Best Spiritual Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 41 By Shiv putri

प्रिया और सार्थक आपस में बात कर रहे थे .....प्रिया — आप महान बनने के चक्कर में खुद का भविष्य खराब मत कीजिए सार्थक— ऐसा नहीं है प्रिया जी, हम समझते है श्री मेरी किस्मत में नहीं थी इ...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 33 By Nitya Oswal

गुजरात के राजकोट जिले के वीरपुर गाँव के परम सिद्ध, त्यागी और साक्षात् अन्नपूर्णा के परम भक्त संत जलाराम बापा की एक अत्यंत मर्मस्पर्शी और प्रसिद्ध अमृत वाणी यहाँ दी गई है। यह वाणी ज...

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Vedanta 2.0 Philosophical By Vedanta Life Agyat Agyani

 Agyat Agyaniअज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 | Consciousness | Non-Duality | Philosophy of MindExistenceConsciousnessVedantaNon-DualityMetaphysicsCosm...

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वह पुरानी घड़ी By Subhan Khan

वह पुरानी घड़ीशहर के एक पुराने मोहल्ले में सिया अपनी दादी के साथ रहती थी। उसके माता-पिता दूसरे शहर में नौकरी करते थे, इसलिए सिया को अपनी दादी के साथ ही रहना पड़ता था।दादी के पास एक...

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అత్రి మహర్షి By ch Pratap

భారతీయ ఋషి సంప్రదాయంలో కొందరు మహర్షుల ప్రాధాన్యం వారి వ్యక్తిగత జీవిత కథలతో మాత్రమే పరిమితం కాదు. వారి జ్ఞానం, తపస్సు, వంశపరంపర, ధర్మబోధ అనేక తరాలకు మార్గదర్శకంగా నిలుస్తాయి. అలాంట...

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ભગવદ્ગીતા ભાવાનુવાદ ભાગ :૨ By yeash shah

કૃષ્ણ :  અર્જુન ,પરંપરાથી આ બન્ને માર્ગ શ્રેષ્ઠ રાજાઓ જાણતા હતા, તેઓ પ્રકૃતિ તેમ જ પ્રાણ ના સંબંધ ને જાણી એક જ સ્વભાવથી સર્વના હિત થી પ્રેરાઈ ને કર્મ કરતા હતા.. સૂર્ય આ યોગ ના આદર્...

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा - भाग 2 By Banwari Lal

श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथाभाग 2 — देवकी-वसुदेव का कारागार और छह संतानों की कथाजय श्रीकृष्ण पिछले भाग में आपने जाना कि किस प्रकार कंस को आकाशवाणी से यह पता चला कि देवकी का आठवाँ पुत...

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सत्य, शून्यता और काल By Vedanta Life Agyat Agyani

 सत्य, शून्यता और काल बुद्ध भिक्षापात्र लेकर खड़े होते हैं। उसका बाहरी अर्थ गरीबी या त्याग नहीं है। उसका संकेत अधिक गहरा है—“मेरा कुछ नहीं है, इसलिए मैं खाली हूँ।”लेकिन शायद मनुष्य...

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राधिका पर चढ़ श्याम रंग By Anamika

भक्ति क्या है? आज हम बात करेंगे एक छोटी सी लड़की राधिका की, जिस पर श्री कृष्ण का रंग चढ़ जाता है। रंग चढ़ने का अर्थ है कि वो श्री कृष्ण की भक्ति करने लग जाती है। लेकिन कैसे?कहते है...

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మరీచి By ch Pratap

భారతీయ ఆధ్యాత్మిక సంప్రదాయంలో కొందరు మహర్షుల ప్రాధాన్యం వారి వ్యక్తిగత జీవిత కథలతో మాత్రమే పరిమితం కాదు. వారి వంశపరంపర, జ్ఞానపారంపర్యం, సృష్టి వ్యవస్థలో వారి పాత్ర అనేక తరాలకు విస్...

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ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(17} की व्याख्या "ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्" यजुर्वेद --11/84 भावार्थ-- हे ईश्वर! हमें दिव्य ज्ञान प्रदान करें।वेदों में प्रमाण --“ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्” — यजुर्वेद 11/8...

