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Chapter 5: मिशन बैक-गेटकैंटीन से बाहर निकलते ही तीनों की चाल ऐसी थी मानो कॉलेज क...
हितेश अपनी बाइक चालू करता है और राजू को पीछे बिठाकर उसके गाँव की तरफ निकल पड़ता...
: પ્રકરણ - 1 : હું સો રૂપિયા ભરીને એક મહિન...
સવારના આશરે છ વાગ્યાનો સમય થયો હતો. સૂરજના કુમળા કિરણો વિશાળ બંગલાના કમ્પાઉન્ડમા...
Scene 1 — Aashi, Ariyan & जलन का पहला धुआँ Aashi जैसे ही नीचे आई, उसी पल Ariya...
Fill a chalice with memories— Fill a chalice with the intoxicating memorie...
चाँदनी रात का वादाएक सुंदर से गाँव में राज नाम का एक मेहनती लड़का रहता था। वह बह...
મામા ગાર્ડેનથી ઘરે આવતી વખતે એજ વિચારમાં રહ્યા કે, કુમારે કેમ ફોન ન ઉપાડ્યો? ક્ય...
ययाती : एक साहित्यिक, मानसिक आणि तात्त्विक शोधभाग १ : अतृप्त इच्छांचा अनंत प्रवा...
ध्रुव की ताराभाग - २३लेखिका "अनामिका"रात भर तारा की आँखों में नींद की एक बूँद त...
महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह' २८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...
वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...
મારી એક સવથી વાલી બેન પણી હતી. સ્કૂલ માં સાથે હતા.અને આખા રૂમ ની ડોન હતી. એમ કે તો બી ચાલે. અને જોય ને છોકરા ભાગે. સાઇદ એટલે મારી પ્રિય બની ગેલી.?એના જેવું કોઈ હતું જ ની અને સાઈદ છ...
हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़ "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...
સવારના સાત વાગ્યા હતા. બારીમાંથી સૂરજના કિરણો રૂમમાં ધીમે ધીમે પ્રવેશી રહ્યા હતા. બારી પાસે મૂકેલા છોડના પાંદડા પર રાતના પાણીનાં થોડાં ટીપાં હજુ ચમકી રહ્યા હતા. કાવ્યા રસોડામ...
बचपन की पहली यादें कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें हम चाहकर भी भूल नहीं पाते। वे यादें किसी तस्वीर की तरह हमारे मन में टंगी रहती हैं। वक्त गुजरता जाता है, उम्र बढ़ती जाती है,...
भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँ सुबह छह बजे अलार्म बजा। मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा। बगल में उसकी पत्नी निशा अभी सो रही थी। सामने की द...
सुहाला आज कॉलेज मधून निघताना नेहमीपेक्षा उशिर झाला होता. तिची बस निघून गेली होती . पुढील बस एक - दीड तासानंतर होती . इतका वेळ बसस्टॉप वर बसून वाट पाहण्यापेक्षा तिला स्टेशनवर बसून व...
प्रिया पाठको,, यह एक सामाजिक कहानी है । जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है । अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ?? ....... .......
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