Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


Languages
Categories
Featured Books
  • बांडगूळ

    बांडगूळ                गडमठ पंचक्रोशी शिक्षण प्रसारण मंडळाची अटी तटीची निवडणूक द...

  • गृहलक्ष्मी

    1.     गृहलक्ष्मी एक बार मुझे दोस्त के बेटे के विवाह के रिसेप्शन में जाने का मौक...

  • સપ્રેમ ભેટ

    " મંજુ...એ..મંજુ... " સવારના પહોરમાં મંજુબેનને બહાર હિંચકા પર બેઠેલા કેશુભાઈનો ધ...

शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल - पार्ट 24 By Kaushik Dave

"शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल"( पार्ट -२४)अपराधी कौन है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हैनेक इरादे से मदद करना भी जरूरी हैसामाजिक जीवन में बाधाएं आती रहती है यह बताना मुश्किल है कि कौन...

Read Free

શ્યામ રંગ....લગ્ન ભંગ....6 By Heena Hariyani

 લગભગ આઠેક દિવસ થઇ ગયા ,અનંત અને આરાધના વચ્ચે કોઈ  જ વાતચીત થઈ નથી.  નાનપણની મિત્રતામાં કોઈ દિવસ એવો નતો આવ્યો કે અનંત અને આરાધનાની નારાજગી આટલી લાંબી ચાલી હોય.બન્ને ઝધડતા, ખૂબ ઝધડ...

Read Free

उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

नमस्कार स्नेही मित्रो आशा है दीपावली का त्योहार सबके लिए रोशनी की जगमगाहट लेकर आया है | इस जगमगाहट ने मन के अँधियारों में भी उजाला किया हो तब ही तो दीपावली की जगमगाहट सफ़ल होगी | वह...

Read Free

જીવન એ કોઈ પરીકથા નથી - 6 ( છેલ્લો ભાગ ) By Kaushik Dave

"જીવન એ કોઈ પરીકથા નથી"( સાત હપ્તાની ટુંકી ધારાવાહિક)( ભાગ -૬ છેલ્લો ભાગ)મમ્મી કાયમ કહેતી હતી કે જીવન એ કોઈ પરીકથા નથી.જીવનની વાસ્તવિકતા સ્વીકારવી પડે.હા..સ્વપ્નો જોવા જ જોઈએ.સ્વપ્...

Read Free

नज़रिया By satish bhardwaj

“माँ किधर जा रही हो” 38 साल के युवा ने अपनी 60 वर्षीय वृद्ध माँ को पुकारते हुए कहा। सड़क किनारे खड़े होकर साइकिल पर कुछ सामान बेच रहे एक व्यक्ति के पास जाकर वो वृद्धा रुकी और बोली “य...

Read Free

बांडगूळ By Prof Shriram V Kale

बांडगूळ                गडमठ पंचक्रोशी शिक्षण प्रसारण मंडळाची अटी तटीची निवडणूक दोन तासांवर येऊन ठेपली.धर्मदाय आयुक्तांनी नेमलेल्या प्रशासकाला डोणग्यांनी मॅनेज केलेले.... इलेक्शन प्...

Read Free

गृहलक्ष्मी By DINESH KUMAR KEER

1.     गृहलक्ष्मी एक बार मुझे दोस्त के बेटे के विवाह के रिसेप्शन में जाने का मौका मिला । स्टेज पर खड़ी खुबसूरत नयी जोड़ी को आशीर्वाद देकर मैं नीचे उतर ही रहे था कि दोस्त ने आवाज दे...

Read Free

સપ્રેમ ભેટ By Harsh Soni

" મંજુ...એ..મંજુ... " સવારના પહોરમાં મંજુબેનને બહાર હિંચકા પર બેઠેલા કેશુભાઈનો ધ્રૂજતો અવાજ સંભળાયો. " અરે શું છે પણ ? સવારના પોરમાં મંજુ - મંજુ મંડી પડ્યા છો.. " મંજુબેને છણકો કરત...

