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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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  • બેસ્ટ મિત્ર - 2

    પછી એમ કરતા કરતા કૉલેજ બી પૂરી થઈ .અને પછી અમે બે ઓ એમ માં ગયા . ત્યારે એમે બે મ...

  • સત્યા નું સત્ય

    અરવ મારી જિંદગીનું પહેલું અને છેલ્લું સરનામું હતો. અમે બંને એક જ શેરીમાં મોટાં થ...

  • એક પ્રેમ આવો પણ

    એક પ્રેમ આવો પણ..."શાંતિ ઝંખતી જિંદગીમાં, ગમતો પણ એક ઘોંઘાટ છે,બકબક કરતી રહેતી,...

तुम हो तो सब कुछ है - भाग 8 By Ankit Khatri

प्यार को नाम मिले अभी कुछ ही दिन हुए थे।आरव और नैना ने अपने रिश्ते को लेकर एक बात साफ तय कर ली थी—वे जल्दबाजी नहीं करेंगे, अपने परिवारों का सम्मान करेंगे और अपने करियर को भी उतनी ह...

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બેસ્ટ મિત્ર - 2 By bhuri

પછી એમ કરતા કરતા કૉલેજ બી પૂરી થઈ .અને પછી અમે બે ઓ એમ માં ગયા . ત્યારે એમે બે મિત્ર સાથે જતેલા. પછી એમે બે ઓ વાત કરવા નું ચાલુ કર્યું.પછી મારી વાત ચીત ચાલુ થી જી અને સાથે બે વર્ષ...

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सुख-चैन By Rajeev kumar

मंगरू ने बैठे-बैठे सोचा कि घर के लोगों के सुख-चैन की पूर्ति करना ही नियती है, क्या यही जीवन है। अगर यही जीवन है तो कैसा यह जीवन है। अपनी पसंद का कुछ कर नहीं सकता, कुछ खरीद नहीं सकत...

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काल-दोष By Deepak sharma

                सर्द दिसंबर की उस तेरहवीं तारीख को विलंब के कारण हिमगिरि एक्सप्रेस पठानकोट से लखनऊ रात में नौ पैंतीस पर पहुंची।   &nbsp...

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अल्गोरिदमच्या हातात आपले जग By Mayuresh Patki

आपण मोबाईल हातात घेतो आणि काही सेकंदांत आपल्या आवडीच्या बातम्या, व्हिडीओ, जाहिराती, राजकीय चर्चा, मनोरंजनाचे कार्यक्रम किंवा एखाद्या उत्पादनाची माहिती आपल्यासमोर येते. आपण त्यापैकी...

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Coffee ના Cup માં Cha By Dhatri Vaghadiya C.

ચાના રસિયાઓ તો ઘણા મળી જાય. પરંતુ કોફી પીતા માણસને ચા પીવી ગમે, એવી વાત ગળે ઊતરે ખરું? ચા અને કોફી - બંને એક પ્રકારનું વ્યસન જ છે. પરંતુ મને તો શરૂઆતથી જ ચાની આદત. જેમ જેમ કામ વધતુ...

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द्वितिय महायुद्ध - भाग 23 By Siddhesh Chaudhari

१९४३ च्या मध्यावर युरोपमधील महायुद्धाची परिस्थिती झपाट्याने बदलत होती. स्टालिनग्राडच्या महाभयंकर लढाईत रशियाने हिटलरचे कंबरडे मोडले होते आणि पूर्वेकडून लाल सैन्य आता जर्मनीच्या दिश...

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कर्त्तव्य By Rajeev kumar

  भयंकर गर्मी से निजात पाने के लिए सब अपने-अपने तरह से कोशिश कर रहे थे। सुर्यदेव की उग्रता के सामने सब नतमस्तक थे। आलम यह था कि सुर्यदेव जो सुबह उग्र होते थे तो उनका गुस्सा शाम को...

