पहली बारिश, पहला प्यार शाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी। आसमान बादलों से भरा था और बारिश की छोटी बूंदें खिड़कियों पर ऐसे गिर रही थीं जैसे कोई पुराना गीत चुपचाप बज रहा हो। रिया लाइब्रेरी की सबसे आखिरी टेबल पर बैठी थी। उसके सामने खुली किताब काफी देर से उसी पेज पर रुकी हुई थी। असल में वो पढ़ नहीं रही थी… बस बारिश देख रही थी। उसे बारिश हमेशा से पसंद थी। क्योंकि बारिश में दुनिया थोड़ी धीमी हो जाती है। और दर्द… थोड़ा कम महसूस होता है।
पहली बारिश, पहला प्यार - 1
Chapter 1 — पहली बारिश, पहला प्यारशाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी।आसमान बादलों से भरा था और बारिश छोटी बूंदें खिड़कियों पर ऐसे गिर रही थीं जैसे कोई पुराना गीत चुपचाप बज रहा हो।रिया लाइब्रेरी की सबसे आखिरी टेबल पर बैठी थी।उसके सामने खुली किताब काफी देर से उसी पेज पर रुकी हुई थी।असल में वो पढ़ नहीं रही थी… बस बारिश देख रही थी।उसे बारिश हमेशा से पसंद थी।क्योंकि बारिश में दुनिया थोड़ी धीमी हो जाती है।और दर्द… थोड़ा कम महसूस होता है।तभी किसी ने उसकी टेबल पर गर्म कॉफी रखी।“तुम हर बार यहाँ अकेली क्यों बैठती ...Read More
पहली बारिश, पहला प्यार - 2
बारिश उस शहर की आदत थी।हर शाम आसमान ऐसे बरसता था जैसे उसे भी किसी का इंतज़ार हो।रिया अपनी के पास बैठी थी।टेबल पर रखी कॉफी कब की ठंडी हो चुकी थी, लेकिन उसके हाथ अब भी कप को पकड़े हुए थे।उसकी आँखों के सामने बस दो चेहरे घूम रहे थे।आरव…और कबीर।दो नाम।दो एहसास।दो अधूरी दुनियाएँ।कभी-कभी जिंदगी इंसान को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है जहाँ सही और गलत में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।रिया भी उसी मोड़ पर थी।उसने खुद से हजार बार कहा था कि कबीर अब सिर्फ अतीत है।एक ऐसा अतीत जिसे याद ...Read More
पहली बारिश, पहला प्यार - 3
शहर उस रात अजीब तरह से शांत था।बारिश लगातार हो रही थी, लेकिन फिर भी ऐसा लग रहा था पूरी दुनिया किसी तूफ़ान के आने का इंतज़ार कर रही हो।रिया अपनी खिड़की के पास बैठी थी।टेबल पर आरव की दी हुई छोटी सी कॉफी मग रखी थी… और हाथों में कबीर का पुराना खत।उसकी जिंदगी अब दो हिस्सों में बँट चुकी थी।एक हिस्सा वो था जहाँ पहली मोहब्बत अब भी सांस ले रही थी।और दूसरा वो… जहाँ किसी ने टूटे दिल को फिर से धड़कना सिखाया था।लेकिन हर कहानी में एक पल ऐसा आता है…जब इंसान को फैसला ...Read More