खौफनाक रात के बाद की सुबह उम्मीद से कहीं ज़्यादा उजली थी।रात भर की मूसलाधार बारिश ने हवा को ...
अध्याय 2नया घर, नई उलझनेंशिवांशी की नींद किसी झटके के साथ टूटी।उसका शरीर ठंडे पसीने से तर-बतर था और ...
अध्याय 1जंगल का श्रापघना जंगल—इतना घना कि सूरज की सुनहरी किरणें भी ज़मीन तक पहुँचने से पहले ही थककर ...