Read Free

सपनों की राख By Mr Hussain

सपनों की राख एक ऐसी मार्मिक कहानी है, जो अंजलि की टूटे सपनों और समाज की रूढ़िवादी सोच के बीच के संघर्ष को उजागर करती है। यह कहानी न केवल एक लड़की की आवाज़ है, बल्कि उन लाखों बेटियो...

Read Free

खुदा मिला न बिसाल ए सनम By Sharovan

        खुदा मिला  न बिसाल-ए-सनम   कहानी / शरोवन  ***'चुल्लू भर पानी है, तेरी विदेशी जमीन पर? शर्म नहीं आती तुझे, इस तरह से अपने बाप के लिए कहते हुए? अरे, वह मेहनत नहीं करते, ख...

Read Free

बन्धन प्यार का - 29 By Kishanlal Sharma

नरेश टेक्सी और गाइड करके लौट आया था।हिना बोली"क्या हुआ"एक घण्टे बाद टेक्सी आ जायेगी"और गाइड"वह भी साथ आएगा","तो जल्दी तैयार हो जाओ"मैडम आप बाथरूम खाली करेगी तभी तो मैं अंदर जाऊंगा"...

Read Free

बियाण्याचा कोंबडा By Prof Shriram V Kale

         बियाण्याचा कोंबडा                        तीन कच्चीबच्ची पोरं काशीच्या गळ्यात टाकून लखू धनावडा मेला.दोन कलमं आणि जेमतेम पाच मण भात नी दीड दोन मण नाचणे पिकतील एवढी  तुटपुंजी...

Read Free

शिणुमा शिणुमा By Prof Shriram V Kale

                     शिणुमाशिणुमा      1978मध्ये बी.एड्. होवून आल्यावर राजापूर तालुक्यात विजयदुर्ग खाडी काठावरच्या कुंभवडे या अति दुर्गम गावात शिक्षक म्हणून माझे करियर सुरू झाले.खा...

Read Free

अति वाचालता का दुष्परिणाम By DINESH KUMAR KEER

अति वाचालता का दुष्परिणाम  एक राजा बहुत अधिक बोलता था। उसका मन्त्री विद्वान् और हितचिन्तक था। इसलिये सोचता रहता था कि राजा को कैसे इस दोष से मुक्त करूँ और वह ज्ञान दूँ, जो कि मनुष्...

Read Free

वस्तीची गाडी By Prof Shriram V Kale

वसतीची  गाडी     

   
             जुन 78 ते  जुन 86 या  कालावधित  मी राजापुर तालुक्यात   कुंभवडे हायस्कूल मध्ये शिक्षक म्हणून आणि  नाणार हायस्कूल मध्ये हेडमास्तर म्हणून नोकरी केल...

Read Free

खामोशी का रहस्य - 8 By Kishanlal Sharma

माया ने उन कागजो को पढ़ा था।फिर बोली,"तुंमने तो जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया था।""हैं""फिर अब क्या हो गया जो मुझसे पीछा छुड़ाना चाहते हो।""तुम्हारे साथ जो हुआ उसे लोग जान चुके ह...

Read Free

बॅडकमांड By Prof Shriram V Kale

बॅड कमाण्ड

कमांड-डॉसमध्ये काम करताना गोपूची नजर फिरून फिरून कुंदनकडे वळत राहिली... प्रॉम्पटस् चुकत गेले... मॉनिटरच्या स्क्रीनवर बॅड कमाण्ड.... बॅड कमाण्ड असा रिस्पॉन्स मिळत राहिला...

Read Free

व्यवस्था By DINESH KUMAR KEER

व्यवस्था जंगल में शेर ने एक फैक्ट्री डाली... उसमें एकमात्र काम करने वाली चींटियाँ थी जो समय से आती जाती थीं और फैक्ट्री का सारा काम करती थी।शेर का व्यसाय बहुत ही व्यवस्थित ढंग से च...

Read Free

લાભ પાંચમ By joshi jigna s.

          કારતક સુદ પાંચમ  અને દિવાળીના તહેવારનો  છેલ્લો દિવસ એટલે લાભ પાંચમ. લાભ પાંચમ એ સૌભાગ્ય પંચમી, જ્ઞાન પંચમી, લાખેણી પંચમી તરીકે ઓળખાય છે. ક્યાંક  લાભ પાચમને  સૌભાગ્ય લાભ પ...

