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अध्याय 1: ख़ामोश कमरा और चाय का कपघड़ी की टिक-टिक आवाज़ उस छोटे से कमरे के सन्नाट...
ध्रुव की ताराभाग - २४लेखिका "अनामिका"कॉलेज पहुँचते ही ध्रुव सबसे पहले तारा को ल...
शेर के बाद का सन्नाटा27 जून 1839 की वह मनहूस शाम थी जब लाहौर के आसमान पर लालिमा...
भाग 15 — आस्था और अंधविश्वासजिलिंगटांडी गाँव के एक छोर पर स्थित विशाल पेड़ के नी...
एपिसोड 52— हवेली का बंद कमरा रात के करीब ग्यारह बज चुके थे। लखनऊ की सड़कों...
संस्मरण मामाजी के आँगन में लगभग 40-42 साल पहले जब मैं प्रायमरी स्कूल में पढ़ता...
आरव और नैना के रिश्ते को अब कई महीने बीत चुके थे।शुरुआत में जो रिश्ता सिर्फ दो ल...
हितेश के यह कहने पर कि "मैं चलता हूँ...", राजू ने सहमी और शर्मिंदा आँखों से उसकी...
0.0 — रामायण और रामायण की व्याख्या में अंतररामायण केवल राम और रावण के बीच हुए यु...
विराट ने कार का रुख घर की तरफ नहीं, बल्कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक पुराने...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी। "अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
एक शहर की लड़की गांव घूमने आती है। उसे क्या पता था कि इस गांव से वापस जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। क्या वो लड़की इस जबरदस्ती के रिश्ते को कभी अपनाएगी? या इस कैद से भाग जाएगी? और ज...
कहानी की शुरुआत एक अंधेरे कमरे से होती है, जहाँ एक लड़की लोहे की चेन से लॉक होती है। फिर कमरे का दरवाज़ा खुलता है और एक आदमी अंदर आता है। वह उस लड़की के पास जाता है और उससे कहता...
"अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में नई भर्ती हुए अधिकारियों की लंबी लाइन खड़ी थी। हर किसी के चेहरे पर तनाव था।...
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी। उम्र लगभग चालीस...
मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस किया था। मेरी पहले की कहानी "दिल से दिल तक: एकतरफा सफर" से यह काफी मिलती-जुलती...
अध्याय 1 : पहली टक्कर रायपुर की सबसे महंगी सड़क पर आज अजीब सा सन्नाटा था। इस सन्नाटे की वजह थी एक काली जी-वैगन। उसकी स्पीड 150 के पार थी और उसके आगे-पीछे पाँच काली स्कॉर्पियो...
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 में मुझसे अनजाने में प्रातिलिपि पर रेटिंग लिख दी गई, जबकि मेरा...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...
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