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कालू की पहाड़ी - 18 By RAAHULL SHARMA

त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार दिया था। अब ज़मीन पर तड़प रहा वह जीव 'कालू' नहीं, बल्कि वही मासूम कल्याण सिं...

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ज्ञान का बोझ और शून्य By Vedanta Life Agyat Agyani

वही शून्य है।   ज्ञान का बोझ और शून्यमनुष्य बड़ा विचित्र प्राणी है।वह जीवन को जीने से ज्यादा,जीवन को समझने की कोशिश करता रहता है।   इसी आधार पर धार्मिक मोटिवेशन टिप्स सफलता के सूत्...

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Janmastami : Science By Ashish

बिल्कुल। जन्माष्टमी को केवल धार्मिक उत्सव मानने के बजाय अगर हम परंपरा + मनोविज्ञान + सामाजिक विज्ञान + स्वास्थ्य + प्रकृति के दृष्टिकोण से देखें, तो इसके पीछे कई रोचक बातें दिखाई द...

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मनोयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(16) की व्याख्या '"मनोयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84हे ईश्वर! हमारे मन को शुद्ध करें।हाँ, यह भावार्थ सुंदर है, पर एक छोटी सावधानी आवश्यक है।मूल मंत्रांश:मनो यज...

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అరచేతిలో అపరిచిత ముఖం-999 By Twist Master Sandeep

అరచేతిలో అపరిచిత ముఖం — 999గది కిటికీ బయట చీకటి దట్టంగా కమ్ముకుంది. కానీ ఆ చీకటి కంటే ఘోరమైన చీకటి సందీప్ మనస్సులో గడ్డకట్టుకుపోయింది. గుండెల్లోంచి ఉబికి వస్తున్న నిస్సహాయత వేదన అత...

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विरोध नहीं, जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

 विरोध नहीं, जागरणकेवल बात करने से यदि सब कुछ संभव होता, तो यह संसार कब का स्वर्ग बन गया होता। समाज में सदियों से प्रवचन हैं, नियम हैं, कानून हैं, संस्थाएँ हैं, आंदोलन हैं, विरोध ह...

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धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

  धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरणवेदांत 2.0 के परिप्रेक्ष्य में मन, अहंकार और विश्वास का अध्ययन अज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 ©(इंटरनेशनल विज्ञान और...

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ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 22 By Amir Ali Daredia

ઈસ્લામિક સ્ટોરી 22    હઝરત ઈમામ હુસૈન મક્કા આવ્યા પછી ચાર મહિના સુધી તો કુફાના લોકો ને જાણ પણ ન હતી કે હઝરત હુસૈન ક્યા અને કઈ હાલાતમા છે.ચાર મહીને લોકોને જ્યારે જાણ થઈ કે હઝરત હુસૈ...

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कृष्ण और सुदामा की मित्रता By palak baisla

बहुत समय पहले की बात है। उज्जैन में गुरु सांदीपनि का आश्रम था। वहाँ दो बालक शिक्षा ग्रहण करते थे। एक था नंद का लाला कृष्ण और दूसरा था एक गरीब ब्राह्मण का पुत्र सुदामा। दोनों में गह...

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वाग्यज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(15) की व्याख्याति"वाग्यज्ञेन कल्पताम्"अयजुर्वेद --11/84भावार्थ --हे ईश्वर! हमारी वाणी शुद्ध हो। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहित-- यहाँ एक महत्वपूर्ण बात पहले स्पष्ट कर दू...

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संकट मोचन हनुमान जी का चमत्कार By palak baisla

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव रामपुर में मोहन नाम का एक गरीब लड़का रहता था। मोहन बचपन से ही हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था। उसके घर में कुछ नहीं था, लेकिन उसके दिल में हनुमान जी...

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मूल ग्रंथ पहले, कथावाचन बाद में By Shivam Kumar Pandey

धार्मिक जीवन में कथा सुनने की परंपरा बहुत पुरानी है। किसी धार्मिक ग्रंथ की कथा सुनना केवल शब्दों को सुनना नहीं होता, बल्कि उसमें भाव, भक्ति, श्रद्धा, श्रवण और धार्मिक वातावरण भी जु...

