Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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क्षण सोन्याचा झाला, कृष्ण यशोदेचा झाला - भाग २ By Meenakshi Vaidya

क्षण सोन्याचा झाला, कृष्ण यशोदेचा झाला भाग दुसरामी पण आता हसत खेळत, एक सुंदर आयुष्य सुरू करायला निघाली आहे.सुखी संसाराची स्वप्नं डोळ्यात साठवून मी लग्नाची तयारी करण्यात गुंतले आहे....

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उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

=================== स्नेहिल नमस्कार मित्रो मैं आपसे कई विषयों पर चर्चा करती हूँ। कभी अपने अनुभवों को लेक...

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शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल - पार्ट 15 By Kaushik Dave

"शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल"( Part -15)भावुक व्यक्ति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए निजी व्यक्ति से बात करने को उत्सुक होता है, लेकिन वह अपनी भावनाएं जल्दी व्यक्त नहीं कर पात...

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सन्यासी -- भाग - 30 By Saroj Verma

जयन्त उस वक्त तो वहाँ से चला गया लेकिन उसके मन में कुछ और ही चल रहा था,वो सुहासिनी की जिन्दगी ऐसे बरबाद नहीं होने दे सकता था,उसके मन में जो चल रहा था,उसके लिए वो योजना बना रहा था औ...

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వినాయక చవితి కథ By Yamini

భారతదేశంలో అత్యంత ఉత్సాహంతో మరియు భక్తితో జరుపుకునే ప్రధాన పండుగలలో గణేష్  చతుర్థి ఒకటి. ఈ పండుగ వినాయకుని పుట్టినరోజును సూచిస్తుంది. వినాయకుడుని విఘ్న నాయకుడిగా, శుభములను కలిగించే...

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గురుదేవో భవ: గురువుల గొప్పదనం.. By Yamini

యుగపురుషుల గురించి ఉపన్యాసం ఇవ్వండని పిలిస్తే.. యుగపురుషుడే వచ్చి ఉపన్యసించారు అని కొనియాడారు హోవెల్. నాలో మామూలు మనిషిని దర్శించిన మహర్షి అని కీర్తించారు స్టాలిన్‌. అంతటి జ్ఞాన మహ...

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प्रेम चंद्र कि कहानी मंत्र कि समीक्षा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मंत्र तत्कालीन दो समाजों कि सामाजिक पारिवारिक पृष्ठभूमि विचार व्यक्तित्व के द्वंद कि कहानी है ।डॉ चड्डा जो पेशे से डॉक्टर है और उच्च जीवन शैली के आदि है जिसके कारण वह अपनी मूल जिम्...

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હાલ કાના મને દ્વારીકા બતાવ - 7 (છેલ્લો ભાગ) By Siddharth Maniyar

પ્રકરણ - ૭ એક તરફ વાણીયો અને વાણીયન વડોદરા તો દિકરો ગોપાલ અને વહુ માધવી પૂનામાં રહી જીવન વિતાવી રહ્યા હતા. પૂના ગયા બાદ ગોપાલનું કામ પણ એટલું વધી ગયું હતું કે, તેને વડોદરા આવવાનો સ...

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धोखा या इश्क - 2 By aruhi

5 दिन बाद रियांश ने सच में स्नेहा को रास्ते पर ला खड़ा कर दिया था ,,,,आज स्नेह के पास कुछ नहीं था,,,,,ना ही उसकी इंडस्ट्री ,,,,और ना ही उसका घर,,,,वह इस वक्त एक किराए के घर पर रहती...

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हम साथ साथ है - भाग १२ (अंतिम भाग) By Meenakshi Vaidya

हम साथ साथ है भाग ९वामागील भागावरून पुढे..सकाळी उठल्यापासून सुलूची लगबग चालू होती. दीपक नेहमीप्रमाणे कंपनीच्या बसने निघून गेला होता. आज सकाळी उठताच सुलूला वाटले होते रोज असा रूक्ष...

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सावन का फोड़ - 13 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

अद्याप्रसाद रजवंत मुन्नका एव सुभाषिनी लाडली बेटी जो मात्र चार वर्ष कि ही थी एव बीमार मृत्यु कि प्रतीक्षा कर रही शामली को साथ लेकर कलकत्ता रवाना हुए ।कलकत्ता पहुँचने के बाद शामली कि...

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ઘરડા ગાડાં વાળે... By Sagar Mardiya

‘ઘરડાં ગાડાં વાળે’“રોહન!!! કેટલી વાર?” અનુજાએ ત્રીજીવાર રસોડામાંથી બુમ પાડી.સવારના પોણા સાત વાગી ગયા હતા. દસ વર્ષનો રોહન હજું સુધી સુઈ રહ્યો હતો, જાણે તેને ભણવા જવાની ઈચ્છા જ ના હો...

