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  • ప్రణయ గీతిక - 43

    ప్రభ  ధనుష్ మనుషులను కొట్టిన తర్వాత సారంగ దంపతులు ఎందుకు చనిపోయారో చెబుతారు."సార...

  • सोनिया को सतीश से प्यार - 1

    सुबह का समय था।शहर की सड़कों पर रोज की तरह लोगों की भीड़ थी। कोई ऑफिस जाने की जल...

  • ધીરગંભીર - ૧૧

    અહીં અશોકની અને એના માતા પિતાની સ્થિતિ ખૂબ કઠિન હતી અને ત્યાં ચેતના એના પિયર હતી...

  • ਨੀਲਾ ਆਕਾਸ਼

    ਨੀਲਾ ਆਕਾਸ਼ਸੁਪਨਿਆਂ, ਸੰਘਰਸ਼ ਅਤੇ ਉਮੀਦ ਦੀ ਕਹਾਣੀਅਧਿਆਇ 1 — ਆਕਾਸ਼ ਵੱਲ ਤੱਕਦੀ ਕੁੜੀਆਸ਼ਾਪੁਰ...

  • शाट्यायनी उपनिषद

    शाट्यायनी उपनिषद -- नीचे शुक्ल यजुर्वेदान्तर्गत शाट्यायनीय उपनिषद् का मूल संस्कृ...

  • અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી - પ્રકરણ - 114

    પ્રકરણ-114                                                    અનોખી સફર       સો...

  • Bhai Dooj

    Bhai Dooj is an encouraging Indian ceremony that celebrates the bond between bro...

  • रावण गाइड - भाग 5

    रावण के दस सिर उसकी पहचान का एक प्रमुख हिस्सा हैं। रामायण की अलग-अलग परंपराओं मे...

  • Her Silent Secret - 42

    कुछ हफ्ते बीत चुके थे। पहाड़ियों की ठंडी हवा और डॉ. आर्यन की नियमित थेरेपी ने सं...

  • चक्रवात

                     1 शशि की बेहोशी जब...

गुल–दास्तां By Lalit Kishor Aka Shitiz

कुछ कहानियाँ धूप में सूख चुके फूलों की तरह होती हैं—मुरझाई नहीं होतीं, बस वक़्त के पन्नों में दबकर पुरानी हो जाती हैं। उनमें अब भी रंग होते हैं, पर हल्के; उनमें अब भी ख़ुशबू होती ह...

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Jay Shivray mitra Mandal By Amol

मी जय शिवराय मित्र मंडळ ✨

छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या या पवित्र पावन भूमीत तुम्ही नेहमीच मला त्यांची आठवण होत राहील व त्यांच्याच प्रमाणे माझ्यातही जिद्द आणि विशेष गुण येतील असे...

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ভোটের রঙ By SAKTI BISWAS

গ্রামের সকাল, ভোটের গন্ধপশ্চিমবঙ্গের এক প্রত্যন্ত গ্রাম—গোপালপুর। এই ছোট্ট গ্রামের, চারদিকে সবুজ ধানক্ষেত, গাঁয়ের ভেতর দিয়ে আঁকাবাঁকা কাঁচা রাস্তা চলে গেছে। একদিকে নদীর বাঁধ, অন্...

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वो जो मैं नहीं था By Rohan

स्थान: नासिक, महाराष्ट्र
वर्ष: 2031
---

नासिक के एक शांत मोहल्ले में सुबह की चाय की भाप के साथ एक नाम हवा में गूंजता है —
"आरव… उठ जा बे! आज फिर लेट हो जाएगा!"

22...

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अनपेक्षित. By Vrishali Gotkhindikar

हॅलो निधी अग किती वाजता येते आहेस दुपारी .चार पर्यंत पोचते ग प्रिया ..चार .?..अग इतका का उशीर ?..कार्यक्रम पाचला सुरु आहे माहित आहे न ?आणि जीजू येणार आहेत चार पर्यंत त्याआधी तरी...

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કાંટાળી ટેકરીથી સાદ By SUNIL ANJARIA

એ એક ઠંડી રાત હતી. શિયાળાની અંધારી રાત અને ઠંડી તો કહે મારું કામ. ઠંડી તો એવી કે જાણે ચામડીમાંથી ઉતરી હાડકાં પર, બારીના કાચ પર બરફ જામે એમ જામી ગઈ હોય.

દર્શક એવી ગાઢ ઠંડીમાં ર...

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बीते समय की रेखा By Prabodh Kumar Govil

राजस्थान के टोंक जिले में लड़कियों का एक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय है। ये पिछली सदी के तीसरे दशक के बीतते- बीतते एक छोटे से विद्यालय के रूप में शुरू हुआ था।

दरअसल इसके शुरू होन...

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આસમાની રંગની છત્રી રે.. By SUNIL ANJARIA

રસ્કિન બોન્ડ જન્મે બ્રિટિશ, વર્ષોથી ઉત્તરાંચલ માં રહેતા બાળવાર્તાઓ જાણીતા લેખક છે. તેઓ અંગ્રેજીમાં લખે છે પણ એમની વાર્તાઓની પૃષ્ઠભૂમિમાં ઉત્તરાંચલ ના પહાડી પ્રદેશનાં ગામો અને એનું...

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कश्मीर भारत का एक अटूट हिस्सा By Chanchal Tapsyam

"मै सोने जा रहा हूँ कल सुबह अगर तुम्हे भारतीय सैनिक विमान की आवाज सुनाई न दे ... तो मुझे गोली मार देना।"

यह कोई और नहीं महाराजा हरिसिंह ही थे जिन्होंने कहा था कि अगर हिं...

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टीस - पहली बार देखा था उसे By Shayar KK Shrivastava

"कभी-कभी कुछ लोग ज़िंदगी में यूँ दाख़िल होते हैं जैसे हवा— वे नज़र तो नहीं आते, मगर महसूस होते हैं।"

कॉलेज का पहला दिन था। नई जगह, नए चेहरे, और पुराने ख़्याल जो मन में उथ...

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वो जो मैं नहीं था By Rohan

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वर्ष: 2031
---

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"आरव… उठ जा बे! आज फिर लेट हो जाएगा!"

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