Read Free

చిన్న రక్షకుడు By Yamini

ఒకప్పుడు, కొండల మధ్య ఉన్న ఒక గ్రామంలో, రాజన్ అనే రైతు ఉండేవాడు. అతను ఆ ప్రాంతంలో పచ్చని పొలాలు కలిగి ఉన్నాడు మరియు అతని పంటలు అనేక కుటుంబాలను పోషించాయి. కానీ ఒక వేసవిలో భయంకరమైన కర...

Read Free

రైతు మరియు మాయ విత్తనాలు By Yamini

కొండలతో చుట్టుముట్టబడిన ప్రశాంతమైన గ్రామంలో, ముకేశ్ అనే రైతు ఉండేవాడు. పొలాలు చిన్నవే అయినా అంకితభావంతో, కష్టపడి పని చేసేవాడు. ప్రతిరోజూ, ముకేశ్ సూర్యోదయానికి ముందే నిద్రలేచి, తన ప...

Read Free

संघर्ष By Varun Kumar

एक बहुत छोटा शब्द है संघर्ष लेकिन इस शब्द का मतलब केवल वह जानता है जिसमें कुछ करने की काबिलियत होव्यक्ति की कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूं वह कुछ भी करने से बहुत डरता है छोटे-छोटे...

Read Free

दिए की रात By Rahul Narmade ¬ चमकार ¬

भगवान राम जब अयोध्या लौटे थे तब से उनके आने की खुशी मे लोगों ने दिवाली का त्योहार मनाना शुरू किया, कई युग बीत गए, सालों से लोग दिवाली पर पटाखे फोड़ते आए हैं, लेकिन आज अर्वाचीन युग...

Read Free

स्वच्छ पर्यावरण By Sudhir Srivastava

आलेख -स्वच्छ पर्यावरण      मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। जिस तरह से वह अपने जीवनचर्या का क्रियान्वयन और परिणाम का निर्धारण करता है, वैसा ही आगे उसके सामने आता ही है। चाहे वो निजी, प...

Read Free

बेजुबान - 5 By Kishanlal Sharma

पढ़ लेती,"वह बोला ,"मा का है"किसी दूसरे के नाम की चिट्ठी नही पढ़नी चाहिए।"उसकी बात सुनकर वह बोली थी"तुम मुझे दूसरा समझती होनही तोफिर तुम यह क्यो कह रही होगलती हो गयी"शबनम कान पकड़कर म...

Read Free

స్నేహం యొక్క విలువ By Yamini

  ఒక గ్రామంలో సీతా మరియు రమా అనే ఇద్దరు స్నేహితులు నివసించేవారు. సీతా ఒకటి రెండేళ్ల పెద్దది, మరియు రమా చిన్నది. వారు ఎల్లప్పుడూ కలిసి ఆటలాడేవారు. ఒకరోజు, వారికీ ఒక అందమైన పూల తోట క...

Read Free

तुझी माझी रेशीमगाठ..... भाग 1 By Anjali

कधी कधी नशीब ऐक वेगळाच खेळ खेळत ते आपल्याला कळतही नाही... पण शेवटी नशीबाच्या पुढे कोण जाणार... असच कही झालाय आपल्या स्टोरी मध्ये... रुद्र अणि श्रेय याच अचानक लग्न झालं जे त्यांना ह...

Read Free

జీవితం న్యాయమా?అన్యాయమా ? By Yamini

విలువ : ధర్మంఉపవిలువ : సత్ప్రవర్తన.కర్ణుడు , కృష్ణుడి తో ఇలా అన్నాడు – “జీవితం లో నాకు చాలా అన్యాయం జరిగింది. వివాహం కాని యువతికి జన్మించటం నా తప్పా ?నేను పుట్టిన తక్షణమే నా తల్లి...

Read Free

सिर्फ एक रात का मौका दे दे.... By Sharovan

सिर्फ एक रात का मौका दे दे. . . कहानी / शरोवन *** चार साल और छः माह के पश्चात फिर एक बार सिविल कोर्ट का बड़ा हॉलनुमा कमरा आज काफी लोगों से भरा हुआ था. कारण था कि, तनवी और आकाश के मु...

Read Free

शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल - पार्ट 24 By Kaushik Dave

"शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल"( पार्ट -२४)अपराधी कौन है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हैनेक इरादे से मदद करना भी जरूरी हैसामाजिक जीवन में बाधाएं आती रहती है यह बताना मुश्किल है कि कौन...

Read Free

શ્યામ રંગ....લગ્ન ભંગ....6 By Heena Hariyani

 લગભગ આઠેક દિવસ થઇ ગયા ,અનંત અને આરાધના વચ્ચે કોઈ  જ વાતચીત થઈ નથી.  નાનપણની મિત્રતામાં કોઈ દિવસ એવો નતો આવ્યો કે અનંત અને આરાધનાની નારાજગી આટલી લાંબી ચાલી હોય.બન્ને ઝધડતા, ખૂબ ઝધડ...

Read Free

उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

नमस्कार स्नेही मित्रो आशा है दीपावली का त्योहार सबके लिए रोशनी की जगमगाहट लेकर आया है | इस जगमगाहट ने मन के अँधियारों में भी उजाला किया हो तब ही तो दीपावली की जगमगाहट सफ़ल होगी | वह...

Read Free

જીવન એ કોઈ પરીકથા નથી - 6 ( છેલ્લો ભાગ ) By Kaushik Dave

"જીવન એ કોઈ પરીકથા નથી"( સાત હપ્તાની ટુંકી ધારાવાહિક)( ભાગ -૬ છેલ્લો ભાગ)મમ્મી કાયમ કહેતી હતી કે જીવન એ કોઈ પરીકથા નથી.જીવનની વાસ્તવિકતા સ્વીકારવી પડે.હા..સ્વપ્નો જોવા જ જોઈએ.સ્વપ્...

Read Free

नज़रिया By satish bhardwaj

“माँ किधर जा रही हो” 38 साल के युवा ने अपनी 60 वर्षीय वृद्ध माँ को पुकारते हुए कहा। सड़क किनारे खड़े होकर साइकिल पर कुछ सामान बेच रहे एक व्यक्ति के पास जाकर वो वृद्धा रुकी और बोली “य...

Read Free

बांडगूळ By Prof Shriram V Kale

बांडगूळ                गडमठ पंचक्रोशी शिक्षण प्रसारण मंडळाची अटी तटीची निवडणूक दोन तासांवर येऊन ठेपली.धर्मदाय आयुक्तांनी नेमलेल्या प्रशासकाला डोणग्यांनी मॅनेज केलेले.... इलेक्शन प्...

Read Free

गृहलक्ष्मी By DINESH KUMAR KEER

1.     गृहलक्ष्मी एक बार मुझे दोस्त के बेटे के विवाह के रिसेप्शन में जाने का मौका मिला । स्टेज पर खड़ी खुबसूरत नयी जोड़ी को आशीर्वाद देकर मैं नीचे उतर ही रहे था कि दोस्त ने आवाज दे...

Read Free

સપ્રેમ ભેટ By Harsh Soni

" મંજુ...એ..મંજુ... " સવારના પહોરમાં મંજુબેનને બહાર હિંચકા પર બેઠેલા કેશુભાઈનો ધ્રૂજતો અવાજ સંભળાયો. " અરે શું છે પણ ? સવારના પોરમાં મંજુ - મંજુ મંડી પડ્યા છો.. " મંજુબેને છણકો કરત...

Read Free

सपनों की राख By Mr Hussain

सपनों की राख एक ऐसी मार्मिक कहानी है, जो अंजलि की टूटे सपनों और समाज की रूढ़िवादी सोच के बीच के संघर्ष को उजागर करती है। यह कहानी न केवल एक लड़की की आवाज़ है, बल्कि उन लाखों बेटियो...

