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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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  • The Diary Of Pankaj - English Edition

    The Diary Of PankajBy Pankaj Modak Published By TDOP Publisher, 2026.Copyright P...

  • सावन

    सावन की दोपहर लगभग आधी खत्म हो चुकी थी और ढलते सूरज की सुन्हरी रोशनी से नीम की क...

  • रिश्तों का बाजार

    रिश्तों का बाज़ारसुमन मुंबई से दो दिन के थका देने वाले सफर के बाद अपने मायके चां...

The Diary Of Pankaj - English Edition By Pankaj Modak

The Diary Of PankajBy Pankaj Modak Published By TDOP Publisher, 2026.Copyright Page:-While every precaution has been taken in the preparation of this book, the publisher assumes no...

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द्वितिय महायुद्ध - भाग 8 By Siddhesh Chaudhari

ऑगस्ट १९३४. राष्ट्राध्यक्ष हिंडनबर्गच्या मृत्यूनंतर अ‍ॅडॉल्फ हिटलर आता जर्मनीचा अधिकृत 'फ्युरर' (Führer — सर्वोच्च नेता) बनला होता. त्याच्या हातात आता देशाची, लष्कराची आणि कायद्याच...

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ताटातील विश्वासघात By Mayuresh Patki

शाळेच्या दुपारच्या सुट्टीत हातात ताट घेऊन उभे असलेले मूल जेव्हा गरम जेवणाची वाट पाहत असते, तेव्हा ते फक्त भूक भागवण्यासाठी रांगेत उभे नसते. त्या ताटात त्याच्या शरीराची वाढ, मेंदूचा...

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મૃત્યુ પછીની સફર- એક આત્માની અજાણી દુનિયા તરફની યાત્રા By Aloka Patel

મૃત્યુ…આ શબ્દ સાંભળતાં જ માણસના મનમાં એક અજાણ્યો ભય જન્મે છે.મૃત્યુ પછી શું થાય છે?શું બધું જ સમાપ્ત થઈ જાય છે?શું આત્મા ખરેખર શરીર છોડીને ક્યાંક જાય છે?શું આપણે ફરીથી આપણા પ્રિયજન...

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एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 3 By Aloka Patel

भाग ३ — पापा की अपेक्षाएँमिहिर ने सोचा था कि घर का माहौल अब थोड़ा हल्का हो जाएगा।लेकिन जिंदगी में कुछ शांतियाँ सिर्फ तूफान आने से पहले आती हैं।वह दिन भी सामान्य तरीके से शुरू हुआ।स...

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असहमतीला लगाम By Mayuresh Patki

हैदराबादच्या नाल्सार विद्यापीठातील कायद्याच्या विद्यार्थ्यांनी सरन्यायाधीशांना दीक्षान्त समारंभासाठी प्रमुख पाहुणे म्हणून आमंत्रित करण्यास विरोध केला आणि त्यानंतर सुरू झालेला वाद आ...

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घर की देहरी, पुरुष का दायित्व और सामाजिक ताने By Shivam Kumar Pandey

भारतीय समाज में सदियों से पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर कुछ अघोषित नियम तय रहे हैं। पारंपरिक व्यवस्था में माना जाता रहा है कि पुरुष का मुख्य काम घर से बाहर जाकर आजीविका कम...

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अहमदाबाद के चर्चे By Devendra Kumar

अहमदाबाद के चर्चे            अहमदाबाद में बिताये उन दिनों को भुलाना बड़ा मुश्किल है. तब वह मुसीबत थी कठिन समय था  केवल मेरा ही नहीं बल्कि सभी का. वे कोई सामान्य दिन नहीं थे साधारण स...

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आज का समाज, आज के रीति-रिवाज By Aloka Patel

आज का समाज, आज के रीति-रिवाजएक बदलते समाज की कहानीलेखक: अलोका पटेलअध्याय १ — बदलता समयसमय कभी एक जगह ठहरकर नहीं रहता।कल जो बात हमें असामान्य लगती थी, वह आज सामान्य हो गई है। और आज...

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सावन By Rakesh Kumar Sharma

सावन की दोपहर लगभग आधी खत्म हो चुकी थी और ढलते सूरज की सुन्हरी रोशनी से नीम की काली छाया और लम्बी हो चली थी। इसी नीम की छाया में लखपत अपनी चारपाई पर औंधे मुंह लेटा हुआ था। काफी देर...