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భృగు మహర్షి By ch Pratap

భారతీయ ఋషి సంప్రదాయంలో కొన్ని పేర్లు కాలాన్ని దాటి నిలిచిపోతాయి. అవి ఒక మహర్షి జీవితాన్నే కాకుండా ఒక జ్ఞాన పరంపరను, తాత్త్విక దృష్టిని, జీవన విలువలను ప్రతిబింబిస్తాయి. అలాంటి మహనీయ...

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राधा रानी की कृपा By palak baisla

बरसाना में यमुना किनारे सावित्री नाम की एक बूढ़ी मैया रहती थी। उसका इस संसार में कोई नहीं था। पति बहुत साल पहले गुजर गए थे, बच्चे नहीं थे। उसका बस एक ही सहारा था, एक ही परिवार था -...

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जब राधा रानी ने किया चमत्कार By palak baisla

वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा रानी से बहुत प्रेम था। वह हर दिन सुबह उठकर यमुना में स्नान करती और फिर राधा-कृष्ण के मंदिर में फूलों...

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नुआखाई (पर्व नहीं एक एहसास) By Anamika

स्मृतियों की थाली में नुआखाई का नवान्न :​भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष पंचमी (गणेश चतुर्थी के अगले दिन) जब भी करीब आती है, हवा में एक सोंधी सी खुशबू घुलने लगती है। पश्चिमी ओडिशा का यह...

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जब भोले बाबा ने दिया वरदान By palak baisla

प्राचीन समय की बात है। हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव था जिसका नाम शिवपुर था। उस गाँव में आरती नाम की एक गरीब लड़की अपनी बूढ़ी माँ के साथ रहती थी। आरती के पिता का देहांत बचप...

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શું આજના બાળકો ખોટી દિશામાં જઈ રહ્યા છે? By Dada Bhagwan

આપણે એમ કહેતા કે સાંભળતા આવ્યા છીએ કે ભારત દેશમાં નવી પેઢી બગડતી જાય છે. આજના બાળકો ઊંધી દિશામાં જઈ રહ્યા છે. પરંતુ આધ્યાત્મની દૃષ્ટિએ જોઈએ તો આ કાળમાં ભારત દેશ ડેવલપ થયો છે, અને અ...

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प्रतीकोपासना - भाग 4 By kalpesh

प्रतीकोपासना :- संपूर्ण साधना का क्रमभाग ४ : स्वप्रतीक से चिदाकाश तकअब तक हमने प्रतीकोपासना के तीन प्रमुख चरणों को समझा है। पहले चरण में साधक अपने ही प्रतिबिंब को स्वप्रतीक बनाकर उ...

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પર્યુષણ ૨૦૨૬ By Ashish

પર્યુષણ મહાપર્વ ૨૦૨૬ : આત્મશુદ્ધિ, ક્ષમા અને પરિવર્તનનો પવિત્ર પર્વજૈન ધર્મમાં પર્યુષણ માત્ર ધાર્મિક તહેવાર નથી; તે પોતાની અંદર જોવાનો, ભૂલો સ્વીકારવાનો, અહંકાર ઓગાળવાનો અને આત્માન...

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समकालीन अद्वैत का सच: संस्था नहीं, साक्षी। By Vedanta Life Agyat Agyani

 समकालीन अद्वैत वेदान्त का दार्शनिक विश्लेषण: संस्थागत ढाँचे, तार्किक व्याख्याएँ और 'वेदान्त 2.0' का शून्य-बिंदु चेतना सिद्धांतअद्वैत वेदान्त की शास्त्रीय उपनिषदीय परंपरा म...

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फल से कारण तक - रूप के पार निराकार सत्य By Vedanta Life Agyat Agyani

        अध्याय : फल से कारण तक — रूप के पार निराकार सत्यबीज-वाक्य  “फल को मत पकड़ो, कारण तक जाओ।रूप को देखो, पर रूप को अंतिम सत्य मत मानो।”               1. धर्म की पहली भूल — फल क...

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Zinagi 2.0 By Swarnima Varshney

काश कुछ ऐसा हो जाए… जो दिल को चाहिए, वही मिल जाए। कितनी खुशी होगी ना, कुछ पलों के लिए… पर ये दिल कहाँ ठहरता है एक पल के लिए। ऐसा लगता है कि जो है उसमें कुछ अधूरा है। जो मिल जाए, तो...

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जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है कर्म से दृष्टा तक By Vedanta Life Agyat Agyani

जो हो रहा है, अच्छा हो रहा हैकर्म से दृष्टा तक लेखक : Agyat Agyani प्रस्तावना — पहला सारयह पुस्तक किसी मत को स्थापित करने के लिए नहीं है। यह घटना को घटना की तरह देखना सिखाने के लिए...

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श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 41 By Shiv putri

प्रिया और सार्थक आपस में बात कर रहे थे .....प्रिया — आप महान बनने के चक्कर में खुद का भविष्य खराब मत कीजिए सार्थक— ऐसा नहीं है प्रिया जी, हम समझते है श्री मेरी किस्मत में नहीं थी इ...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 33 By Nitya Oswal

गुजरात के राजकोट जिले के वीरपुर गाँव के परम सिद्ध, त्यागी और साक्षात् अन्नपूर्णा के परम भक्त संत जलाराम बापा की एक अत्यंत मर्मस्पर्शी और प्रसिद्ध अमृत वाणी यहाँ दी गई है। यह वाणी ज...

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Vedanta 2.0 Philosophical By Vedanta Life Agyat Agyani

 Agyat Agyaniअज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 | Consciousness | Non-Duality | Philosophy of MindExistenceConsciousnessVedantaNon-DualityMetaphysicsCosm...

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वह पुरानी घड़ी By Subhan Khan

वह पुरानी घड़ीशहर के एक पुराने मोहल्ले में सिया अपनी दादी के साथ रहती थी। उसके माता-पिता दूसरे शहर में नौकरी करते थे, इसलिए सिया को अपनी दादी के साथ ही रहना पड़ता था।दादी के पास एक...

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అత్రి మహర్షి By ch Pratap

భారతీయ ఋషి సంప్రదాయంలో కొందరు మహర్షుల ప్రాధాన్యం వారి వ్యక్తిగత జీవిత కథలతో మాత్రమే పరిమితం కాదు. వారి జ్ఞానం, తపస్సు, వంశపరంపర, ధర్మబోధ అనేక తరాలకు మార్గదర్శకంగా నిలుస్తాయి. అలాంట...

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ભગવદ્ગીતા ભાવાનુવાદ ભાગ :૨ By yeash shah

કૃષ્ણ :  અર્જુન ,પરંપરાથી આ બન્ને માર્ગ શ્રેષ્ઠ રાજાઓ જાણતા હતા, તેઓ પ્રકૃતિ તેમ જ પ્રાણ ના સંબંધ ને જાણી એક જ સ્વભાવથી સર્વના હિત થી પ્રેરાઈ ને કર્મ કરતા હતા.. સૂર્ય આ યોગ ના આદર્...

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा - भाग 2 By Banwari Lal

श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथाभाग 2 — देवकी-वसुदेव का कारागार और छह संतानों की कथाजय श्रीकृष्ण पिछले भाग में आपने जाना कि किस प्रकार कंस को आकाशवाणी से यह पता चला कि देवकी का आठवाँ पुत...

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सत्य, शून्यता और काल By Vedanta Life Agyat Agyani

 सत्य, शून्यता और काल बुद्ध भिक्षापात्र लेकर खड़े होते हैं। उसका बाहरी अर्थ गरीबी या त्याग नहीं है। उसका संकेत अधिक गहरा है—“मेरा कुछ नहीं है, इसलिए मैं खाली हूँ।”लेकिन शायद मनुष्य...

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राधिका पर चढ़ श्याम रंग By Anamika

भक्ति क्या है? आज हम बात करेंगे एक छोटी सी लड़की राधिका की, जिस पर श्री कृष्ण का रंग चढ़ जाता है। रंग चढ़ने का अर्थ है कि वो श्री कृष्ण की भक्ति करने लग जाती है। लेकिन कैसे?कहते है...

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మరీచి By ch Pratap

భారతీయ ఆధ్యాత్మిక సంప్రదాయంలో కొందరు మహర్షుల ప్రాధాన్యం వారి వ్యక్తిగత జీవిత కథలతో మాత్రమే పరిమితం కాదు. వారి వంశపరంపర, జ్ఞానపారంపర్యం, సృష్టి వ్యవస్థలో వారి పాత్ర అనేక తరాలకు విస్...

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ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(17} की व्याख्या "ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्" यजुर्वेद --11/84 भावार्थ-- हे ईश्वर! हमें दिव्य ज्ञान प्रदान करें।वेदों में प्रमाण --“ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्” — यजुर्वेद 11/8...

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कालू की पहाड़ी - 18 By RAAHULL SHARMA

त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार दिया था। अब ज़मीन पर तड़प रहा वह जीव 'कालू' नहीं, बल्कि वही मासूम कल्याण सिं...

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ज्ञान का बोझ और शून्य By Vedanta Life Agyat Agyani

वही शून्य है।   ज्ञान का बोझ और शून्यमनुष्य बड़ा विचित्र प्राणी है।वह जीवन को जीने से ज्यादा,जीवन को समझने की कोशिश करता रहता है।   इसी आधार पर धार्मिक मोटिवेशन टिप्स सफलता के सूत्...

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मनोयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(16) की व्याख्या '"मनोयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84हे ईश्वर! हमारे मन को शुद्ध करें।हाँ, यह भावार्थ सुंदर है, पर एक छोटी सावधानी आवश्यक है।मूल मंत्रांश:मनो यज...

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అరచేతిలో అపరిచిత ముఖం-999 By Twist Master Sandeep

అరచేతిలో అపరిచిత ముఖం — 999గది కిటికీ బయట చీకటి దట్టంగా కమ్ముకుంది. కానీ ఆ చీకటి కంటే ఘోరమైన చీకటి సందీప్ మనస్సులో గడ్డకట్టుకుపోయింది. గుండెల్లోంచి ఉబికి వస్తున్న నిస్సహాయత వేదన అత...

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विरोध नहीं, जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

 विरोध नहीं, जागरणकेवल बात करने से यदि सब कुछ संभव होता, तो यह संसार कब का स्वर्ग बन गया होता। समाज में सदियों से प्रवचन हैं, नियम हैं, कानून हैं, संस्थाएँ हैं, आंदोलन हैं, विरोध ह...

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धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

  धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरणवेदांत 2.0 के परिप्रेक्ष्य में मन, अहंकार और विश्वास का अध्ययन अज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 ©(इंटरनेशनल विज्ञान और...

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ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 22 By Amir Ali Daredia

ઈસ્લામિક સ્ટોરી 22    હઝરત ઈમામ હુસૈન મક્કા આવ્યા પછી ચાર મહિના સુધી તો કુફાના લોકો ને જાણ પણ ન હતી કે હઝરત હુસૈન ક્યા અને કઈ હાલાતમા છે.ચાર મહીને લોકોને જ્યારે જાણ થઈ કે હઝરત હુસૈ...

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कृष्ण और सुदामा की मित्रता By palak baisla

बहुत समय पहले की बात है। उज्जैन में गुरु सांदीपनि का आश्रम था। वहाँ दो बालक शिक्षा ग्रहण करते थे। एक था नंद का लाला कृष्ण और दूसरा था एक गरीब ब्राह्मण का पुत्र सुदामा। दोनों में गह...

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वाग्यज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(15) की व्याख्याति"वाग्यज्ञेन कल्पताम्"अयजुर्वेद --11/84भावार्थ --हे ईश्वर! हमारी वाणी शुद्ध हो। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहित-- यहाँ एक महत्वपूर्ण बात पहले स्पष्ट कर दू...

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संकट मोचन हनुमान जी का चमत्कार By palak baisla

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव रामपुर में मोहन नाम का एक गरीब लड़का रहता था। मोहन बचपन से ही हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था। उसके घर में कुछ नहीं था, लेकिन उसके दिल में हनुमान जी...