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పెళుసు బారుతున్న బంధాలు By Yamini

ఒకప్పుడు ఉమ్మడి కుటుంబాలకు మన దేశం పుట్టిల్లు. ఈ వ్యవస్థ దేశానికి ఆత్మ వంటిది. ఉమ్మడి కుటుంబ వ్యవస్థలో తల్లి, తండ్రి, పిల్లలు, తాత, బామ్మలు..ఇలా మూడు, నాలుగు తరాలకు సంబంధించిన వారం...

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धन्वन्तरीचा वसा By Prof Shriram V Kale

धन्वंतरीचा वसाराजा धुवाळ्याला साप चावला. त्याचा चुलता, वाडीतले झिलगे सोबत घेऊन बोंबा मारत भांब्याच्या मांगराकडे आला. दंश करणारं जनावर मारुन त्याने ते बरोबर आणलेलं. जनावर उताणं करुन...

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జనరేషన్ గ్యాప్ - పాత తరం vs కొత్త తరం By Yamini

ఈ ఇంటర్నెట్ యుగంలో, మనమందరం సమాచారాన్ని సులభంగా యాక్సెస్ చేస్తాము; యువ తరం గురించి మనకు ఇప్పటికీ అవగాహన లేదు. మరియు దీనినే మనం జనరేషన్ గ్యాప్ అంటాము. ఇది తల్లిదండ్రులు మరియు పెద్దల...

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शोहरत का घमंड - 98 By shama parveen

तब ईशा बोलती है, "वैसे भी हम स्कूल से दोपहर में आ जाते है और स्कूल से आने के बाद हम फ्री ही रहते हैं"।तब मीनू बोलती है, "मगर इस तरह के आलीशान घर में रह कर हम, रेहड़ी लगाएंगे तो कैस...

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अस्पृश्य हे वीरच आहेत कालचे? By Ankush Shingade

अस्पृश्य हे वीरच आहेत पुर्वीचे? *अस्पृश्य म्हणून गणल्या जाणाऱ्या तत्सम जाती. या जातीत मुख्यत्वे चर्मकार, मातंग, महार व खाटीक यांचा समावेश होतो. ते सुरुवातीपासून शूरच होते. परंतु का...

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क्षण सोन्याचा झाला, कृष्ण यशोदेचा झाला - भाग २ By Meenakshi Vaidya

क्षण सोन्याचा झाला, कृष्ण यशोदेचा झाला भाग दुसरामी पण आता हसत खेळत, एक सुंदर आयुष्य सुरू करायला निघाली आहे.सुखी संसाराची स्वप्नं डोळ्यात साठवून मी लग्नाची तयारी करण्यात गुंतले आहे....

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=================== स्नेहिल नमस्कार मित्रो मैं आपसे कई विषयों पर चर्चा करती हूँ। कभी अपने अनुभवों को लेक...

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शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल - पार्ट 15 By Kaushik Dave

"शुभम - कहीं दीप जले कहीं दिल"( Part -15)भावुक व्यक्ति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए निजी व्यक्ति से बात करने को उत्सुक होता है, लेकिन वह अपनी भावनाएं जल्दी व्यक्त नहीं कर पात...

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सन्यासी -- भाग - 30 By Saroj Verma

जयन्त उस वक्त तो वहाँ से चला गया लेकिन उसके मन में कुछ और ही चल रहा था,वो सुहासिनी की जिन्दगी ऐसे बरबाद नहीं होने दे सकता था,उसके मन में जो चल रहा था,उसके लिए वो योजना बना रहा था औ...

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వినాయక చవితి కథ By Yamini

భారతదేశంలో అత్యంత ఉత్సాహంతో మరియు భక్తితో జరుపుకునే ప్రధాన పండుగలలో గణేష్  చతుర్థి ఒకటి. ఈ పండుగ వినాయకుని పుట్టినరోజును సూచిస్తుంది. వినాయకుడుని విఘ్న నాయకుడిగా, శుభములను కలిగించే...

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గురుదేవో భవ: గురువుల గొప్పదనం.. By Yamini

యుగపురుషుల గురించి ఉపన్యాసం ఇవ్వండని పిలిస్తే.. యుగపురుషుడే వచ్చి ఉపన్యసించారు అని కొనియాడారు హోవెల్. నాలో మామూలు మనిషిని దర్శించిన మహర్షి అని కీర్తించారు స్టాలిన్‌. అంతటి జ్ఞాన మహ...