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શાંતિનો અભિગમ By yeash shah

      એક ગામમાં સાજીભાઈ નામના એક વૃદ્ધ ખેડૂત રહેતા હતા. તેઓ તેમના શાંત અને સરળ સ્વભાવ માટે આખા ગામમાં જાણીતા હતા. ગમે તેવી પરિસ્થિતિ હોય, તેમના ચહેરા પરથી શાંતિ ક્યારેય ઓછી થતી નહો...

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आज्ञा By Rajeev kumar

  प्रताप ने कुछ देर रूक कर कुछ गहरा सोचा और आगे बढ़ गया, धड़कन सामान्य हो चली थी और पसीने की बुंदे उसके रूमाल में समा चुकी थीं लेकिन कुछ सोच तो वह अब भी रहा था। प्रताप के ललाट के ऊपर...

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स्कूल की छुट्टी और बारिश By Vandna Sharma

अदिति किचन में जल्दी-जल्दी हाथ चला रही थी। दीवार घड़ी में एक बज रहा था। डेढ़ बजे अर्णव की छुट्टी होनी थी।बाहर सुबह से झिम-झिम बारिश हो रही थी, जो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। का...

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સત્યા નું સત્ય By Nirali

અરવ મારી જિંદગીનું પહેલું અને છેલ્લું સરનામું હતો. અમે બંને એક જ શેરીમાં મોટાં થયાં. મને આજે પણ યાદ છે કે જ્યારે અમે પા-પા પગલી ભરતાં શીખતાં હતાં, ત્યારથી જ અરવ મારો હાથ પકડીને ચાલ...

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raja virandr ki love story By Dheeraj kumar Kashyap

राजा वीरेंद्र और रानी देविकाएक समय की बात है, सुंदरवन नाम का एक खुशहाल राज्य था। वहाँ के राजा वीरेंद्र और रानी देविका अपनी प्रजा से प्रेम करते थे। राजा बहादुर और न्यायप्रिय थे, जबक...

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खरी खरी By Dr Sandip Awasthi

वैचारिकी :-     धार्मिकता,लेखक और हिप्पोक्रेट बुद्धिजीवी ---------------------------------------   एक लेखक ,विचारक की धार्मिक दृष्टि भी होती ही है।भले ही बाद में चार...

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कुर्सी के कवि By Deepak sharma

                    “श्री विशेश्वर नाथ घर पर हैं क्या?” बाहर चूड़ियों की खनखनाहट के साथ मधुर एक स्त्री- स्वर खनका। &nb...

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उलगुलान २०२६ By Mayuresh Patki

नाशिकच्या अनंत कान्हेरे मैदानातून हजारो पावलं मुंबईच्या दिशेने निघाली, तेव्हा तो फक्त १८० किलोमीटरचा प्रवास नव्हता. त्या पावलांसोबत डोंगर होते, जंगल होतं, आश्रमशाळा आणि वसतिगृहं हो...

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અધૂરી મુલાકાત, પૂર્ણ પ્રેમ By Aloka Patel

વરસાદની એ સાંજ કંઈક અલગ જ હતી.આકાશમાં કાળા વાદળો છવાયેલા હતા અને રસ્તાઓ પર વરસાદના ટીપાં જાણે કોઈ જૂની યાદોને ફરી જીવંત કરી રહ્યા હતા. શહેરની એક નાની કેફેની બારી પાસે આરોહી એકલી બે...

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भाग्य By Vandna Sharma

कहानी - भाग्यसोहन एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर था। उसकी पत्नी सुधा, पढ़ी-लिखी, समझदार और सुलझे विचारों वाली महिला थी। शादी के बाद जब बेटा हुआ, तो सुधा ने एक बड़ा फैसला लिया।...

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સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવો - 6 By Aloka Patel

ભાગ ૬ — સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવોસવારનો સમય હતો.કાવ્યા બારી પાસે ઊભી રહીને બહાર જોઈ રહી હતી. આકાશમાં સૂરજ ધીમે ધીમે ઊગતો હતો. પક્ષીઓનો કલરવ સંભળાતો હતો, પણ કાવ્યાના મનમાં જા...

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खिड़की और बच्चें By Piyush Goel

प्रथम श्रेणी के रिटायर्ड ईमानदार सरकारी कर्मचारी के दो बेटे और एक बेटी थी.सभी बच्चों की परवरिश बहुत ही अच्छे तरीके से हुई थी. बड़ा बेटा सॉफ्टवेर इंजीनियर अमरीका में रहता था,बीटियाँ...

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टाटा समूहापुढील नवा पेच By Mayuresh Patki

१९९१ साली जे. आर. डी. टाटा यांनी रतन टाटांकडे समूहाचे नेतृत्व सोपवले, तेव्हा अनेकांना तो फक्त पिढीबदल वाटला. पण खरे तर तिथून एक मोठी संस्थात्मक उलथापालथ सुरू झाली. त्या वेळी टाटा स...

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आप ऊपर ही बिराजिये By Neelam Kulshreshtha

[    नीलम कुलश्रेष्ठ    ]              ये कार्यालय आम सरकारी  कार्यालय  जैसा है। कौन  से प्रदेश का ? और कौन &n...

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बाबूजी की विपरीत सीख By Deepak sharma

               जीजी की शादी के बाद जीजी से ज़्यादा बदलाव बाबूजी में आया।                कहां तो वह ज...

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છૂટા છેડા By Bhayani Alkesh

સાંજનો સમય હતો. વરસાદ હમણાં જ અટક્યો હતો અને શહેરની ભીની સડકો પર સ્ટ્રીટલાઇટના પીળા પ્રકાશના લાંબા પ્રતિબિંબો પડ્યા હતા. શહેરના પશ્ચિમ છેડે આવેલા નાના એપાર્ટમેન્ટના બીજા માળે બેઠેલ...

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એક પ્રેમ આવો પણ By ધબકાર...

એક પ્રેમ આવો પણ..."શાંતિ ઝંખતી જિંદગીમાં, ગમતો પણ એક ઘોંઘાટ છે,બકબક કરતી રહેતી, તોય લાગણીઓ એની ગાઢ છે." આવા જ કંઈક મનને ગમતા વિચારો વચ્ચે ક્ષિતિજ પોતાનુ કામ કરી રહ્યો હતો. ક્ષિતિજ...

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करवाचौथ की शॉपिंग By Vandna Sharma

सिया बालकनी में खड़ी होकर अपने पति को ऑफिस जाते हुए देख रही थी। सुबह की हल्की धूप उसके चेहरे पर पड़ रही थी। उसने हाथ हिलाकर मुस्कुराते हुए बाय कहा। तभी साथ वाले फ्लैट की पड़ोसन अपन...

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বিচ্ছেদের শুরু By Jalaluddin Faruque

প্রথম অধ্যায়যে সংসারে ভালোবাসা ছিল, বোঝাপড়া ছিল নাগ্রামের মেয়েদের জীবন অনেকটা নদীর মতো। শৈশবে তারা থাকে শান্ত, স্বচ্ছ, আপনজনের ভালোবাসায় ঘেরা; তারপর একদিন হঠাৎই সেই নদীর গতিপথ...

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अलमारी By Vandna Sharma

सुबह के साढ़े सात बजे थे। रीना ने अदरक वाली चाय बनाकर रवि को थमाई और बहुत हिम्मत जुटाकर बोली, "सुनो, मुझे एक छोटी सी अलमारी चाहिए। मेरा कॉस्मेटिक का सामान, क्रीम-पाउडर, पर्स सब बेड...

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पता बताते दिन By महेश रौतेला

पता बताते दिन:नैनीताल को देखकर एक अद्भुत अनुभूति मन में उत्पन होती है।एक विदेशी ने हाल में ही कहा है," मैंने इतनी सुन्दर जगह और नहीं देखी है यदि यहाँ की कचरे पर ध्यान न दिया जाय।" ...

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ड्राफ्ट में अटकी एक कहानी By Swagata Chakraborty

शिल्पा प्रतिलिपि पर लिखती थी। एक छोटी सी राइटर, पर शब्दों से बड़ी दुनिया बुनती थी।एक दिन उसके मन में आया, क्यों न प्रतिलिपि के साथ-साथ अपनी कहानियाँ और भी कहीं ले जाऊँ? बस फिर क्या...