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रिश्तों का बाजार By Vandna Sharma

रिश्तों का बाज़ारसुमन मुंबई से दो दिन के थका देने वाले सफर के बाद अपने मायके चांदपुर पहुंची थी। पूरा रास्ता उसके दिल में एक ही अरमान था। भाभी के लिए चूड़ियों का सुंदर सेट, भतीजी के...

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ખાલી ખુરશી By Mahesh

ગામ હતું મોટી વાવ. ગામને નાકે એક જૂનું મકાન. એ મકાનમાં એકલા રહેતા દયારામ કાકા. ઉંમર 75 વર્ષ. ધોળી દાઢી, હાથમાં લાકડી, આંખે જાડા ચશ્મા.દયારામ કાકાના ઘરમાં એક ખાસ વસ્તુ હતી - ફળિયામા...

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राखी सिर्फ धागा नहीं होती By Nisha Choudhary

सावन की रिमझिम फहारों के बीच जब बाज़ार रंग-बिरंगी राखियों से सजे थे, तब राघव अपनी किताबों की अलमारी के सबसे निचले दराज में एक पुरानी लकड़ी की डिब्बी ढूंढ रहा था।उस डिब्बी में कोई क...

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मुर्दो से प्यार By Vandna Sharma

मीना बहुत दिनों बाद अपने मायके जा रही थी। ट्रेन से उतर कर उसने रिक्शा किया। "भैया, नई बस्ती जाना है।""20 रुपये लगेंगे।" रिक्शा वाला बोला।घर पहुँचकर जैसे ही मीना सामान उतार कर पैसे...

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આજનો સમાજ, આજના રિવાજ By Aloka Patel

એક બદલાતા સમાજની કહાનીઅધ્યાય ૧ — બદલાતો સમયસમય ક્યારેય એક જગ્યાએ ઊભો રહેતો નથી.ગઈકાલે જે વાત આપણને અસામાન્ય લાગતી હતી, એ આજે સામાન્ય બની ગઈ છે. અને આજે જે સામાન્ય લાગે છે, કદાચ આવત...

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રીલ સામે રિયલ - દાદીની જીત By રોનક જોષી. રાહગીર

રીલ સામે રિયલ — દાદીની જીત“દાદી... બે મિનિટ!”મોબાઈલના પડદા પર આંગળી ફેરવતી નાની દીકરીએ ઘરના ઓસરીમાંથી જ બૂમ પાડી.રસોડામાં તવા પર રોટલી ફૂલાવી રહેલી એની મમ્મીએ પાછળ વળીને જોયું.“દાદ...

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Between Pages and Strands By Harshil Shah

She stood beside the printer, absorbed in a stack of documents as though every page concealed a small mystery that deserved her patience. There was something almost meditative in t...

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A Women's Realisation: How to love Man By Jiya Vora

A hundred voices wish us a good day before it begins, but we spend our evenings waiting for the one who cares how it actually turned out. The one who genuinely ask "How was your da...

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एक रैगिंग ऐसा भी By Virendra Dewangan

‘‘अबे! कहा न, घुटने को देख। घुटना कहीं का! सिर उठाया, तो मुर्गा बना दूूंगा।’’ मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शाम को सीनियर छात्र यश ने जूनियर सरेश को लताड़ा।‘‘जी-जी, देख ही रहा हूं। कितना...

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यूपी आयला शुल्काचे ग्रहण By Mayuresh Patki

भारतातील डिजिटल व्यवहारांचा समानार्थी शब्द बनलेल्या यूपीआयच्या भवितव्याविषयी सध्या देशभर चर्चा रंगली आहे. लोकसभेने नुकतेच ‘कर व अन्य कायदे (सुधारणा) विधेयक, २०२६’ मंजूर केले असून,...

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Anime - 2 By shifa

ભાગ ૧ માં જોયું કે shin sisuk ને પડી નાખી છે ભાગ ૨ , sisuk કહે છે હું બેહોશ નથી થયું તે મને કેમ પાડયું shin કહે છે અરે હું તો તને બચાવ તી હતી. અછા તો તું આ નાના તળાવ માં ડૂબતો હતો...

