंक ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 720

मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 642

आदित्य की खुशी का ठिकाना नहीं था। बरसों पुराना यार, जिसने जवानी के दिनों में कंधे से कंधा मिलाकर ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 13

by RAAHULL SHARMA
  • 1.1k

लच्छू की रूह के आजाद होते ही पूरी हवेली में एक ऐसा भयंकर तूफान उठा जैसे धरती फट जाने ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 1.1k

यह श्रद्धा कौन है आर्यमन जी?"आर्यमन के पास इस सवाल का जवाब तो था, पर ज़ुबान जैसे किसी गोंद ...

कालू की पहाड़ी - 17

by RAAHULL SHARMA
  • 1.2k

पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था।दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 13

by RAAHULL SHARMA
  • 1.2k

जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, देवपुर राजमहल में काल का सन्नाटा और गहराता जा रहा था।एक-एक दिन भारी पत्थरों ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 11

by RAAHULL SHARMA
  • (4.9/5)
  • 1.1k

अब्दुल हकीम, जो अब तक खामोश अपनी पुरानी रिवॉल्वर को सहला रहा था, अचानक आगे बढ़ा। उसने कांपते हाथों ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 11

by RAAHULL SHARMA
  • 1.2k

मुन्ना मामा ने आदित्य के चेहरे पर छाई उलझन को पढ़ लिया। उन्होंने रिवॉल्वर का रुख स्टोर रूम की ...