बैंक रॉबरी

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Bank robbery - chapter 2 “मुझे अभी बेटे के अकाउंट में मनी ट्रांसफर करवानी है, लेट होने पर उसकी फीस का चेक बाउंस हो जाएगा“ एक दूसरा कस्टमर चिल्ला रहा था. सर्किल ऑफिस से ब्रांच में फ़ोन लगाया जाता है, पर फ़ोन कोई नहीं उठाता। इधर बैंक के बाहर खड़े कस्टमर्स ने बैंक को कोसना शुरू कर दिया था। तभी एक कस्टमर साथ वाले से पूछ रहा था, ये  पुलिस कारवाई कब तक चलेगी, “पुलिस कारवाई चल रही है किसने बताया”, अधेड़ कस्टमर चौक कर पूछता है . “अभी थोड़ी देर पहले गार्ड ने बताया था” वही अधेड़ फिर सर्किल

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बैंक रॉबरी - 2

Bank robbery - chapter 2 “मुझे अभी बेटे के अकाउंट में मनी ट्रांसफर करवानी है, लेट होने पर उसकी का चेक बाउंस हो जाएगा“ एक दूसरा कस्टमर चिल्ला रहा था. सर्किल ऑफिस से ब्रांच में फ़ोन लगाया जाता है, पर फ़ोन कोई नहीं उठाता। इधर बैंक के बाहर खड़े कस्टमर्स ने बैंक को कोसना शुरू कर दिया था। तभी एक कस्टमर साथ वाले से पूछ रहा था, ये पुलिस कारवाई कब तक चलेगी, “पुलिस कारवाई चल रही है किसने बताया”, अधेड़ कस्टमर चौक कर पूछता है . “अभी थोड़ी देर पहले गार्ड ने बताया था” वही अधेड़ फिर सर्किल ...Read More

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बैंक रॉबरी - 3

BANK ROBBERY — PART 3 बैंक खुले एक घंटे से अधिक का समय हो चुका था। बैंक के अंदर अजीब-सा तनाव पसरा हुआ था। कस्टमर्स, बैंक कर्मचारी और चारों नकाबपोश अब सभी लगभग एक ही ड्रेस में दिखाई दे रहे थे। पहली नज़र में किसी के लिए यह पहचानना मुश्किल था कि कौन बैंक का कर्मचारी है और कौन लुटेरा। फर्क सिर्फ इतना था कि नकाबपोशों के हाथों में गन थीं। बैंक के हॉल में बैठे कस्टमर्स सहमे हुए थे। कोई चुपचाप नीचे देख रहा था, तो कोई बार-बार घड़ी की तरफ देख रहा था। कुछ लोगों के चेहरों ...Read More