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मुंह दिखाई का नेग By Vandna Sharma

रीना जब पहली बार ससुराल गई, तो अजब ही रस्म देखी।जुलाई की चिपचिपी गर्मी, उमस भरा मौसम, और उस पर दुल्हन के भारी-भरकम कपड़े, ज्वैलरी। आते ही सास ने दहलीज पर आरती नहीं उतारी, सीधा पूजा...

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सुनयना By Vrishali Gotkhindikar

“सुनयना आज इन नजारोको तुम देखो और मै तुम्हे देखते हुए देखु “येसुदास गात होता अगदी तन्मयतेने ऑफिस समोरच्या टपरीमध्ये दुपारची जुनी गाणी लागली असावीत ते सुर कानावर पडताच अजिंक्यच्या ओ...

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പുലർകാലത്തെ മഞ്ഞുതുള്ളി By Neeli

പുലർകാലത്തെ മഞ്ഞുതുള്ളിരാത്രിയുടെ അവസാന യാമങ്ങളിലൊന്നായിരുന്നു അത്.ചുറ്റുമുള്ള ലോകം മുഴുവൻ ഉറക്കത്തിലായിരുന്നു. വീടുകളുടെ മുറ്റങ്ങളിൽ കെട്ടിക്കിടന്ന ഇരുട്ടിനിടയിലൂടെ ദൂരെയെവിടെയോ ഒ...

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बौना जिन्न By Deepak Kumar Tiwari

बौना जिन्नअध्याय 1: मिट्टी का पुराना चिराग और एक अजीब मेहमानगाँव के एक छोटे से और पुराने घर में संजना अपनी बीमार माँ के साथ रहती थी। संजना बहुत ही समझदार और पढ़ने-लिखने की शौकीन लड...

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ସମ୍ପର୍କର ସୂତା By Skp divine

ସମ୍ପର୍କର ସୂତାଜୀବନରେ କିଛି ସମ୍ପର୍କ ଏମିତି ଥାଏ, ଯାହା କେବଳ ରକ୍ତର ସମ୍ପର୍କ ନୁହେଁ। ସେଗୁଡ଼ିକ ପ୍ରେମ, ବିଶ୍ୱାସ, ଧୈର୍ଯ୍ୟ, ସମ୍ମାନ ଓ ବୁଝାମଣାରେ ଗଢ଼ିଉଠେ। ଏହି ସମ୍ପର୍କଗୁଡ଼ିକ ଆଖିକୁ ଦେଖାଯାଏ ନାହିଁ, କିନ୍...

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नाते जुळले खेड्याशी By प्रकाश

जुळले नाते खेड्याशी....रिमझिम पाऊस  सुरु होता. निवांत पावसाचा आनंद खिडकीतूनच  घेत होतो. तेवढ्यात फोनची रिंग वाजली. क्षणभर बिचकलोच. माझे जेष्ठ चुलत भाऊ दिर्घकाळापासून आजारी होते. त्...

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व्याधि By Deepak sharma

              “एक मरीज़ को आप से बोटौक्स इंजेक्शन दिलाना है,सर,” सुशील कुमार अपने रोगियों के लिए मेरी सेवाएं अक्सर मुझ से मांग लिया क...

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भिकारी ( भाग २ ) By suchitra gaikwad Sadawarte

       सुहा विचारांमध्ये गुंतून गेली असताना मागून आवाज आला .. सुहा झालं का तुझं ? चल निघायचं आहे आपल्याला! सुहा स्वतःशीच म्हणाली ," निघायचं आहे ... खरंच ? मला हे सगळ दिसतंय तसं स्प...

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सजा.....बिना कसूर की - 11 By Soni shakya

और जैसे ही दरवाजा खुलता है...सब लोग अंदर प्रवेश कर जाते हैं और अंदर जो नजारा था उसे देखकर सभी लोग हैरान हो जाते है।बेडशीट पर लगा खून ! बेड पर बिखरी  टूटी चूड़ियां !बिखरा कमरा !लड़ख...

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पापा का स्कूटर By Chandni choudhary

पापा का स्कूटरबचपन से लेकर आज तक मैंने पापा को एक स्कूटर के साथ देखा है—वही स्कूटर, जो उनके लिए केवल आने-जाने का साधन नहीं था, बल्कि उनके जीवन की अनेक यादों का साथी था। वह उनका सबस...

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अतूट मैत्री By Anuja Dharane

कोकणातील हिरवाईने नटलेल्या देवगाव नावाच्या छोट्याशा गावात चार जिवलग मित्र राहत होते—आदित्य, विराज, रोहन आणि समीर.चौघेही एकाच शाळेत शिकत होते. त्यांची मैत्री अगदी लहानपणापासूनची होत...

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अंग्रेजी स्कूल By Jeetendra

रामप्रसाद की आँखों में आँसू थे, लेकिन होंठों पर मुस्कान। उसने अपने दस साल के बेटे गोविंद को नये स्कूल की यूनिफॉर्म पहनाई। वह यूनिफॉर्म इतनी साफ और महँगी लग रही थी कि रामप्रसाद को अ...

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બારણું જે ક્યારેય બંધ ન થયું By Aloka Patel

ગામના છેડે એક જૂનું ઘર હતું.ઘર બહુ મોટું નહોતું, પણ એની ઓસરી વિશાળ હતી. ઓસરીની સામે તુલસીનો ક્યારો અને બાજુમાં લીમડાનું મોટું ઝાડ. ઘરની દીવાલો પર સમયના નિશાન હતા, છતાં એ ઘરમાં પ્રવ...

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માનવ સબ્ન્ધોની એક અનિવાર્ય સત્યતા - 2 By shifa

ગઈ રાતે થોડું મોડું થઈ ગયું સોવામાં અને કાલે મારે વેલુ જવાનું હતું કોલેજ એટલે હું તરતજ સુવાનું પ્રયત્ન કર્યો પરંતુ ઊંઘ આવી નહીં આશરે ત્રણ વાગ્યે મને ઊંધ આવી બા ૬ વાગે ઉઠાડવા આવ્યા...

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बंद घर और हमारे पूर्वज By Vandna Sharma

रक्षाबंधन से 10 दिन पहले विनीता ने अपनी जेठानी सरिता को फोन किया - "नमस्ते भाभी। क्या प्रोग्राम है आपका रक्षाबंधन पर। कहां बंधवाओगी राखी।" फोन के उस पार से विनीता की आवाज आई - "गां...

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ચાની એક પ્યાલી By Aloka Patel

એક એવી વાર્તા, જેમાં ચાની સુગંધ સાથે સંબંધોની ગરમાહટ પણ છે.સવારના છ વાગ્યા હતા.બહાર હજી સૂરજ પૂરો ઊગ્યો નહોતો. આકાશમાં હળવો કેસરી રંગ ફેલાઈ રહ્યો હતો. ગલીમાં દૂધવાળાની સાયકલની ઘંટડ...

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भूल गया नाम By Virendra Dewangan

85 वर्षीय मनोहर आज अजीब पशोपेश में थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि उनका नाम क्या है? वह अपना नाम जो भूल गए थे।इसके पहले भी वे हालांकि चश्मा, घड़ी, पेन और न जाने क्या-क्या भूल च...

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ভালোবাসা By Sohagi Baski

তোমার আমার এক রাস্তায় প্রথম দেখা হয়েছিল। সেদিনের সেই পথটা হয়তো অন্য সবার কাছে আর পাঁচটা সাধারণ রাস্তার মতোই ছিল, কিন্তু রাবিয়া নূরের কাছে সেই পথটা হয়ে গিয়েছিল তার জীবনের সবচেয়ে গুর...

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गुढ By Mahendra Patil

आयुष्यात काही क्षण असे येतात, जे आपल्याला पूर्णपणे हादरवून टाकतात. प्राध्यापकाची नोकरी, शिस्तीचे वातावरण आणि रोजचे रुटीन यामध्ये रमलेल्या माझ्या आयुष्यात नेमकी अशीच एक घटना घडली. इ...

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तिरंगे की कीमत By InkImagination

15 अगस्त की सुबह थी।पूरा शहर तिरंगे के रंगों से सजा हुआ था। कहीं स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ चल रही थीं, तो कहीं दुकानों और घरों पर तिरंगे लगे हुए थे।गली में देशभक्ति...

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જૂનું સ્કૂટર By Aloka Patel

વર્ષો પછી આજે નિરવ પોતાના જૂના ઘરે પાછો આવ્યો હતો.શહેરની મોટી ઈમારતો, ચમકતી ગાડીઓ અને ભાગદોડભરી જિંદગી વચ્ચે ક્યાંક તે પોતાનું બાળપણ પાછળ છોડી આવ્યો હતો. નોકરી, પૈસા, જવાબદારીઓ અને...

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The Diary Of Pankaj - English Edition By Pankaj Modak

The Diary Of PankajBy Pankaj Modak Published By TDOP Publisher, 2026.Copyright Page:-While every precaution has been taken in the preparation of this book, the publisher assumes no...

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द्वितिय महायुद्ध - भाग 8 By Siddhesh Chaudhari

ऑगस्ट १९३४. राष्ट्राध्यक्ष हिंडनबर्गच्या मृत्यूनंतर अ‍ॅडॉल्फ हिटलर आता जर्मनीचा अधिकृत 'फ्युरर' (Führer — सर्वोच्च नेता) बनला होता. त्याच्या हातात आता देशाची, लष्कराची आणि कायद्याच...

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ताटातील विश्वासघात By Mayuresh Patki

शाळेच्या दुपारच्या सुट्टीत हातात ताट घेऊन उभे असलेले मूल जेव्हा गरम जेवणाची वाट पाहत असते, तेव्हा ते फक्त भूक भागवण्यासाठी रांगेत उभे नसते. त्या ताटात त्याच्या शरीराची वाढ, मेंदूचा...

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મૃત્યુ પછીની સફર- એક આત્માની અજાણી દુનિયા તરફની યાત્રા By Aloka Patel

મૃત્યુ…આ શબ્દ સાંભળતાં જ માણસના મનમાં એક અજાણ્યો ભય જન્મે છે.મૃત્યુ પછી શું થાય છે?શું બધું જ સમાપ્ત થઈ જાય છે?શું આત્મા ખરેખર શરીર છોડીને ક્યાંક જાય છે?શું આપણે ફરીથી આપણા પ્રિયજન...

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एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 3 By Aloka Patel

भाग ३ — पापा की अपेक्षाएँमिहिर ने सोचा था कि घर का माहौल अब थोड़ा हल्का हो जाएगा।लेकिन जिंदगी में कुछ शांतियाँ सिर्फ तूफान आने से पहले आती हैं।वह दिन भी सामान्य तरीके से शुरू हुआ।स...

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असहमतीला लगाम By Mayuresh Patki

हैदराबादच्या नाल्सार विद्यापीठातील कायद्याच्या विद्यार्थ्यांनी सरन्यायाधीशांना दीक्षान्त समारंभासाठी प्रमुख पाहुणे म्हणून आमंत्रित करण्यास विरोध केला आणि त्यानंतर सुरू झालेला वाद आ...

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घर की देहरी, पुरुष का दायित्व और सामाजिक ताने By Shivam Kumar Pandey

भारतीय समाज में सदियों से पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर कुछ अघोषित नियम तय रहे हैं। पारंपरिक व्यवस्था में माना जाता रहा है कि पुरुष का मुख्य काम घर से बाहर जाकर आजीविका कम...

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अहमदाबाद के चर्चे By Devendra Kumar

अहमदाबाद के चर्चे            अहमदाबाद में बिताये उन दिनों को भुलाना बड़ा मुश्किल है. तब वह मुसीबत थी कठिन समय था  केवल मेरा ही नहीं बल्कि सभी का. वे कोई सामान्य दिन नहीं थे साधारण स...

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आज का समाज, आज के रीति-रिवाज By Aloka Patel

आज का समाज, आज के रीति-रिवाजएक बदलते समाज की कहानीलेखक: अलोका पटेलअध्याय १ — बदलता समयसमय कभी एक जगह ठहरकर नहीं रहता।कल जो बात हमें असामान्य लगती थी, वह आज सामान्य हो गई है। और आज...

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सावन By Rakesh Kumar Sharma

सावन की दोपहर लगभग आधी खत्म हो चुकी थी और ढलते सूरज की सुन्हरी रोशनी से नीम की काली छाया और लम्बी हो चली थी। इसी नीम की छाया में लखपत अपनी चारपाई पर औंधे मुंह लेटा हुआ था। काफी देर...

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रिश्तों का बाजार By Vandna Sharma

रिश्तों का बाज़ारसुमन मुंबई से दो दिन के थका देने वाले सफर के बाद अपने मायके चांदपुर पहुंची थी। पूरा रास्ता उसके दिल में एक ही अरमान था। भाभी के लिए चूड़ियों का सुंदर सेट, भतीजी के...

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ખાલી ખુરશી By Mahesh

ગામ હતું મોટી વાવ. ગામને નાકે એક જૂનું મકાન. એ મકાનમાં એકલા રહેતા દયારામ કાકા. ઉંમર 75 વર્ષ. ધોળી દાઢી, હાથમાં લાકડી, આંખે જાડા ચશ્મા.દયારામ કાકાના ઘરમાં એક ખાસ વસ્તુ હતી - ફળિયામા...

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राखी सिर्फ धागा नहीं होती By Nisha Choudhary

सावन की रिमझिम फहारों के बीच जब बाज़ार रंग-बिरंगी राखियों से सजे थे, तब राघव अपनी किताबों की अलमारी के सबसे निचले दराज में एक पुरानी लकड़ी की डिब्बी ढूंढ रहा था।उस डिब्बी में कोई क...

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मुर्दो से प्यार By Vandna Sharma

मीना बहुत दिनों बाद अपने मायके जा रही थी। ट्रेन से उतर कर उसने रिक्शा किया। "भैया, नई बस्ती जाना है।""20 रुपये लगेंगे।" रिक्शा वाला बोला।घर पहुँचकर जैसे ही मीना सामान उतार कर पैसे...

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આજનો સમાજ, આજના રિવાજ By Aloka Patel

એક બદલાતા સમાજની કહાનીઅધ્યાય ૧ — બદલાતો સમયસમય ક્યારેય એક જગ્યાએ ઊભો રહેતો નથી.ગઈકાલે જે વાત આપણને અસામાન્ય લાગતી હતી, એ આજે સામાન્ય બની ગઈ છે. અને આજે જે સામાન્ય લાગે છે, કદાચ આવત...

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રીલ સામે રિયલ - દાદીની જીત By રોનક જોષી. રાહગીર

રીલ સામે રિયલ — દાદીની જીત“દાદી... બે મિનિટ!”મોબાઈલના પડદા પર આંગળી ફેરવતી નાની દીકરીએ ઘરના ઓસરીમાંથી જ બૂમ પાડી.રસોડામાં તવા પર રોટલી ફૂલાવી રહેલી એની મમ્મીએ પાછળ વળીને જોયું.“દાદ...

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Between Pages and Strands By Harshil Shah

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A Women's Realisation: How to love Man By Jiya Vora

A hundred voices wish us a good day before it begins, but we spend our evenings waiting for the one who cares how it actually turned out. The one who genuinely ask "How was your da...

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एक रैगिंग ऐसा भी By Virendra Dewangan

‘‘अबे! कहा न, घुटने को देख। घुटना कहीं का! सिर उठाया, तो मुर्गा बना दूूंगा।’’ मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शाम को सीनियर छात्र यश ने जूनियर सरेश को लताड़ा।‘‘जी-जी, देख ही रहा हूं। कितना...

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यूपी आयला शुल्काचे ग्रहण By Mayuresh Patki

भारतातील डिजिटल व्यवहारांचा समानार्थी शब्द बनलेल्या यूपीआयच्या भवितव्याविषयी सध्या देशभर चर्चा रंगली आहे. लोकसभेने नुकतेच ‘कर व अन्य कायदे (सुधारणा) विधेयक, २०२६’ मंजूर केले असून,...

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Anime - 2 By shifa

ભાગ ૧ માં જોયું કે shin sisuk ને પડી નાખી છે ભાગ ૨ , sisuk કહે છે હું બેહોશ નથી થયું તે મને કેમ પાડયું shin કહે છે અરે હું તો તને બચાવ તી હતી. અછા તો તું આ નાના તળાવ માં ડૂબતો હતો...

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मुंह दिखाई का नेग By Vandna Sharma

रीना जब पहली बार ससुराल गई, तो अजब ही रस्म देखी।जुलाई की चिपचिपी गर्मी, उमस भरा मौसम, और उस पर दुल्हन के भारी-भरकम कपड़े, ज्वैलरी। आते ही सास ने दहलीज पर आरती नहीं उतारी, सीधा पूजा...

