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द्वितिय महायुद्ध By Siddhesh Chaudhari

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह'

२८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...

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तुम हो तो सब कुछ है By Ankit Khatri

एक नई शुरुआत

सुबह के करीब छह बजे थे।

छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...

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इश्क. By om prakash Jain

वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...

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બેસ્ટ મિત્ર. By bhuri

મારી એક સવથી વાલી બેન પણી હતી. સ્કૂલ માં સાથે હતા.અને આખા રૂમ ની ડોન હતી. એમ કે તો બી ચાલે. અને જોય ને છોકરા ભાગે. સાઇદ એટલે મારી પ્રિય બની ગેલી.?એના જેવું કોઈ હતું જ ની અને સાઈદ છ...

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कॉल By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...

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સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવો By Aloka Patel

સવારના સાત વાગ્યા હતા.

બારીમાંથી સૂરજના કિરણો રૂમમાં ધીમે ધીમે પ્રવેશી રહ્યા હતા. બારી પાસે મૂકેલા છોડના પાંદડા પર રાતના પાણીનાં થોડાં ટીપાં હજુ ચમકી રહ્યા હતા.

કાવ્યા રસોડામ...

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मेरी जिंदगी का सफर. By Ankit Khatri

बचपन की पहली यादें

कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें हम चाहकर भी भूल नहीं पाते।

वे यादें किसी तस्वीर की तरह हमारे मन में टंगी रहती हैं। वक्त गुजरता जाता है, उम्र बढ़ती जाती है,...

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एक पुरुष—सबके बीच अकेला By Aloka Patel

भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँ

सुबह छह बजे अलार्म बजा।

मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा।

बगल में उसकी पत्नी निशा अभी सो रही थी। सामने की द...

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भिकारी By suchitra gaikwad Sadawarte

सुहाला आज कॉलेज मधून निघताना नेहमीपेक्षा उशिर झाला होता. तिची बस निघून गेली होती . पुढील बस एक - दीड तासानंतर होती . इतका वेळ बसस्टॉप वर बसून वाट पाहण्यापेक्षा तिला स्टेशनवर बसून व...

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सजा.....बिना कसूर की By Soni shakya

प्रिया पाठको,,

यह एक सामाजिक कहानी है ।

जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है ।

अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ??

....... .......

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द्वितिय महायुद्ध By Siddhesh Chaudhari

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह'

२८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज एका ऐतिहासिक...

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तुम हो तो सब कुछ है By Ankit Khatri

एक नई शुरुआत

सुबह के करीब छह बजे थे।

छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...

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इश्क. By om prakash Jain

वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...

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બેસ્ટ મિત્ર. By bhuri

મારી એક સવથી વાલી બેન પણી હતી. સ્કૂલ માં સાથે હતા.અને આખા રૂમ ની ડોન હતી. એમ કે તો બી ચાલે. અને જોય ને છોકરા ભાગે. સાઇદ એટલે મારી પ્રિય બની ગેલી.?એના જેવું કોઈ હતું જ ની અને સાઈદ છ...

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कॉल By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...

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સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવો By Aloka Patel

સવારના સાત વાગ્યા હતા.

બારીમાંથી સૂરજના કિરણો રૂમમાં ધીમે ધીમે પ્રવેશી રહ્યા હતા. બારી પાસે મૂકેલા છોડના પાંદડા પર રાતના પાણીનાં થોડાં ટીપાં હજુ ચમકી રહ્યા હતા.

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मेरी जिंदगी का सफर. By Ankit Khatri

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कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें हम चाहकर भी भूल नहीं पाते।

वे यादें किसी तस्वीर की तरह हमारे मन में टंगी रहती हैं। वक्त गुजरता जाता है, उम्र बढ़ती जाती है,...

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एक पुरुष—सबके बीच अकेला By Aloka Patel

भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँ

सुबह छह बजे अलार्म बजा।

मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा।

बगल में उसकी पत्नी निशा अभी सो रही थी। सामने की द...

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भिकारी By suchitra gaikwad Sadawarte

सुहाला आज कॉलेज मधून निघताना नेहमीपेक्षा उशिर झाला होता. तिची बस निघून गेली होती . पुढील बस एक - दीड तासानंतर होती . इतका वेळ बसस्टॉप वर बसून वाट पाहण्यापेक्षा तिला स्टेशनवर बसून व...

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सजा.....बिना कसूर की By Soni shakya

प्रिया पाठको,,

यह एक सामाजिक कहानी है ।

जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है ।

अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ??

....... .......

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