Read Free

खुदा मिला न बिसाल ए सनम By Sharovan

        खुदा मिला  न बिसाल-ए-सनम   कहानी / शरोवन  ***'चुल्लू भर पानी है, तेरी विदेशी जमीन पर? शर्म नहीं आती तुझे, इस तरह से अपने बाप के लिए कहते हुए? अरे, वह मेहनत नहीं करते, ख...

Read Free

बन्धन प्यार का - 29 By Kishanlal Sharma

नरेश टेक्सी और गाइड करके लौट आया था।हिना बोली"क्या हुआ"एक घण्टे बाद टेक्सी आ जायेगी"और गाइड"वह भी साथ आएगा","तो जल्दी तैयार हो जाओ"मैडम आप बाथरूम खाली करेगी तभी तो मैं अंदर जाऊंगा"...

Read Free

बियाण्याचा कोंबडा By Prof Shriram V Kale

         बियाण्याचा कोंबडा                        तीन कच्चीबच्ची पोरं काशीच्या गळ्यात टाकून लखू धनावडा मेला.दोन कलमं आणि जेमतेम पाच मण भात नी दीड दोन मण नाचणे पिकतील एवढी  तुटपुंजी...

Read Free

शिणुमा शिणुमा By Prof Shriram V Kale

                     शिणुमाशिणुमा      1978मध्ये बी.एड्. होवून आल्यावर राजापूर तालुक्यात विजयदुर्ग खाडी काठावरच्या कुंभवडे या अति दुर्गम गावात शिक्षक म्हणून माझे करियर सुरू झाले.खा...

Read Free

अति वाचालता का दुष्परिणाम By DINESH KUMAR KEER

अति वाचालता का दुष्परिणाम  एक राजा बहुत अधिक बोलता था। उसका मन्त्री विद्वान् और हितचिन्तक था। इसलिये सोचता रहता था कि राजा को कैसे इस दोष से मुक्त करूँ और वह ज्ञान दूँ, जो कि मनुष्...

Read Free

वस्तीची गाडी By Prof Shriram V Kale

वसतीची  गाडी     

   
             जुन 78 ते  जुन 86 या  कालावधित  मी राजापुर तालुक्यात   कुंभवडे हायस्कूल मध्ये शिक्षक म्हणून आणि  नाणार हायस्कूल मध्ये हेडमास्तर म्हणून नोकरी केल...

Read Free

खामोशी का रहस्य - 8 By Kishanlal Sharma

माया ने उन कागजो को पढ़ा था।फिर बोली,"तुंमने तो जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया था।""हैं""फिर अब क्या हो गया जो मुझसे पीछा छुड़ाना चाहते हो।""तुम्हारे साथ जो हुआ उसे लोग जान चुके ह...

Read Free

बॅडकमांड By Prof Shriram V Kale

बॅड कमाण्ड

कमांड-डॉसमध्ये काम करताना गोपूची नजर फिरून फिरून कुंदनकडे वळत राहिली... प्रॉम्पटस् चुकत गेले... मॉनिटरच्या स्क्रीनवर बॅड कमाण्ड.... बॅड कमाण्ड असा रिस्पॉन्स मिळत राहिला...

Read Free

व्यवस्था By DINESH KUMAR KEER

व्यवस्था जंगल में शेर ने एक फैक्ट्री डाली... उसमें एकमात्र काम करने वाली चींटियाँ थी जो समय से आती जाती थीं और फैक्ट्री का सारा काम करती थी।शेर का व्यसाय बहुत ही व्यवस्थित ढंग से च...

Read Free

લાભ પાંચમ By joshi jigna s.

          કારતક સુદ પાંચમ  અને દિવાળીના તહેવારનો  છેલ્લો દિવસ એટલે લાભ પાંચમ. લાભ પાંચમ એ સૌભાગ્ય પંચમી, જ્ઞાન પંચમી, લાખેણી પંચમી તરીકે ઓળખાય છે. ક્યાંક  લાભ પાચમને  સૌભાગ્ય લાભ પ...

