Description
अध्याय:44बुजुर्गोंसेमित्रताऔरसेवाकानयाआयाम बदलतेसमयकेसाथसमाजकीसंरचनामेंभीबड़ेबदलावआरहेहैं।जहाँएकओरयुवापीढ़ीअपनीव्यस्तताओंमेंखोईहै,वहींदूसरीओरहमारेबुजुर्गोंकीसंख्याबढ़रहीहैऔरवेअकेलेपनवतकनीकसेदूरीकेकारणस्वयंकोअसहायमहसूसकररहेहैं।इससामाजिकअंतरालकोपाटनेकेलिएकेरलकेकोच्चिमेंएकअत्यंतसराहनीयऔरअनूठीपहलशुरूकीगईहै,जहाँयुवाअब'बुजुर्गोंसेदोस्तीकरने'कीबाकायदाट्रेनिंगलेरहेहैं।'मित्रमंडलम'नामकसंस्थानेइसदिशामेंबीड़ाउठायाहैऔरउनकेइसविजनकोदेखतेहुएकोट्टायमकीएमजी(MG)यूनिवर्सिटीनेइससालसेइसकोर्सकोमान्यताप्रदानकीहै।यहभारतकेसाथ-साथसंभवतःविश्वकाभीएकऐसाअनूठाकोर्सहोगाजोएकसरकारीविश्वविद्यालयद्वारासंचालितकियाजाएगा।इसपाठ्यक्रमकामुख्यउद्देश्ययुवाओंकोबुजुर्गोंकीदेखभालऔरउनकीसमस्याओंकेसमाधानकेलिएकुशलबनानाहै।कोर्सकीविशेषताएँ:इसकोर्समेंछात्रोंको३०घंटेकीसैद्धांतिक(Theory)और३०घंटेकीव्यावहारिक(Practical)शिक्षादीजाएगी।इसकेअंतर्गतयुवासीखेंगेकिबुजुर्गोंकोडिजिटलदुनियासेकैसेजोड़ाजाए,जिसमेंशामिलहैं:•मोबाइलऔरइंटरनेटकाप्रभावीउपयोगसिखाना।•बैंकिंगतकनीकोंऔरऑनलाइनसुरक्षाकाज्ञानदेना।•कानूनीअधिकारोंऔरमहिलाआयोगजैसीसंस्थाओंसेसहायतालेनेकीप्रक्रियासमझाना।•इमरजेंसी(आपातकालीन)स्थितिमेंत्वरितमददप्राप्तकरनेकेतरीकेसिखाना।यहपहलकेवलएककरियरविकल्पनहींहै,बल्किहमारेमानवीयमूल्योंकोसहेजनेकाएकमाध्यमभीहै।जैसे-जैसेदेशमेंबुजुर्गोंकीजनसंख्याबढ़रहीहै,उनकेदेखभालकीजरूरतेंभीबढ़रहीहैं।यहहमाराकर्तव्यभीहैकिहमअपनीजड़ोंकासम्मानकरेंऔरउन्हेंइसआधुनिकयुगमेंअकेलानछोड़ें।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिमानवताकीसबसेबड़ीसेवाउनलोगोंकीसहायताकरनाहैजिन्होंनेहमेंचलनासिखाया।बुजुर्गोंकेपासअनुभवोंकाभंडारहोताहै,औरयुवाओंकेपासआधुनिकतकनीककाज्ञान।यदिइनदोनोंकामिलनहोजाए,तोसमाजसेअकेलापनऔरअसुरक्षाकीभावनासमाप्तहोजाएगी।यहकोर्सहमेंसिखाताहैकिबुजुर्गोंकीदेखभालकेवलएकजिम्मेदारीनहीं,बल्किएकसम्मानजनककार्यऔरआत्मीयताकाबंधनहै।हमेंभीअपनेघरकेबुजुर्गोंकेसाथसमयबितानाचाहिएऔरउन्हेंतकनीकवसमाजकेसाथकदमसेकदममिलाकरचलनेमेंमददकरनीचाहिए। अध्याय:45ह्यूमनलाइब्रेरी—जीवंतअनुभवोंकासाझाज्ञान ज्ञानकासबसेबड़ास्रोतकेवलकिताबोंकेपन्नोंमेंनहीं,बल्किउनइंसानोंकेअनुभवोंमेंछिपाहोताहैजिन्होंनेजीवनकेसंघर्षोंकोजियाहै।इसीविचारकोधरातलपरउतारनेकेलिएकोच्चिकेअनिलकुमारजोशजीनेभारतमेंएकअनोखाप्रयोगशुरूकियाहै,जिसे'ह्यूमनलाइब्रेरी' (मानवपुस्तकालय)कहाजाताहै।इसअवधारणाकीशुरुआतमूलरूपसेसन२०००मेंडेनमार्क(यूरोप)मेंमानवाधिकारोंकीरक्षाऔरसामाजिकन्यायकेउद्देश्यसेकीगईथी।ह्यूमनलाइब्रेरीक्याहै?