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રાહ હૃદયની - 1 By Harsh Jethva

પ્રસ્તાવના કેટલીક વાર્તાઓની શરૂઆત મુલાકાતથી થતી નથી. કેટલીક વાર્તાઓ તો એ ક્ષણથી શરૂ થાય છે, જ્યારે કોઈ અજાણી વ્યક્તિ ભીડમાં માત્ર એક નજર માટે તમારી સામે આવે... અને પછી આખી જિંદગી મ...

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பூங்கா நட்புகள் By Ramakrishnan Anantha

அந்த நகரத்தின் ஒரு பகுதியில்.... காலை சூரியன் உதயமாக காத்துக்கொண்டு இருக்கும் பறவைகள்... அந்த பகுதியை தூய்மை செய்யும் பணியாளர்கள்... வீட்டிற்கு பால் போடும் பால்காரர்... வீட்டு வேலை...

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मुकम्मल By Shivam Dhuriya

पंद्रह साल पहले बिछड़े राघव और अवनी की कहानी, जिसे वक्त और परिस्थितियां कभी खत्म नहीं कर पाईं। एक पुरानी नीली चूड़ी अचानक दोनों को फिर आमने-सामने ला खड़ा करती है और उन्हें एहसास हो...

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किनारा By Rajeev kumar

    जल की कलकल करती जलधारा प्रबल वेग से बढ़ रही थी। पत्थर पर जल का प्रहार लगातार हो रहा था। यहाँ-वहाँ अटकी हुई जलकुम्भी भी जकड़न से मुक्त हो बह रहा था। छोटे बच्चे बड़ी सावधानी से अपनी...

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तुम हो तो सब कुछ है - भाग 8 By Ankit Khatri

प्यार को नाम मिले अभी कुछ ही दिन हुए थे।आरव और नैना ने अपने रिश्ते को लेकर एक बात साफ तय कर ली थी—वे जल्दबाजी नहीं करेंगे, अपने परिवारों का सम्मान करेंगे और अपने करियर को भी उतनी ह...

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બેસ્ટ મિત્ર - 2 By bhuri

પછી એમ કરતા કરતા કૉલેજ બી પૂરી થઈ .અને પછી અમે બે ઓ એમ માં ગયા . ત્યારે એમે બે મિત્ર સાથે જતેલા. પછી એમે બે ઓ વાત કરવા નું ચાલુ કર્યું.પછી મારી વાત ચીત ચાલુ થી જી અને સાથે બે વર્ષ...

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सुख-चैन By Rajeev kumar

मंगरू ने बैठे-बैठे सोचा कि घर के लोगों के सुख-चैन की पूर्ति करना ही नियती है, क्या यही जीवन है। अगर यही जीवन है तो कैसा यह जीवन है। अपनी पसंद का कुछ कर नहीं सकता, कुछ खरीद नहीं सकत...

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काल-दोष By Deepak sharma

                सर्द दिसंबर की उस तेरहवीं तारीख को विलंब के कारण हिमगिरि एक्सप्रेस पठानकोट से लखनऊ रात में नौ पैंतीस पर पहुंची।   &nbsp...

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अल्गोरिदमच्या हातात आपले जग By Mayuresh Patki

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Coffee ના Cup માં Cha By Dhatri Vaghadiya C.

ચાના રસિયાઓ તો ઘણા મળી જાય. પરંતુ કોફી પીતા માણસને ચા પીવી ગમે, એવી વાત ગળે ઊતરે ખરું? ચા અને કોફી - બંને એક પ્રકારનું વ્યસન જ છે. પરંતુ મને તો શરૂઆતથી જ ચાની આદત. જેમ જેમ કામ વધતુ...

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द्वितिय महायुद्ध - भाग 23 By Siddhesh Chaudhari

१९४३ च्या मध्यावर युरोपमधील महायुद्धाची परिस्थिती झपाट्याने बदलत होती. स्टालिनग्राडच्या महाभयंकर लढाईत रशियाने हिटलरचे कंबरडे मोडले होते आणि पूर्वेकडून लाल सैन्य आता जर्मनीच्या दिश...

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कर्त्तव्य By Rajeev kumar

  भयंकर गर्मी से निजात पाने के लिए सब अपने-अपने तरह से कोशिश कर रहे थे। सुर्यदेव की उग्रता के सामने सब नतमस्तक थे। आलम यह था कि सुर्यदेव जो सुबह उग्र होते थे तो उनका गुस्सा शाम को...

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શાંતિનો અભિગમ By yeash shah

      એક ગામમાં સાજીભાઈ નામના એક વૃદ્ધ ખેડૂત રહેતા હતા. તેઓ તેમના શાંત અને સરળ સ્વભાવ માટે આખા ગામમાં જાણીતા હતા. ગમે તેવી પરિસ્થિતિ હોય, તેમના ચહેરા પરથી શાંતિ ક્યારેય ઓછી થતી નહો...

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आज्ञा By Rajeev kumar

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स्कूल की छुट्टी और बारिश By Vandna Sharma

अदिति किचन में जल्दी-जल्दी हाथ चला रही थी। दीवार घड़ी में एक बज रहा था। डेढ़ बजे अर्णव की छुट्टी होनी थी।बाहर सुबह से झिम-झिम बारिश हो रही थी, जो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। का...

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સત્યા નું સત્ય By Nirali

અરવ મારી જિંદગીનું પહેલું અને છેલ્લું સરનામું હતો. અમે બંને એક જ શેરીમાં મોટાં થયાં. મને આજે પણ યાદ છે કે જ્યારે અમે પા-પા પગલી ભરતાં શીખતાં હતાં, ત્યારથી જ અરવ મારો હાથ પકડીને ચાલ...

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raja virandr ki love story By Dheeraj kumar Kashyap

राजा वीरेंद्र और रानी देविकाएक समय की बात है, सुंदरवन नाम का एक खुशहाल राज्य था। वहाँ के राजा वीरेंद्र और रानी देविका अपनी प्रजा से प्रेम करते थे। राजा बहादुर और न्यायप्रिय थे, जबक...

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उलगुलान २०२६ By Mayuresh Patki

नाशिकच्या अनंत कान्हेरे मैदानातून हजारो पावलं मुंबईच्या दिशेने निघाली, तेव्हा तो फक्त १८० किलोमीटरचा प्रवास नव्हता. त्या पावलांसोबत डोंगर होते, जंगल होतं, आश्रमशाळा आणि वसतिगृहं हो...

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અધૂરી મુલાકાત, પૂર્ણ પ્રેમ By Aloka Patel

વરસાદની એ સાંજ કંઈક અલગ જ હતી.આકાશમાં કાળા વાદળો છવાયેલા હતા અને રસ્તાઓ પર વરસાદના ટીપાં જાણે કોઈ જૂની યાદોને ફરી જીવંત કરી રહ્યા હતા. શહેરની એક નાની કેફેની બારી પાસે આરોહી એકલી બે...

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સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવો - 6 By Aloka Patel

ભાગ ૬ — સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવોસવારનો સમય હતો.કાવ્યા બારી પાસે ઊભી રહીને બહાર જોઈ રહી હતી. આકાશમાં સૂરજ ધીમે ધીમે ઊગતો હતો. પક્ષીઓનો કલરવ સંભળાતો હતો, પણ કાવ્યાના મનમાં જા...

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खिड़की और बच्चें By Piyush Goel

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टाटा समूहापुढील नवा पेच By Mayuresh Patki

१९९१ साली जे. आर. डी. टाटा यांनी रतन टाटांकडे समूहाचे नेतृत्व सोपवले, तेव्हा अनेकांना तो फक्त पिढीबदल वाटला. पण खरे तर तिथून एक मोठी संस्थात्मक उलथापालथ सुरू झाली. त्या वेळी टाटा स...

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સાંજનો સમય હતો. વરસાદ હમણાં જ અટક્યો હતો અને શહેરની ભીની સડકો પર સ્ટ્રીટલાઇટના પીળા પ્રકાશના લાંબા પ્રતિબિંબો પડ્યા હતા. શહેરના પશ્ચિમ છેડે આવેલા નાના એપાર્ટમેન્ટના બીજા માળે બેઠેલ...

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એક પ્રેમ આવો પણ..."શાંતિ ઝંખતી જિંદગીમાં, ગમતો પણ એક ઘોંઘાટ છે,બકબક કરતી રહેતી, તોય લાગણીઓ એની ગાઢ છે." આવા જ કંઈક મનને ગમતા વિચારો વચ્ચે ક્ષિતિજ પોતાનુ કામ કરી રહ્યો હતો. ક્ષિતિજ...

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सिया बालकनी में खड़ी होकर अपने पति को ऑफिस जाते हुए देख रही थी। सुबह की हल्की धूप उसके चेहरे पर पड़ रही थी। उसने हाथ हिलाकर मुस्कुराते हुए बाय कहा। तभी साथ वाले फ्लैट की पड़ोसन अपन...

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अलमारी By Vandna Sharma

सुबह के साढ़े सात बजे थे। रीना ने अदरक वाली चाय बनाकर रवि को थमाई और बहुत हिम्मत जुटाकर बोली, "सुनो, मुझे एक छोटी सी अलमारी चाहिए। मेरा कॉस्मेटिक का सामान, क्रीम-पाउडर, पर्स सब बेड...

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पता बताते दिन By महेश रौतेला

पता बताते दिन:नैनीताल को देखकर एक अद्भुत अनुभूति मन में उत्पन होती है।एक विदेशी ने हाल में ही कहा है," मैंने इतनी सुन्दर जगह और नहीं देखी है यदि यहाँ की कचरे पर ध्यान न दिया जाय।" ...

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ड्राफ्ट में अटकी एक कहानी By Swagata Chakraborty

शिल्पा प्रतिलिपि पर लिखती थी। एक छोटी सी राइटर, पर शब्दों से बड़ी दुनिया बुनती थी।एक दिन उसके मन में आया, क्यों न प्रतिलिपि के साथ-साथ अपनी कहानियाँ और भी कहीं ले जाऊँ? बस फिर क्या...

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રાહ હૃદયની - 1 By Harsh Jethva

પ્રસ્તાવના કેટલીક વાર્તાઓની શરૂઆત મુલાકાતથી થતી નથી. કેટલીક વાર્તાઓ તો એ ક્ષણથી શરૂ થાય છે, જ્યારે કોઈ અજાણી વ્યક્તિ ભીડમાં માત્ર એક નજર માટે તમારી સામે આવે... અને પછી આખી જિંદગી મ...

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பூங்கா நட்புகள் By Ramakrishnan Anantha

அந்த நகரத்தின் ஒரு பகுதியில்.... காலை சூரியன் உதயமாக காத்துக்கொண்டு இருக்கும் பறவைகள்... அந்த பகுதியை தூய்மை செய்யும் பணியாளர்கள்... வீட்டிற்கு பால் போடும் பால்காரர்... வீட்டு வேலை...

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मुकम्मल By Shivam Dhuriya

पंद्रह साल पहले बिछड़े राघव और अवनी की कहानी, जिसे वक्त और परिस्थितियां कभी खत्म नहीं कर पाईं। एक पुरानी नीली चूड़ी अचानक दोनों को फिर आमने-सामने ला खड़ा करती है और उन्हें एहसास हो...

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किनारा By Rajeev kumar

    जल की कलकल करती जलधारा प्रबल वेग से बढ़ रही थी। पत्थर पर जल का प्रहार लगातार हो रहा था। यहाँ-वहाँ अटकी हुई जलकुम्भी भी जकड़न से मुक्त हो बह रहा था। छोटे बच्चे बड़ी सावधानी से अपनी...

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