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પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો By Dhamak

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ મા ખૂબ યાદ આવે છે. એક અકસ્માતમાં તે અચાનક ૧૫ વર્ષ પાછળ ૨૧ વર્ષની ઉંમરમા...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
उम्र लगभग चालीस...

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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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मौत का डर By Irfan ayan Khan

[दृश्य 1]
स्थान: घर का आंगन / हॉल
समय: शाम का वक्त

सूरज ढल रहा है और आसमान में हल्की लाली छाई हुई है। घर के अंदर हवा में एक सुकून और अपनापन घुला हुआ है।
आंगन में पाँच साल का...

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उम्मीदों की छाँव By mahendr Kachariya

यह कहानी आधुनिक समाज, रिश्तों की उथल-पुथल, मानवीय मूल्यों और संघर्ष के बीच उम्मीद की एक किरण ढूँढने की यात्रा है। कहानी का मुख्य पात्र 'राघव' है, जो शहर की चमक-धमक से दूर अ...

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డార్క్ నెట్ ఎపిసోడ్ By Abdul Sattar

ఇండియా ప్రజలకి unknown నంబర్స్ నుండి కాల్స్ వస్తుంటాయి. ఆ కాల్స్ లిఫ్ట్ చేసిన ప్రతి ఒకరు చెవి నుండి రక్తం కారి కిందపడి గిల్ల గిల్ల కొట్టుకుంటూ చనిపోతుంటారు.అసలు ఇండియా ప్రజలందరికీ...

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में और मेरे अहसास By Dr Darshita Babubhai Shah

में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...

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तुम हो तो सब कुछ है By Ankit Khatri

एक नई शुरुआत

सुबह के करीब छह बजे थे।

छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...

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हैवान By aakash kumar

उस रात जंगल ज़रूरत से ज्यादा खामोश था। इतना खामोश कि नील को सूखी पत्तियों पर पड़ते अपने ही जूतों की आवाज़ किसी हथौड़े की तरह सुनाई दे रही थी। हवा ठंडी थी, पर उसके माथे पर पसीने की...

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छठी मैया का आशीर्वाद. By Aloka Patel

गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था।

सुबह के पाँच बजे थे।

आसमान अभी अँधेरा था, लेकिन पूरब की दिशा में हल्की लालिमा दिखाई देने लगी थी। दूर मंदिर...

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પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો By Dhamak

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ મા ખૂબ યાદ આવે છે. એક અકસ્માતમાં તે અચાનક ૧૫ વર્ષ પાછળ ૨૧ વર્ષની ઉંમરમા...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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मौत का डर By Irfan ayan Khan

[दृश्य 1]
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समय: शाम का वक्त

सूरज ढल रहा है और आसमान में हल्की लाली छाई हुई है। घर के अंदर हवा में एक सुकून और अपनापन घुला हुआ है।
आंगन में पाँच साल का...

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उम्मीदों की छाँव By mahendr Kachariya

यह कहानी आधुनिक समाज, रिश्तों की उथल-पुथल, मानवीय मूल्यों और संघर्ष के बीच उम्मीद की एक किरण ढूँढने की यात्रा है। कहानी का मुख्य पात्र 'राघव' है, जो शहर की चमक-धमक से दूर अ...

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డార్క్ నెట్ ఎపిసోడ్ By Abdul Sattar

ఇండియా ప్రజలకి unknown నంబర్స్ నుండి కాల్స్ వస్తుంటాయి. ఆ కాల్స్ లిఫ్ట్ చేసిన ప్రతి ఒకరు చెవి నుండి రక్తం కారి కిందపడి గిల్ల గిల్ల కొట్టుకుంటూ చనిపోతుంటారు.అసలు ఇండియా ప్రజలందరికీ...

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में और मेरे अहसास By Dr Darshita Babubhai Shah

में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...

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तुम हो तो सब कुछ है By Ankit Khatri

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हैवान By aakash kumar

उस रात जंगल ज़रूरत से ज्यादा खामोश था। इतना खामोश कि नील को सूखी पत्तियों पर पड़ते अपने ही जूतों की आवाज़ किसी हथौड़े की तरह सुनाई दे रही थी। हवा ठंडी थी, पर उसके माथे पर पसीने की...

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छठी मैया का आशीर्वाद. By Aloka Patel

गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था।

सुबह के पाँच बजे थे।

आसमान अभी अँधेरा था, लेकिन पूरब की दिशा में हल्की लालिमा दिखाई देने लगी थी। दूर मंदिर...

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