Best Drama Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


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  • Devil की दास्तान - 4

    ऑफिस का देर रात का सीन। घड़ी में रात के 12 बज रहे हैं। पूरा फ्लोर खाली है। टेबल...

  • Safar e Raigah - 9

     باب ۔کشمیر کی برفیلی اور سرد شام تھی۔ باہر چنار کے درختوں سے پتے گر رہے تھے اور...

  • दो पतियों की लाडली पत्नी - 34

    रात, 2:15 AM — कमरे में हल्का अँधेराखिड़की पर चाँद की हल्की रोशनी गिर रही है। Ka...

मंदिर में तुम - 2 By Sonam Brijwasi

अब ये रोज़ का सिलसिला बन गया था…सुबह की वो पवित्र घड़ी…मंदिर की वही सीढ़ियाँ…और सुनामी और कृतिक का यूँ मिलना…कभी भगवान के सामने खड़े होकर…तो कभी मंदिर के पीछे वाले शांत कोने में बै...

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Shakti ke Shiv - 3 By sheetal

कुशल कुछ पल चुप खड़ा रहा। शक्ति भी अपनी गाड़ी स्टार्ट कर वहाँ से निकल चुकी थी। कुशल उसके जवाब से थोड़ा परेशान था। उसे समझ आ गया था कि पैसों वाली बात उसने गलत तरीके से उठाई, लेकिन अ...

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Devil की दास्तान - 4 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का देर रात का सीन। घड़ी में रात के 12 बज रहे हैं। पूरा फ्लोर खाली है। टेबल पर फाइलें बिखरी हैं। सिमरन थकी हुई कुर्सी पर बैठी-बैठी सो जाती है। उसके मासूम चेहरे पर नींद की झलक ह...

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Safar e Raigah - 9 By Naheed Anis

 باب ۔کشمیر کی برفیلی اور سرد شام تھی۔ باہر چنار کے درختوں سے پتے گر رہے تھے اور ہواؤں میں غضب کی خنکی تھی۔ لائبریری کے ایک کونے میں چھوٹی سی انگیٹھی جل رہی تھی، جس کی آنچ پر چائے...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 34 By Sonam Brijwasi

रात, 2:15 AM — कमरे में हल्का अँधेराखिड़की पर चाँद की हल्की रोशनी गिर रही है। Kabir अपनी तरफ करवट लेकर सोने का नाटक कर रहा है। पर उसकी साँसें गवाह हैं कि वो जाग रहा है।Shreya उसकी...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 3 By RAAHULL SHARMA

अपने घर पहुंच जाती हैं घर की बेरुखी और रोशनी की तन्हाईरोशनी हाँफती हुई घर पहुँची थी, उसका शरीर कांप रहा था और आँखों में खौफ था। उसने सोचा था कि दादी भले ही उसे पसंद न करती हों, लेक...

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અસવાર - ભાગ 10 By Shakti Pandya

ભાગ ૧૦: રણભેરી: મોતની બાજીસમય: રેસની આગલી રાત (કાળી ચૌદશ જેવી અંધારી રાત)સ્થળ: દેવાયતની ડેલીઆવતીકાલે જસદણના મેદાનમાં મહા-મુકાબલો હતો. સાણથલી ગામ તો ક્યારનુંય ઘસઘસાટ ઊંઘતું હતું, પણ...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ - 23 By Firdous kaSak

     તે વ્યક્તિ આવીને બોલ્યા, તમે બધાએ તો એકબીજા સાથે મળી લીધું લાગે. તે વ્યક્તિ આગળ બોલ્યા, મિસ્ટર અથર્વ આ મારો દીકરો છે આર્યન ચોપડા.      આ તમારો દીકરો છે મિસ્ટર રજત ચોપડા. મીરા...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 19 By Priya Chaudhary

(एक ठंडी हवा का झोंका जो कोठरी की सलाखों से टकराकर एक लंबी 'सीटी' जैसी आवाज़ पैदा कर रहा है। आर्यन की धड़कनें किसी पुरानी घड़ी की तरह तेज़ और लयबद्ध तरीके से बज रही हैं। उस...

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MTNL की घंटी - 23 By kalpita

रात का समय था। हवाओं में हल्की ठंडक घुली थी और डाइनिंग हॉल में गर्माहट थी — प्यार, रिश्तों और स्वाद से भरी।टेबल पर तरह-तरह के व्यंजन सजे थे — शाही पनीर, तंदूरी रोटी, पुलाव, गुलाब ज...

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માતૃત્વની મજબૂરી By Ashoksinh jadeja

ગામના છેવાડે આવેલા એક કાચા મકાનની ઓસરીમાં બેસીને આકાશ પોતાની ફાટેલી ચોપડીઓના પાના ફેરવી રહ્યો હતો. આકાશ માત્ર ૨૩ વર્ષનો હતો, પણ તેના ચહેરા પર છવાયેલી ચિંતાની રેખાઓ તેની ઉંમર કરતા મ...

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నిస్వార్థ ప్రేమానురాగం By swathi

శీర్షిక: పొద్దుతిరుగుడు పువ్వు సూర్యుడి వైపే ఎందుకు తిరుగుతుంది? దాని వెనుక ఉన్న ఒక అందమైన, నిస్వార్థమైన ప్రేమ కథ... నా ఊహల్లోంచి వచ్చిన చిన్న ప్రయత్నం."కథ : నిస్వార్థ ప్రేమానురాగం...

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વર્કિંગ વુમન By Aloka Patel

શું આટલું જ બોલવું સફિસેન્ટ છે.કે પછી એને કામચોર, આળસુ, બેજવાબદાર એ પણ બોલી શકાય????આ સમાજ માં નોકરી કરવી એ એક શોખ થઈ ગયો છે... લોકો કે છે એતો એને કામ ના કરવું પડે એટલે નોકરી કરે છ...

