The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
प्रिय सोना..असेच एकदा आपण टूर वर गेलो होतो सिमला कुलु मनाली तिथे फिरायला लहान लह...
अगला दृश्य...युई एकटक कार की तरफ देख रही थी।फिर जुशेंग की तरफ।उसकी आँखों में साफ...
Kritartha: “Today, it's either me or this demon!”The Rakshasa charged toward...
बरेच दिवस शिवने वैदेहीला मेसेज केलेला नसतो. तिला वाटतं असते कदाचित तिच्यागेल्या...
પ્રકરણ ૬૬: ભાવનગરથી બ્રિટન સુધીની ઊંચી ઉડાન, જાનવી બારૈયાની ગૌરવગાથા અને આનંદનગર...
পর্ব ৯" এবার এখানে চেষ্টা করে দেখি," মন্তঝুলি বললেন।" করুন। আমাদের তিনজনকেই গাছ...
[दृश्य 1]स्थान: मुंबई के कॉलेज का मेन गेटसमय: सुबह के ठीक 8:00 बज रहे हैं।सड़कों...
1. गुरुदक्षिणा के बाद का पहला कदमकलियुग की ओर से अतीत के द्वार तकपिछले अध्याय मे...
હવે આ લગભગ રોજનું થઈ ગયુ હતુ. છેલ્લા બે મહિના થી સોનાલી જોતી કે તેના નાના કાકીજ...
અનિમેષ વિચારોમાં ગરકાવ હતો અને સતત માતાજીને બહેનના કોઈ સમાચાર મળે એવી પ્રાર્થના...
સિમેન્ટમાં દટાયેલા સાત અવાજોની ક્રૂર કથા — ભાગ ૧(નોંધ: આ કાલ્પનિક હોરર કથા છે નબળા હૃદયવાળાએ રાતે ન વાંચવી.)પ્રસ્તાવના — સિમેન્ટને બધું યાદ રહે છે“ઇમારતો પથ્થરની બને છે, પણ તેના પ...
फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला। ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी से नाच रहा था। मौका था करोड़पति कपड़ा व्यापारी बिशम्बर मल्होत्रा की 23 वर्षीय...
গল্পটা চৌধুরী পরিবারের প্রায় দেড়শো বছরের পুরোনো জমিদারবাড়ির। গ্রামের মানুষরা জমিদার বাড়িটিকে বলতো—মৃত্যুমহল। বাড়িটার আসল নাম ছিল মৃণালিনী ভবন। কিন্তু গত চল্লিশ বছর ধরে কেউ...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
वडाखाली सापडलेली बाहुली पावसाळा नुकताच संपला होता. मातीतअजून ओली होती आणि रस्त्याच्या कडेला असलेले हिरव गवत वाऱ्याबरोबर हळूहळू हलत होतं. दिवसा गाव शांत आणि इतर गावासारखं दिसायच...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
भाग - १ रात्रीचे नेमके दोन वाजून सतरा मिनिटे. भिंतीवरच्या जुन्या घड्याळाचा काटा पुढे सरकत होता. प्रत्येक टिक... टिक... टिक... त्या घराच्या शांततेला जखम करत होती. पाऊस नुकत...
रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच लगभग पूरी तरह से शांत हो चुका था। ट्रेन के पहियों की पटरियों से टकराने वाली छुक-छुक की लयबद...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser