The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
सुबह Aashi अपनी डायरी खोले बैठी थी। रात को लिखी गई कहानी का आखिरी पन्ना अभी भी अ...
युवराज को गाड़ी से उतरता देख ऋषभ अपने हाथों को फोल्ड करके गेट पर खड़ा हुआ उसे ही...
अध्याय:01खजाना: 'मानसिक पूंजी' की अनकही कथा आर्यन शहर का एक उभ...
अगला दृश्य...एक खूबसूरत रेस्टोरेंट...बाहर से देखने पर वह जगह किसी सपने जैसी लग र...
लघुकथा 1सच्चा धर्म"जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति बहुत ही नाजुक है। यदि तुरंत ए....
भाग 1 — माँ की लाडली मुस्कानमुस्कान… नाम जितना प्यारा था, उसकी जिंदगी भी उतनी ही...
भाग 10 — पहले प्रेम का एहसासजब विभा ने एकार्थ्य के सामने अपने मन की सारी बातें औ...
कुछ खूबसूरत दिन पहाड़ों में बिताने के बाद रितांश और सिद्धिदात्री आखिरकार घर लौट...
अनकही कहानियाँ(लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाज़िंदगी में कुछ कहान...
१ — किस्मत इंसान हर चीज़ से लड़ सकता है।मुश्किल हालात से। लोगों से। अपने डर से भ...
??घंटी ?? छबिली लैला से, " ये बात बात में तू घंटी क्यों बजाती रहती है ?" लैला, "क्या करूँ यार तुझे तो पता ही है तेरे जीजाजी स्कूल मास्टर हैं , चिल्ला चिल्ला के मर...
ये मेरी पहली कहानी है! मातृभारती पर! अगर कोई भी गलती हुई हो तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ ! गुटखा चबाते हुये बड़े ही स्टाईल से जब चरणनन्दन ने घर में प्रवेश लिया तभी अचानक से उसके सिर पर...
आप सभी प्रेरक पाठक गणों को मेरा (संदीप सिंह का) राम-राम, गुरु आप लोग खुशहाल और चकाचक (स्वस्थ) होंगे| ईश्वर का आशीर्वाद आप सभी पर सदैव बना रहे और अना-पेक्षित हालातों की बारिश मे छात...
“अरे अंकल! चल रहे हैं “? राहुल ने पूछा। कहां चलना है, पूछने पर राहुल ने उत्तर दिया, “आपको पता नहीं है, दो दिन पहले राकेश अंकल गिर पड़े थे जिससे उनके कमर की हड्डी टूट गई थी, अस्प...
मेरी मति मारी गयी थी कि पिछले साल मई की एक दुपहरिया में "मर्द उद्धार शिविर" में एक दोस्त के साथ पहुँचा शायद मेरे दोस्त ने मेरी बीवी के सामने मेरी बोलती बन्द जैसी हालत दे...
जूनियर कॉलेज पास करके डिग्री में कदम रखा ही था, ज्यादा कुछ बदलाव नही आया था सिवाय इसके कि, जूनियर कॉलेज में लड़कियों से दोस्ती करने की उम्मीद में नज़रें बिछी रही और यही उम्मीद पास हो...
प्रस्तुत हास्य व्यंग्य के धारावाहिक में एक आम नागरिक मामा मौजी राम और उनके शिष्य सवालीराम के किस्से हैं।अपने पास-पड़ोस में बिखरे हास्य के प्रसंगों को एक दीर्घ कथा सूत्र में पिरो कर...
विनोद को फ़िल्में देखने का बहुत शौक़ था । उसका बस चलता, तो रोज़ एक फ़िल्म देख लेता । लेकिन तब, यानी १९७० के दशक में तो कई फ़िल्में छोटे शहरों और कस्बों तक में भी चार-छः हफ्ते चल ही जाती...
सूचना - ये एक काल्पनिक कहानी है और इसका जीवित यां मृत किसी व्यक्ति से कोई लेनादेना नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो ये महज़ एक संयोग है। इस कहानी को केवल पाठकों के मनोरंजन हेतु लिखा गया ह...
नाम सुनते ही आप सोचने लगेे होंगे । केसरिया वस्त्र , बड़ी बड़ी जटा, हाथ मे कमंडल और चिमटा या किसी नंग धड़ंग शरीर पर भभूत लगाए या किसी इसी तरह के बाबा के बारे में आपको बताने जा र...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser