(कहानी अब भावनाओं और रहस्यों की गहराई में उतर चुकी थी।कबीर यानी करण अब दो दुनिया के बीच फँसा ...
तभी अचानक कमरे से शिवांश के रोने की आवाज़ आने लगी…हल्की-सी नींद टूटने जैसी आवाज़ थी, लेकिन धीरे-धीरे वह ...
(सांझ का समय। आसमान में हल्का सूरज डूब रहा है।सुनहरी रोशनी मंदिर की सीढ़ियों पर बिखरी हुई है।मंदिर के ...
दिन बीतते जा रहे थे…घर में अब बच्चे की मौजूदगी ने सब कुछ बदल दिया था। वो छोटा सा ...
(रात का वक़्त। आसमान में हल्के बादल हैं, पर उनमें से चाँद की एक हल्की सी झलक दिखती है।सिया ...
शहर में उस रहस्यमय साइको किलर का नाम पिछले चार सालों से लोगों के बीच डर बन चुका था। ...
शाम का समय था। चौहान हवेली का मुख्य दरवाज़ा खुला।शादी से लौटकर पूरा परिवार घर में दाखिल हुआ। सबसे ...
समय जैसे पंख लगाकर उड़ गया…पूरा नौ महीने का सफर कब गुजर गया, किसी को पता ही नहीं चला।घर ...
समय के साथ...रितांश और सिद्धिदात्री का रिश्ता और भी गहरा होता जा रहा था। शुरुआत में जो सिर्फ दोस्ती ...
सूरज की पहली किरणें खिड़की से भीतर आ रही थीं। हवा में हल्की सी गर्माहट थी।सिमरन धीरे-धीरे अपनी आँखें ...