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सजा.....बिना कसूर की - 12

by Soni shakya
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या अपने ही घर में बचपन से यौवन की दहलीज में कदम रखना कसूर था मेरा ??भूमि की आंखों ...

सजा.....बिना कसूर की - 11

by Soni shakya
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और जैसे ही दरवाजा खुलता है...सब लोग अंदर प्रवेश कर जाते हैं और अंदर जो नजारा था उसे देखकर ...

सजा.....बिना कसूर की - 10

by Soni shakya
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यह 13 साल पहले वाली भूमि नहीं थी।13 साल पहले वह मासूम थी किसी हैवान से लडने की ताकत ...

सजा.....बिना कसूर की - 9

by Soni shakya
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....आकाश की फोन की घंटी बजती है पर आकाश ध्यान नहीं देता। वह अपने सुनहरे पलों को यु बर्बाद ...

सजा.....बिना कसूर की - 8

by Soni shakya
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और अब ... विदाई की घड़ीयह वो समां होता है जिसमें खुशी भी होती है और दुख भी।हर आंख ...

सजा.....बिना कसूर की - 7

by Soni shakya
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भूमि के घर पहुंचते ही..सरला ने पश्नों की झड़ी लगा दी।भूमि बोली --चील करो मां !!सब ठीक-ठाक था ।मुलाकात ...

सजा.....बिना कसूर की - 6

by Soni shakya
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तभी भूमि आते हुए दिखाई देती है।आकाश ऐसे खुश होता है मानो कोई खजाना मिल गया हो।भूमि नेचारों ओर ...

सजा.....बिना कसूर की - 5

by Soni shakya
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दूसरे दिन ..आज भुमि ऑफिस से थोड़ा जल्दी घर आ गई थी ।4:00 बजे का समय था भूमि अपने ...

सजा.....बिना कसूर की - 4

by Soni shakya
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वैसे तो आपको देखने से ही और आपकी बातचीत से बहुत-कुछ समझ आता है आपके बारे में फिर भी ...

सजा.....बिना कसूर की - 3

by Soni shakya
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भूमि सब कुछ इतना आसान नहीं होता बेटा।हमारा समाज आज भी इतना विकसित नहीं है जो घटनाओं को सुनकर ...