विराट ने कार का रुख घर की तरफ नहीं, बल्कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक पुराने, सुनसान ...
अगली सुबह खिड़की से आती धूप सिद्धिदात्री के चेहरे पर पड़ी। वह धीरे-धीरे जागी। कमरे में गहरी शांति थी। ...
पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच चुकी थी। रितांशी कहीं दिखाई नहीं दे रही थी। सिद्धिदात्री घबराकर हर दिशा में ...
शहर का वह सुनसान, वीरान इलाका जहाँ कभी संयोगिता की जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी शुरू हुई थी, आज ...
(खिड़की से हल्की धूप अंदर आ रही है। कमरे में अब सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब-सी शांति फैली है। ...
कबीर की आवाज़ में एक शरारत थी।बोला -चलो, आज कोई मस्त सी वेब सीरीज देखते हैं।उसने बिस्तर के कोने ...
संयोगिता ने दरवाजे पर कदम रखा, लेकिन तभी रुक गई। उसने पीछे मुड़कर विराट को देखा। उसकी आँखों में ...
सिमरन करन के पास बिस्तर पर बैठी है। करन अब पूरी तरह जाग चुका है। सिमरन उसकी आँखों में ...
रात के खाने में आलू के पराठों और दही का जादू चल गया था। शिवांश और शिवांशी ने पेट ...
संयोगिता की हंसी कमरे में गूंज उठी। यह कोई सामान्य हंसी नहीं थी। यह एक ऐसी हंसी थी जिसमें ...