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सुनयना By Vrishali Gotkhindikar

“सुनयना आज इन नजारोको तुम देखो और मै तुम्हे देखते हुए देखु “येसुदास गात होता अगदी तन्मयतेने ऑफिस समोरच्या टपरीमध्ये दुपारची जुनी गाणी लागली असावीत ते सुर कानावर पडताच अजिंक्यच्या ओ...

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പുലർകാലത്തെ മഞ്ഞുതുള്ളി By Neeli

പുലർകാലത്തെ മഞ്ഞുതുള്ളിരാത്രിയുടെ അവസാന യാമങ്ങളിലൊന്നായിരുന്നു അത്.ചുറ്റുമുള്ള ലോകം മുഴുവൻ ഉറക്കത്തിലായിരുന്നു. വീടുകളുടെ മുറ്റങ്ങളിൽ കെട്ടിക്കിടന്ന ഇരുട്ടിനിടയിലൂടെ ദൂരെയെവിടെയോ ഒ...

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बौना जिन्न By Deepak Kumar Tiwari

बौना जिन्नअध्याय 1: मिट्टी का पुराना चिराग और एक अजीब मेहमानगाँव के एक छोटे से और पुराने घर में संजना अपनी बीमार माँ के साथ रहती थी। संजना बहुत ही समझदार और पढ़ने-लिखने की शौकीन लड...

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ସମ୍ପର୍କର ସୂତା By Skp divine

ସମ୍ପର୍କର ସୂତାଜୀବନରେ କିଛି ସମ୍ପର୍କ ଏମିତି ଥାଏ, ଯାହା କେବଳ ରକ୍ତର ସମ୍ପର୍କ ନୁହେଁ। ସେଗୁଡ଼ିକ ପ୍ରେମ, ବିଶ୍ୱାସ, ଧୈର୍ଯ୍ୟ, ସମ୍ମାନ ଓ ବୁଝାମଣାରେ ଗଢ଼ିଉଠେ। ଏହି ସମ୍ପର୍କଗୁଡ଼ିକ ଆଖିକୁ ଦେଖାଯାଏ ନାହିଁ, କିନ୍...

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नाते जुळले खेड्याशी By प्रकाश

जुळले नाते खेड्याशी....रिमझिम पाऊस  सुरु होता. निवांत पावसाचा आनंद खिडकीतूनच  घेत होतो. तेवढ्यात फोनची रिंग वाजली. क्षणभर बिचकलोच. माझे जेष्ठ चुलत भाऊ दिर्घकाळापासून आजारी होते. त्...

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व्याधि By Deepak sharma

              “एक मरीज़ को आप से बोटौक्स इंजेक्शन दिलाना है,सर,” सुशील कुमार अपने रोगियों के लिए मेरी सेवाएं अक्सर मुझ से मांग लिया क...

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भिकारी ( भाग २ ) By suchitra gaikwad Sadawarte

       सुहा विचारांमध्ये गुंतून गेली असताना मागून आवाज आला .. सुहा झालं का तुझं ? चल निघायचं आहे आपल्याला! सुहा स्वतःशीच म्हणाली ," निघायचं आहे ... खरंच ? मला हे सगळ दिसतंय तसं स्प...

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सजा.....बिना कसूर की - 11 By Soni shakya

और जैसे ही दरवाजा खुलता है...सब लोग अंदर प्रवेश कर जाते हैं और अंदर जो नजारा था उसे देखकर सभी लोग हैरान हो जाते है।बेडशीट पर लगा खून ! बेड पर बिखरी  टूटी चूड़ियां !बिखरा कमरा !लड़ख...

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पापा का स्कूटर By Chandni choudhary

पापा का स्कूटरबचपन से लेकर आज तक मैंने पापा को एक स्कूटर के साथ देखा है—वही स्कूटर, जो उनके लिए केवल आने-जाने का साधन नहीं था, बल्कि उनके जीवन की अनेक यादों का साथी था। वह उनका सबस...

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अतूट मैत्री By Anuja Dharane

कोकणातील हिरवाईने नटलेल्या देवगाव नावाच्या छोट्याशा गावात चार जिवलग मित्र राहत होते—आदित्य, विराज, रोहन आणि समीर.चौघेही एकाच शाळेत शिकत होते. त्यांची मैत्री अगदी लहानपणापासूनची होत...