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अनकहा जुनूँ - 7 By Priya Chaudhary

(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजू...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10 By Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी में अब भी लाल साड़ी का वो फटा हुआ टुकड़ा था…और तभी उसने उसे देखा।एक सफेद अनारकली व...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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मंदिर में तुम - 2 By Sonam Brijwasi

अब ये रोज़ का सिलसिला बन गया था…सुबह की वो पवित्र घड़ी…मंदिर की वही सीढ़ियाँ…और सुनामी और कृतिक का यूँ मिलना…कभी भगवान के सामने खड़े होकर…तो कभी मंदिर के पीछे वाले शांत कोने में बै...

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Shakti ke Shiv - 3 By sheetal

कुशल कुछ पल चुप खड़ा रहा। शक्ति भी अपनी गाड़ी स्टार्ट कर वहाँ से निकल चुकी थी। कुशल उसके जवाब से थोड़ा परेशान था। उसे समझ आ गया था कि पैसों वाली बात उसने गलत तरीके से उठाई, लेकिन अ...

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Devil की दास्तान - 4 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का देर रात का सीन। घड़ी में रात के 12 बज रहे हैं। पूरा फ्लोर खाली है। टेबल पर फाइलें बिखरी हैं। सिमरन थकी हुई कुर्सी पर बैठी-बैठी सो जाती है। उसके मासूम चेहरे पर नींद की झलक ह...

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Safar e Raigah - 9 By Naheed Anis

 باب ۔کشمیر کی برفیلی اور سرد شام تھی۔ باہر چنار کے درختوں سے پتے گر رہے تھے اور ہواؤں میں غضب کی خنکی تھی۔ لائبریری کے ایک کونے میں چھوٹی سی انگیٹھی جل رہی تھی، جس کی آنچ پر چائے...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 34 By Sonam Brijwasi

रात, 2:15 AM — कमरे में हल्का अँधेराखिड़की पर चाँद की हल्की रोशनी गिर रही है। Kabir अपनी तरफ करवट लेकर सोने का नाटक कर रहा है। पर उसकी साँसें गवाह हैं कि वो जाग रहा है।Shreya उसकी...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 3 By RAAHULL SHARMA

अपने घर पहुंच जाती हैं घर की बेरुखी और रोशनी की तन्हाईरोशनी हाँफती हुई घर पहुँची थी, उसका शरीर कांप रहा था और आँखों में खौफ था। उसने सोचा था कि दादी भले ही उसे पसंद न करती हों, लेक...

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અસવાર - ભાગ 10 By Shakti Pandya

ભાગ ૧૦: રણભેરી: મોતની બાજીસમય: રેસની આગલી રાત (કાળી ચૌદશ જેવી અંધારી રાત)સ્થળ: દેવાયતની ડેલીઆવતીકાલે જસદણના મેદાનમાં મહા-મુકાબલો હતો. સાણથલી ગામ તો ક્યારનુંય ઘસઘસાટ ઊંઘતું હતું, પણ...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ - 23 By Firdous kaSak

     તે વ્યક્તિ આવીને બોલ્યા, તમે બધાએ તો એકબીજા સાથે મળી લીધું લાગે. તે વ્યક્તિ આગળ બોલ્યા, મિસ્ટર અથર્વ આ મારો દીકરો છે આર્યન ચોપડા.      આ તમારો દીકરો છે મિસ્ટર રજત ચોપડા. મીરા...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 19 By Priya Chaudhary

(एक ठंडी हवा का झोंका जो कोठरी की सलाखों से टकराकर एक लंबी 'सीटी' जैसी आवाज़ पैदा कर रहा है। आर्यन की धड़कनें किसी पुरानी घड़ी की तरह तेज़ और लयबद्ध तरीके से बज रही हैं। उस...

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MTNL की घंटी - 23 By kalpita

रात का समय था। हवाओं में हल्की ठंडक घुली थी और डाइनिंग हॉल में गर्माहट थी — प्यार, रिश्तों और स्वाद से भरी।टेबल पर तरह-तरह के व्यंजन सजे थे — शाही पनीर, तंदूरी रोटी, पुलाव, गुलाब ज...

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માતૃત્વની મજબૂરી By Ashoksinh jadeja

ગામના છેવાડે આવેલા એક કાચા મકાનની ઓસરીમાં બેસીને આકાશ પોતાની ફાટેલી ચોપડીઓના પાના ફેરવી રહ્યો હતો. આકાશ માત્ર ૨૩ વર્ષનો હતો, પણ તેના ચહેરા પર છવાયેલી ચિંતાની રેખાઓ તેની ઉંમર કરતા મ...

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నిస్వార్థ ప్రేమానురాగం By swathi

శీర్షిక: పొద్దుతిరుగుడు పువ్వు సూర్యుడి వైపే ఎందుకు తిరుగుతుంది? దాని వెనుక ఉన్న ఒక అందమైన, నిస్వార్థమైన ప్రేమ కథ... నా ఊహల్లోంచి వచ్చిన చిన్న ప్రయత్నం."కథ : నిస్వార్థ ప్రేమానురాగం...

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વર્કિંગ વુમન By Aloka Patel

શું આટલું જ બોલવું સફિસેન્ટ છે.કે પછી એને કામચોર, આળસુ, બેજવાબદાર એ પણ બોલી શકાય????આ સમાજ માં નોકરી કરવી એ એક શોખ થઈ ગયો છે... લોકો કે છે એતો એને કામ ના કરવું પડે એટલે નોકરી કરે છ...

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(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजू...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10 By Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी में अब भी लाल साड़ी का वो फटा हुआ टुकड़ा था…और तभी उसने उसे देखा।एक सफेद अनारकली व...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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