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प्रेम चंद्र कि कहानी मंत्र कि समीक्षा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मंत्र तत्कालीन दो समाजों कि सामाजिक पारिवारिक पृष्ठभूमि विचार व्यक्तित्व के द्वंद कि कहानी है ।डॉ चड्डा जो पेशे से डॉक्टर है और उच्च जीवन शैली के आदि है जिसके कारण वह अपनी मूल जिम्...

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પ્રકરણ - ૭ એક તરફ વાણીયો અને વાણીયન વડોદરા તો દિકરો ગોપાલ અને વહુ માધવી પૂનામાં રહી જીવન વિતાવી રહ્યા હતા. પૂના ગયા બાદ ગોપાલનું કામ પણ એટલું વધી ગયું હતું કે, તેને વડોદરા આવવાનો સ...

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धोखा या इश्क - 2 By aruhi

5 दिन बाद रियांश ने सच में स्नेहा को रास्ते पर ला खड़ा कर दिया था ,,,,आज स्नेह के पास कुछ नहीं था,,,,,ना ही उसकी इंडस्ट्री ,,,,और ना ही उसका घर,,,,वह इस वक्त एक किराए के घर पर रहती...

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हम साथ साथ है - भाग १२ (अंतिम भाग) By Meenakshi Vaidya

हम साथ साथ है भाग ९वामागील भागावरून पुढे..सकाळी उठल्यापासून सुलूची लगबग चालू होती. दीपक नेहमीप्रमाणे कंपनीच्या बसने निघून गेला होता. आज सकाळी उठताच सुलूला वाटले होते रोज असा रूक्ष...

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सावन का फोड़ - 13 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

अद्याप्रसाद रजवंत मुन्नका एव सुभाषिनी लाडली बेटी जो मात्र चार वर्ष कि ही थी एव बीमार मृत्यु कि प्रतीक्षा कर रही शामली को साथ लेकर कलकत्ता रवाना हुए ।कलकत्ता पहुँचने के बाद शामली कि...

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ઘરડા ગાડાં વાળે... By Sagar Mardiya

‘ઘરડાં ગાડાં વાળે’“રોહન!!! કેટલી વાર?” અનુજાએ ત્રીજીવાર રસોડામાંથી બુમ પાડી.સવારના પોણા સાત વાગી ગયા હતા. દસ વર્ષનો રોહન હજું સુધી સુઈ રહ્યો હતો, જાણે તેને ભણવા જવાની ઈચ્છા જ ના હો...

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పెళుసు బారుతున్న బంధాలు By Yamini

ఒకప్పుడు ఉమ్మడి కుటుంబాలకు మన దేశం పుట్టిల్లు. ఈ వ్యవస్థ దేశానికి ఆత్మ వంటిది. ఉమ్మడి కుటుంబ వ్యవస్థలో తల్లి, తండ్రి, పిల్లలు, తాత, బామ్మలు..ఇలా మూడు, నాలుగు తరాలకు సంబంధించిన వారం...

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धन्वन्तरीचा वसा By Prof Shriram V Kale

धन्वंतरीचा वसाराजा धुवाळ्याला साप चावला. त्याचा चुलता, वाडीतले झिलगे सोबत घेऊन बोंबा मारत भांब्याच्या मांगराकडे आला. दंश करणारं जनावर मारुन त्याने ते बरोबर आणलेलं. जनावर उताणं करुन...

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జనరేషన్ గ్యాప్ - పాత తరం vs కొత్త తరం By Yamini

ఈ ఇంటర్నెట్ యుగంలో, మనమందరం సమాచారాన్ని సులభంగా యాక్సెస్ చేస్తాము; యువ తరం గురించి మనకు ఇప్పటికీ అవగాహన లేదు. మరియు దీనినే మనం జనరేషన్ గ్యాప్ అంటాము. ఇది తల్లిదండ్రులు మరియు పెద్దల...

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शोहरत का घमंड - 98 By shama parveen

तब ईशा बोलती है, "वैसे भी हम स्कूल से दोपहर में आ जाते है और स्कूल से आने के बाद हम फ्री ही रहते हैं"।तब मीनू बोलती है, "मगर इस तरह के आलीशान घर में रह कर हम, रेहड़ी लगाएंगे तो कैस...

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अस्पृश्य हे वीरच आहेत कालचे? By Ankush Shingade

अस्पृश्य हे वीरच आहेत पुर्वीचे? *अस्पृश्य म्हणून गणल्या जाणाऱ्या तत्सम जाती. या जातीत मुख्यत्वे चर्मकार, मातंग, महार व खाटीक यांचा समावेश होतो. ते सुरुवातीपासून शूरच होते. परंतु का...

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