अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक

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कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन उसकी जिंदगी का सबसे खास मोड़ बनने वाला था। रोहन शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बी.टेक के पहले वर्ष में दाखिला लेने आया था। वह स्वभाव से शांत, थोड़ा शर्मीला और अपने सपनों की दुनिया में खो रहने वाला लड़का था। उसे भीड़भाड़ से ज्यादा किताबों का साथ पसंद था।

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अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक - भाग 1

कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन जिंदगी का सबसे खास मोड़ बनने वाला था। रोहन शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बी.टेक के पहले वर्ष में दाखिला लेने आया था। वह स्वभाव से शांत, थोड़ा शर्मीला और अपने सपनों की दुनिया में खो रहने वाला लड़का था। उसे भीड़भाड़ से ज्यादा किताबों का साथ पसंद था।कॉलेज का विशाल परिसर छात्रों की आवाजाही से गुलजार था। नए चेहरों की उत्सुकता और सीनियर रैगिंग के डर का मिला-जुला माहौल हर तरफ छाया हुआ था। रोहन अपने हाथ में ...Read More

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अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक - भाग 2

कॉलेज का पहला हफ्ता बीत चुका था। रोहन अब कैंपस के माहौल में थोड़ा-बहुत ढलने लगा था, लेकिन उसके में एक ही चेहरा बार-बार घूम रहा था—अनन्या का। हालांकि, पूरे हफ्ते में उसकी अनन्या से दोबारा मुलाकात नहीं हो पाई थी। रोहन अपनी क्लास और लेक्चर्स के बाद अक्सर कॉलेज की विशाल लाइब्रेरी में समय बिताने चला जाता था। वह जगह उसे सुकून देती थी, जहाँ शोरगुल से दूर केवल पन्नों के पलटने की आवाज सुनाई देती थी।एक सुहाना दोपहर का वक्त था। बाहर हल्की फुहारें पड़ रही थीं और मौसम में एक भीनी-भीनी ठंडक घुल चुकी थी। रोहन ...Read More

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अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक - भाग 3

कॉलेज की जीवंत और रंगीन कैंटीन, शाम की हल्की रोशनी, टेबल पर रखी कॉफी के कप से उठता हुआ का धुआँ, और आमने-सामने बैठे रोहन और अनन्या जिनके चेहरों पर झिझक और प्यार की एक नई चमक है।कहानीअगले दिन शाम को कॉलेज की कैंटीन का माहौल हमेशा की तरह काफी जीवंत और सरगर्म था। छात्रों की हँसी-मजाक की आवाज़ें, गिटार की हल्की सी धुन और कॉफी की सोंधी खुशबू पूरे वातावरण में फैली हुई थी। रोहन ठीक तय समय पर कैंटीन के कोने वाले टेबल पर पहुँच गया था। उसका दिल किसी अनजानी धड़कन के साथ तेजी से धड़क ...Read More

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अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक - भाग 4

खचाखच भरा कॉलेज का ऑडिटोरियम हॉल, मंच पर जलती हुई पीली स्पॉटलाइट, हाथ में माइक थामे हुए रोहन, और की पंक्ति में बैठी अनन्या जो आँखों से हौसला दे रही है।कहानीआखिरकार वह दिन आ ही गया जिसका इंतज़ार रोहन को पिछले दो हफ़्तों से था—कॉलेज का एनुअल लिटरेचर फेस्ट और ओपन-माइक पोएट्री सेशन। ऑडिटोरियम छात्रों और शिक्षकों की भीड़ से पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। हर तरफ उत्साह और सुरीले संगीत की गूंज थी। जैसे-जैसे मंच पर एक के बाद एक प्रतियोगी अपनी प्रस्तुतियाँ दे रहे थे, रोहन के दिल की धड़कनें तेज होती जा रही थीं। उसके ...Read More