एकसामान्यलाइब्रेरीमेंहमकिताबेंपढ़तेहैं,लेकिन'ह्यूमनलाइब्रेरी'मेंहमजीते-जागतेइंसानोंको'पढ़ते'हैं।यहाँअनुभवीऔरसफलबुजुर्गयावेलोगजिन्होंनेअपनेजीवनमेंकड़ासंघर्षकियाहै,एक'जीवंतकिताब'कीतरहउपस्थितहोतेहैं।वेअपनीसफलता,असफलता,चुनौतियोंऔरजीवनकेसारकोअगलीपीढ़ीकेसाथसाझाकरतेहैं।कोच्चिमेंआयोजितइसकीपहलीकक्षामेंही१००सेअधिकविद्यार्थीइसअद्भुतज्ञानकोप्राप्तकरनेकेलिएएकत्रितहुएथे।अनिलजोशजीकामाननाहैकियदिहमअपनेजीवनकेअनुभवोंऔरसंघर्षोंकाज्ञानअगलीपीढ़ीकोहस्तांतरितनहींकरते,तोवहपूराज्ञानव्यर्थचलाजाताहै।अबहरहफ्तेदोदिनोंकीकक्षाएंलगतीहैं,जहाँनकेवलप्रसिद्धलोग,बल्किआमनागरिकभीअपनीजीवन-यात्राऔरसमस्याओंसेलड़नेकेतरीकोंकोसाझाकरतेहैं।किताबीशिक्षाहमेंसिद्धांतोंकाज्ञानतोदेसकतीहै,लेकिनजीवनकीवास्तविकसमस्याओंकासामनाकैसेकरनाहै,यहहमेंअनुभवीलोगोंकेसानिध्यमेंहीसीखनेकोमिलताहै।यहपहलनईपीढ़ीकेलिएएकमार्गदर्शककीतरहकार्यकररहीहै,जोउन्हेंकिताबीदुनियासेबाहरनिकलकरजीवनकीवास्तविकताओंसेरूबरूकरातीहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकि'अनुभव'सबसेबड़ाशिक्षकहै।हमेंअपनेघरकेबुजुर्गोंऔरअनुभवीलोगोंकेपासबैठनाचाहिएऔरउनकेसंघर्षोंकीकहानियोंकोसुननाचाहिए।यह'मानवपुस्तकालय'हमेंसिखाताहैकिहरव्यक्तिकेपाससाझाकरनेकेलिएएकअनमोलकहानीहै,जिससेहमबहुतकुछसीखसकतेहैं।ज्ञानकाअसलीहस्तांतरणतभीहोताहैजबहमएक-दूसरेकेअनुभवोंकासम्मानकरेंऔरउन्हेंआनेवालीपीढ़ीकेभविष्यकोसंवारनेकेलिएउपयोगकरें। अध्याय:46कलकिसनेदेखा?अपनोंकोसमयदेनेकीमहत्ता जीवनकीअनिश्चितताहीइसकासबसेबड़ासत्यहै।हमअक्सरअपनेभविष्यकीयोजनाओंमेंइतनेव्यस्तहोजातेहैंकिवर्तमानकेउनअनमोलक्षणोंकोजीनाभूलजातेहैं,जोहमारेप्रियजनोंकेसाथबिताएजानेचाहिए।कैप्टनसुमितसबरवालकीयहअत्यंतमर्मस्पर्शीऔरदुखदघटनाहमेंयहयाददिलातीहैकिसमयकिसीकीप्रतीक्षानहींकरताऔर'कल'कभीनहींआता।कैप्टनसुमितसबरवाल,जोअहमदाबादसेलंदनजानेवालीएकफ्लाइटकेपायलटथे,नेउड़ानभरनेसेठीकपहलेअपनेपितासेबातकीथी।उन्होंनेकहाथा,"पिताजी,मैंलंदनपहुँचकरआपकोफोनकरूँगाऔरवहांसेवापसआनेकेबादहमसाथमेंबहुतसारासमयबिताएंगे।"लेकिननियतिकोकुछऔरहीमंजूरथा।उड़ानभरनेकेमात्र५मिनटकेभीतरहीवहविमानदुर्घटनाग्रस्तहोगयाऔरकैप्टनसुमितसहितउसमेंसवार२४२लोगोंकादेहांतहोगया।उसविमानमेंमौजूदहरयात्रीऔरक्रूमेंबरनेनिश्चितरूपसेअपनेघरपरकिसीनकिसीसेवापसआनेयापहुँचनेकावादाकियाहोगा।यहघटनाहमेंजीवनकीनश्वरताकाअहसासकरातीहै।हमअक्सरयहसोचतेहैंकिआजकामपूराकरलेतेहैं,अपनोंसेमिलनेयाउनसेबातकरनेकाकामकलयाअगलेहफ्तेकरलेंगे।लेकिनयह'कल'कभी-कभीकभीनहींआता।यदिआपकेमनमेंकिसीमित्र,रिश्तेदारयामाता-पितासेमिलनेकाविचारआए,तोउसेटालेंनहीं।अपनीव्यस्तताओंकेबीचसेसमयनिकालेंऔरउसीक्षणउनसेजुड़नेकाप्रयासकरें।