Read Free

చిన్న రక్షకుడు By Yamini

ఒకప్పుడు, కొండల మధ్య ఉన్న ఒక గ్రామంలో, రాజన్ అనే రైతు ఉండేవాడు. అతను ఆ ప్రాంతంలో పచ్చని పొలాలు కలిగి ఉన్నాడు మరియు అతని పంటలు అనేక కుటుంబాలను పోషించాయి. కానీ ఒక వేసవిలో భయంకరమైన కర...

Read Free

రైతు మరియు మాయ విత్తనాలు By Yamini

కొండలతో చుట్టుముట్టబడిన ప్రశాంతమైన గ్రామంలో, ముకేశ్ అనే రైతు ఉండేవాడు. పొలాలు చిన్నవే అయినా అంకితభావంతో, కష్టపడి పని చేసేవాడు. ప్రతిరోజూ, ముకేశ్ సూర్యోదయానికి ముందే నిద్రలేచి, తన ప...

Read Free

संघर्ष By Varun Kumar

एक बहुत छोटा शब्द है संघर्ष लेकिन इस शब्द का मतलब केवल वह जानता है जिसमें कुछ करने की काबिलियत होव्यक्ति की कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूं वह कुछ भी करने से बहुत डरता है छोटे-छोटे...

Read Free

दिए की रात By Rahul Narmade ¬ चमकार ¬

भगवान राम जब अयोध्या लौटे थे तब से उनके आने की खुशी मे लोगों ने दिवाली का त्योहार मनाना शुरू किया, कई युग बीत गए, सालों से लोग दिवाली पर पटाखे फोड़ते आए हैं, लेकिन आज अर्वाचीन युग...

Read Free

स्वच्छ पर्यावरण By Sudhir Srivastava

आलेख -स्वच्छ पर्यावरण      मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। जिस तरह से वह अपने जीवनचर्या का क्रियान्वयन और परिणाम का निर्धारण करता है, वैसा ही आगे उसके सामने आता ही है। चाहे वो निजी, प...

Read Free

बेजुबान - 5 By Kishanlal Sharma

पढ़ लेती,"वह बोला ,"मा का है"किसी दूसरे के नाम की चिट्ठी नही पढ़नी चाहिए।"उसकी बात सुनकर वह बोली थी"तुम मुझे दूसरा समझती होनही तोफिर तुम यह क्यो कह रही होगलती हो गयी"शबनम कान पकड़कर म...

Read Free

స్నేహం యొక్క విలువ By Yamini

  ఒక గ్రామంలో సీతా మరియు రమా అనే ఇద్దరు స్నేహితులు నివసించేవారు. సీతా ఒకటి రెండేళ్ల పెద్దది, మరియు రమా చిన్నది. వారు ఎల్లప్పుడూ కలిసి ఆటలాడేవారు. ఒకరోజు, వారికీ ఒక అందమైన పూల తోట క...

Read Free

तुझी माझी रेशीमगाठ..... भाग 1 By Anjali

कधी कधी नशीब ऐक वेगळाच खेळ खेळत ते आपल्याला कळतही नाही... पण शेवटी नशीबाच्या पुढे कोण जाणार... असच कही झालाय आपल्या स्टोरी मध्ये... रुद्र अणि श्रेय याच अचानक लग्न झालं जे त्यांना ह...

Read Free

జీవితం న్యాయమా?అన్యాయమా ? By Yamini

విలువ : ధర్మంఉపవిలువ : సత్ప్రవర్తన.కర్ణుడు , కృష్ణుడి తో ఇలా అన్నాడు – “జీవితం లో నాకు చాలా అన్యాయం జరిగింది. వివాహం కాని యువతికి జన్మించటం నా తప్పా ?నేను పుట్టిన తక్షణమే నా తల్లి...

Read Free

सिर्फ एक रात का मौका दे दे.... By Sharovan

सिर्फ एक रात का मौका दे दे. . . कहानी / शरोवन *** चार साल और छः माह के पश्चात फिर एक बार सिविल कोर्ट का बड़ा हॉलनुमा कमरा आज काफी लोगों से भरा हुआ था. कारण था कि, तनवी और आकाश के मु...

Read Free