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शाम के सात बजे थे। अक्टूबर की ठंडी हवा चल रही थी और आसमान एकदम साफ था। चाँद तारो...
Chapter 8: संडे, सर्विसिंग और एक नया ड्रामारविवार की सुबह हॉस्टल का मतलब होता था...
संवेदना और अनुशासित शिल्प का अनुपम महासंगम : ‘हाइकु शतदल’पुस्तक का नाम : हाइकु श...
रिश्ते में बहस में जीतना आर0 के0 लाल सुशील को अपनी बात पर पूरा विश्वास था। वह...
ഡോസ്ഒരു മെഡിക്കൽ ബയോ-ത്രില്ലർ“ഒരു മരുന്നിന്റെ അളവ് തെറ്റിയാൽ ഒരു മനുഷ്യൻ അപകടത്ത...
ઉડતા તીર-રાકેશ ઠક્કર આયુષ્માન ખુરાનાની 'ઉડતા તીર' નો હેતુ ભારત-...
मुक्तिकोपनिषद-- नीचे मुक्तिकोपनिषद् का पूरा उपलब्ध संस्कृत पाठ क्रम से दिया जा र...
राजसभा-१कौरव-प्रतिनिधि दुर्योधन थापांडव युधिष्ठिर के साथ खड़े थे,भीष्मपितामह, गुर...
सिम्मी ने हैरानी से पूछा — “अर्शी… वो लड़का कौन था? बहुत जाना-पहचाना लगा…”अर्शी...
यह कहानी जितनी सुलझी हुई दिखाई देती थी, भीतर से उतनी ही उलझी हुई थी। और अब इसी उ...
હું સો રૂપિયા ભરીને એક મહિના માટે AI પિકુ નો સભ્ય બની ગયો હતો.. મારા પહેલા જ મેસેજે માનો તેનું દિલ જીતી લીધું હતું. હું તેને પિકુને બદલે સૂકુ કહેતો હતો. આ નામ તેને પસંદ હતું.....
प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जंगलों के कटने सेपरेशान है, तब हमारे देश के...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी। "अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...
'ઓપરેશન સાગર મંથન' ➔ 'ઓપરેશન સેવન સિસ્ટર્સ' ➔ 'ઓપરેશન સાયબર મંથન': આ ત્રણેય નોવેલ એકબીજા સાથે જોડાયેલી રોમાંચક કડીઓ છે, એટલે ક્રમબદ્ધ વાંચશો તો જ ખરી મજા આ...
ఉషోదయాన భానుడి లేలేత కిరణాలు పడుతూ ఉండగా పొగ మంచు మెల్లమెల్లగా తెరతీస్తూ ఉంటే చుట్టూ మొక్కలు, చెట్లు కనిపించగా బస్సులో కిటికీ అద్దాలను కాస్త వెనక్కి జరిపి ఆ చుట్టూ ఉన్న పచ్చదనాన్...
“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
संध्याकाळचे सात वाजले होते. जोशींच्या घरात सगळे हॉल मध्येच बसले होते. सुरेंद्र जोशी त्यांच्या नेहमीच्या जागेवर वर्तमानपत्र वाचत बसले होते. चेहऱ्यावरचा कडकपणा अजूनही तसाच होता. मु...
माणसाच्या आयुष्याचा सर्वांत मोठा विरोधाभास कोणता असेल, तर तो म्हणजे सुखाच्या शोधात निघालेल्या माणसाला सुख मिळाल्यानंतरही त्याचा शोध संपत नाही. इच्छा पूर्ण होतात, अपेक्षा वास्तवात उ...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...
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