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ज़िद्दी इश्क़ - 22 By Sabreen FA

माज़ ने आस पास देखा लेकिन माहेरा कहि नही थी। वोह गुस्से से चलते हुए रामिश के पास आया और बोला। "माहेरा कहा है?" रामिश ने उसकी बात सुनकर हैरानी से उसे देखा और फिर अपने आस पास देखते हु...

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सफ़र एहसासों का By DrPranava Bharti

लीना खेरिया ------------- एक गुलदस्ता होता है न जिसमें ख़ुशबू होती है, छुअन होती है, रफ़्ता-रफ़्ता चलते कुछ सवाल होते हैं और उसी रफ़्तार से चलते उनके जवाब भी ! वे सब गुम होती दिशाओं के...

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जुआरी फिल्मप्रोड्यूसर - 6 - अंतिम भाग By Brijmohan sharma

(6) फिल्म शुरू  विजय ने अपनी फिल्म का भारी एडवर्टाइजमेंट किया । उसने शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर फिल्म के हाट सीन तथा काश्मीर की वादियों के सुन्दर द्रश्य वाले बेनर लगा दिए ।...

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विविधा - 47 - अंतिम भाग By Yashvant Kothari

47-साँप: हमारे मित्र   साँप का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में डर और एक लिजलिजा अहसास आ जाता है आदमी साँपों से डरता है और उन्हें हानिकारक समझता है; लेकिन वास्तविक स्थिति ऐसी नही...

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ब्राह्मकमल By Jaimini Brahmbhatt

 हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में ब्रह्मकमल को एक अत्यन्त पवित्र फूल माना जाता है। यहाँ के लोगों का विश्वास है कि ब्रह्मकमल के दर्शन मात्र से ही जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।...

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मेरी दादी By Arjit Mishra

बहुत सौभाग्यशाली मानता हूँ खुद को कि मेरी परवरिश एक भरे पूरे परिवार में हुई जहाँ मुझे हर रिश्ते में बहुत प्यार और अपेक्षित सम्मान मिला| कहते हैं कि एक बच्चे के आरंभिक जीवन में दादा...

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साहब - मेरे ताऊजी (पार्ट 1) By Kishanlal Sharma

"बाऊजी का जवाब नही था।नाम था उनका।रोब था"सुरेश बोलामेरे ताऊजी के एल शर्मा बांदीकुई में रेलवे में मेल ड्राइवर थे।लोग उन्हें के एल शर्मा के नाम से जानते थे।पर उनका पूरा नाम था--कन्है...

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भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 20 By Kishanlal Sharma

मेरे बड़े कजिन जगदीश जो गणेश ताऊजी के सबसे बड़े बेटे थे।इन्द्र जो ताऊजी कन्हैया लाल के बड़े बेटे थे और मैं हम तीनों का गुट था और हम में अच्छी पटती थी।मेरे गांव पहुचने के दूसरे दिन मैं...

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