जीवनमेंकोईनहींजानताकिईश्वरनेअगलेहीपलकेलिएक्यालिखाहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकि'समय'सेबड़ाकोईउपहारनहींहैजोआपअपनेप्रियजनोंकोदेसकें।रिश्तोंमेंआत्मीयताबनाएरखनेकेलिएभौतिकसुख-सुविधाओंसेअधिक'उपलब्धता' (Availability)आवश्यकहै।जबभीआपकेमनमेंअपनोंकेसाथवक्तबितानेकीइच्छाहो,तोउसेभविष्यकेलिएनछोड़ें।तत्कालकदमउठाएं,क्योंकिप्रेमऔरअपनोंकासाथहीवहपूँजीहैजोअंततःहमारेसाथरहतीहै।अपनेरिश्तोंकोआजहीजीलें,ताकिबादमेंकोईअफसोसनरहे। अध्याय:47टाइमबैंक—समयकानिवेशऔरमानवताकीसेवा अक्सरहमबैंकोंमेंधन,सोनायाकीमतीदस्तावेजजमाकरतेहैंताकिभविष्यकीजरूरतोंकोपूराकियाजासके।लेकिनक्याआपनेकभीऐसेबैंककेबारेमेंसुनाहैजहाँ'समय'जमाकियाजाताहै?जयपुरकेदोसेवानिवृत्तबैंककर्मियों,श्रीअनिलकुमारखोसलाऔरश्रीप्रबोधचंद्रजैनने८सालपहलेएकऐसीहीअद्भुतअवधारणाकोजन्मदिया,जिसे'टाइमबैंकऑफइंडिया'केनामसेजानाजाताहै।यहबैंकसमाजमेंआपसीसहयोगऔरआत्मीयताकाएकनयाउदाहरणपेशकररहाहै।टाइमबैंककैसेकामकरताहै?इसबैंककासिद्धांतअत्यंतसरलऔरमानवीयहै— "आजआपकिसीकोअपनासमयदें,ताकिकलजरूरतपड़नेपरआपकोभीकिसीकासमयमिलसके।"इसबैंकसेजुड़ेबुजुर्गऔरअन्यसदस्यअपनाखालीसमयदूसरोंकीसेवायामददमेंव्यतीतकरतेहैं।उनकेद्वारासेवामेंबिताएगएहरघंटेकोबैंककेडेटाबेसमें'जमा'करलियाजाताहै।जबभविष्यमेंउससदस्यकोस्वयंकिसीसहायतायासाथकीआवश्यकताहोतीहै,तोवहअपनेजमाकिएगएघंटोंकाउपयोगकरसकताहै।बैंकतबअन्यसदस्योंकोउसकीमददकेलिएभेजताहै।इसपहलकीमुख्यविशेषताएँ:•व्यापकनेटवर्क:पिछले८वर्षोंमेंइसबैंकसेपूरेभारतकेलगभग७,०००लोगजुड़चुकेहैं।•समयकीपूँजी:सदस्योंनेअबतककुल१०,०००सेअधिकघंटेदूसरोंकीसेवामेंजमाकिएहैं।•सुरक्षाऔरगोपनीयता:बैंककीएकवेबसाइटहैजहाँसदस्योंकाडेटापूरीतरहगोपनीयरखाजाताहै।इसमेंबाकायदा'केवाईसी' (KYC)प्रक्रियाहोतीहैऔरपूरेभारतमें१०९एडमिनइसव्यवस्थाकोसुचारूरूपसेचलानेकेलिएनियुक्तकिएगएहैं।•बुजुर्गोंकेलिएवरदान:यहपहलविशेषरूपसेउनबुजुर्गोंकेलिएअत्यंतलाभकारीहैजोअकेलेरहतेहैं।यहउन्हेंनकेवलसक्रियरखताहै,बल्किसंकटकेसमयएकभरोसेमंदसहाराभीप्रदानकरताहै।यहसमाजमेंप्रेम,स्नेहऔरसौहार्दबढ़ानेकाएकअनूठाप्रयोगहै।यहहमेंसिखाताहैकिसमयवहअनमोलसंपत्तिहैजिसेयदिहमदूसरोंकीभलाईमेंनिवेशकरें,तोवहहमेंसबसेकठिनसमयमेंसंबलप्रदानकरतीहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिमानवताकीसच्चीसेवाएक-दूसरेकेकामआनेमेंहै। 'टाइमबैंक'हमेंयहअहसासकराताहैकिधनसेभीअधिककीमतीवहसमयहैजोहमकिसीदुखीयाअकेलेव्यक्तिकेसाथबितातेहैं।हमेंभीअपनेजीवनमेंदूसरोंकेलिएसमयनिकालनाचाहिए।यादरखें,जोहमदूसरोंकोदेतेहैं,वहीभविष्यमेंहमारेपासलौटकरआताहै।आजकीगईदूसरोंकीनिस्वार्थमददहीकलहमारेलिएसबसेबड़ीसुरक्षाऔरशांतिकाआधारबनतीहै।