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मूल ग्रंथ पहले, कथावाचन बाद में By Shivam Kumar Pandey

धार्मिक जीवन में कथा सुनने की परंपरा बहुत पुरानी है। किसी धार्मिक ग्रंथ की कथा सुनना केवल शब्दों को सुनना नहीं होता, बल्कि उसमें भाव, भक्ति, श्रद्धा, श्रवण और धार्मिक वातावरण भी जु...

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राधा रानी की कृपा By palak baisla

बरसाना में यमुना किनारे सावित्री नाम की एक बूढ़ी मैया रहती थी। उसका इस संसार में कोई नहीं था। पति बहुत साल पहले गुजर गए थे, बच्चे नहीं थे। उसका बस एक ही सहारा था, एक ही परिवार था -...

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जब राधा रानी ने किया चमत्कार By palak baisla

वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा रानी से बहुत प्रेम था। वह हर दिन सुबह उठकर यमुना में स्नान करती और फिर राधा-कृष्ण के मंदिर में फूलों...

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नुआखाई (पर्व नहीं एक एहसास) By Anamika

स्मृतियों की थाली में नुआखाई का नवान्न :​भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष पंचमी (गणेश चतुर्थी के अगले दिन) जब भी करीब आती है, हवा में एक सोंधी सी खुशबू घुलने लगती है। पश्चिमी ओडिशा का यह...

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प्राचीन समय की बात है। हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव था जिसका नाम शिवपुर था। उस गाँव में आरती नाम की एक गरीब लड़की अपनी बूढ़ी माँ के साथ रहती थी। आरती के पिता का देहांत बचप...

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શું આજના બાળકો ખોટી દિશામાં જઈ રહ્યા છે? By Dada Bhagwan

આપણે એમ કહેતા કે સાંભળતા આવ્યા છીએ કે ભારત દેશમાં નવી પેઢી બગડતી જાય છે. આજના બાળકો ઊંધી દિશામાં જઈ રહ્યા છે. પરંતુ આધ્યાત્મની દૃષ્ટિએ જોઈએ તો આ કાળમાં ભારત દેશ ડેવલપ થયો છે, અને અ...

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પર્યુષણ ૨૦૨૬ By Ashish

પર્યુષણ મહાપર્વ ૨૦૨૬ : આત્મશુદ્ધિ, ક્ષમા અને પરિવર્તનનો પવિત્ર પર્વજૈન ધર્મમાં પર્યુષણ માત્ર ધાર્મિક તહેવાર નથી; તે પોતાની અંદર જોવાનો, ભૂલો સ્વીકારવાનો, અહંકાર ઓગાળવાનો અને આત્માન...

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समकालीन अद्वैत का सच: संस्था नहीं, साक्षी। By Vedanta Life Agyat Agyani

 समकालीन अद्वैत वेदान्त का दार्शनिक विश्लेषण: संस्थागत ढाँचे, तार्किक व्याख्याएँ और 'वेदान्त 2.0' का शून्य-बिंदु चेतना सिद्धांतअद्वैत वेदान्त की शास्त्रीय उपनिषदीय परंपरा म...

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फल से कारण तक - रूप के पार निराकार सत्य By Vedanta Life Agyat Agyani

        अध्याय : फल से कारण तक — रूप के पार निराकार सत्यबीज-वाक्य  “फल को मत पकड़ो, कारण तक जाओ।रूप को देखो, पर रूप को अंतिम सत्य मत मानो।”               1. धर्म की पहली भूल — फल क...

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Zinagi 2.0 By Swarnima Varshney

काश कुछ ऐसा हो जाए… जो दिल को चाहिए, वही मिल जाए। कितनी खुशी होगी ना, कुछ पलों के लिए… पर ये दिल कहाँ ठहरता है एक पल के लिए। ऐसा लगता है कि जो है उसमें कुछ अधूरा है। जो मिल जाए, तो...

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जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है कर्म से दृष्टा तक By Vedanta Life Agyat Agyani

जो हो रहा है, अच्छा हो रहा हैकर्म से दृष्टा तक लेखक : Agyat Agyani प्रस्तावना — पहला सारयह पुस्तक किसी मत को स्थापित करने के लिए नहीं है। यह घटना को घटना की तरह देखना सिखाने के लिए...

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