Kishanlal Sharma Books | Novel | Stories download free pdf

तलाश - गुम हुए पति की - 1

by किशनलाल शर्मा
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शाम के सात बजेदूर पहाड़ियों के पीछे सूरज धीरे धीरे ढल रहा था। ढलते सूरज की किरणों ने बर्फ ...

रेल सेवा कुछ यादें, कुछ किस्से--8

by किशनलाल शर्मा
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और अगली साल1972 में। मेरे होने वाले साले कमल की शादी थी। और मेरे पास भी कार्ड आया और ...

रेल सेवा कुछ यादें, कुछ किस्से--7

by किशनलाल शर्मा
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और आसमान से आतिश बाजी होने लगी। हवाई जहाज आते और आफरा तफरी में चले जाते। हमें किसी की ...

रेल सेवा कुछ यादें, कुछ किस्से--छः

by किशनलाल शर्मा
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ये ट्रेन थी। पश्चिम रेलवे की7उप और 8डाउन यह ट्रेन आगरा और बीकानेर के बीच चलती थी।101व 102 ट्रेन ...

जिंदगी के रंग हजार - 19

by किशनलाल शर्मा
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कुछ बाते पहले स्कूल के दिनों कीबहुत से लोग होते है जिन्हें स्कूल की बाते याद रहती है।मुझे याद ...

रेल सेवा कुछ यादें, कुछ किस्से--पांच

by किशनलाल शर्मा
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औरतीन दिन मैं रिटायरिंग रुम में रुका।फिर मैंने चौबेजी से कहा,"किराए पर कमरा दिला दोऔर फिर उन्होंने राम करण ...

मैं जिंदा हूं

by किशनलाल शर्मा
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"कितनी बार कहा है, मनहूस,कलमुंही, घर से कोई शुभ काम को बाहर जाए तो सामने मत पड़ा करआज फिर ...

रेल सेवा कुछ यादें, कुछ किस्से--चार

by किशनलाल शर्मा
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लेकिनमैं भरतपुर ज्वाइन नहीं कर सका।मेरा पुलिस सत्यापन का फॉर्म नहीं भरा गया था। इसलिए मुझे वापस बांदीकुई आना ...

रेल सेवा कुछ यादें, कुछ किस्से--तीन

by किशनलाल शर्मा
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कोचिंग क्लर्क की ट्रैनिंग मे हम कुल 15 लोग थे।इनमें से हम 9 लड़के अनुकम्पा के आधार पर आए ...

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा - 17

by किशनलाल शर्मा
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और सैनिक अंगद को राजसभा के अंदर लेकर आये थे।अंगद को बैठने के लिये आसन नही दिया तब,उन्होंने स्वयं ...