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अंग्रेजी स्कूल By Jeetendra

रामप्रसाद की आँखों में आँसू थे, लेकिन होंठों पर मुस्कान। उसने अपने दस साल के बेटे गोविंद को नये स्कूल की यूनिफॉर्म पहनाई। वह यूनिफॉर्म इतनी साफ और महँगी लग रही थी कि रामप्रसाद को अ...

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બારણું જે ક્યારેય બંધ ન થયું By Aloka Patel

ગામના છેડે એક જૂનું ઘર હતું.ઘર બહુ મોટું નહોતું, પણ એની ઓસરી વિશાળ હતી. ઓસરીની સામે તુલસીનો ક્યારો અને બાજુમાં લીમડાનું મોટું ઝાડ. ઘરની દીવાલો પર સમયના નિશાન હતા, છતાં એ ઘરમાં પ્રવ...

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માનવ સબ્ન્ધોની એક અનિવાર્ય સત્યતા - 2 By shifa

ગઈ રાતે થોડું મોડું થઈ ગયું સોવામાં અને કાલે મારે વેલુ જવાનું હતું કોલેજ એટલે હું તરતજ સુવાનું પ્રયત્ન કર્યો પરંતુ ઊંઘ આવી નહીં આશરે ત્રણ વાગ્યે મને ઊંધ આવી બા ૬ વાગે ઉઠાડવા આવ્યા...

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बंद घर और हमारे पूर्वज By Vandna Sharma

रक्षाबंधन से 10 दिन पहले विनीता ने अपनी जेठानी सरिता को फोन किया - "नमस्ते भाभी। क्या प्रोग्राम है आपका रक्षाबंधन पर। कहां बंधवाओगी राखी।" फोन के उस पार से विनीता की आवाज आई - "गां...

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ચાની એક પ્યાલી By Aloka Patel

એક એવી વાર્તા, જેમાં ચાની સુગંધ સાથે સંબંધોની ગરમાહટ પણ છે.સવારના છ વાગ્યા હતા.બહાર હજી સૂરજ પૂરો ઊગ્યો નહોતો. આકાશમાં હળવો કેસરી રંગ ફેલાઈ રહ્યો હતો. ગલીમાં દૂધવાળાની સાયકલની ઘંટડ...

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भूल गया नाम By Virendra Dewangan

85 वर्षीय मनोहर आज अजीब पशोपेश में थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि उनका नाम क्या है? वह अपना नाम जो भूल गए थे।इसके पहले भी वे हालांकि चश्मा, घड़ी, पेन और न जाने क्या-क्या भूल च...

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ভালোবাসা By Sohagi Baski

তোমার আমার এক রাস্তায় প্রথম দেখা হয়েছিল। সেদিনের সেই পথটা হয়তো অন্য সবার কাছে আর পাঁচটা সাধারণ রাস্তার মতোই ছিল, কিন্তু রাবিয়া নূরের কাছে সেই পথটা হয়ে গিয়েছিল তার জীবনের সবচেয়ে গুর...

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गुढ By Mahendra Patil

आयुष्यात काही क्षण असे येतात, जे आपल्याला पूर्णपणे हादरवून टाकतात. प्राध्यापकाची नोकरी, शिस्तीचे वातावरण आणि रोजचे रुटीन यामध्ये रमलेल्या माझ्या आयुष्यात नेमकी अशीच एक घटना घडली. इ...

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तिरंगे की कीमत By InkImagination

15 अगस्त की सुबह थी।पूरा शहर तिरंगे के रंगों से सजा हुआ था। कहीं स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ चल रही थीं, तो कहीं दुकानों और घरों पर तिरंगे लगे हुए थे।गली में देशभक्ति...

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જૂનું સ્કૂટર By Aloka Patel

વર્ષો પછી આજે નિરવ પોતાના જૂના ઘરે પાછો આવ્યો હતો.શહેરની મોટી ઈમારતો, ચમકતી ગાડીઓ અને ભાગદોડભરી જિંદગી વચ્ચે ક્યાંક તે પોતાનું બાળપણ પાછળ છોડી આવ્યો હતો. નોકરી, પૈસા, જવાબદારીઓ અને...

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