The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
शीशे के अंदर कैद शेखर ने जब देखा कि उसका हमशक्ल उसकी पूरी दुनिया छीनने जा रहा है...
नौशाद ने अपनी कलाई की ड्रिप खींचकर अलग फेंकी और अपने टैक्टिकल बूट्स के तस्मे कसन...
सुबह की हल्की धूप कमरे की खिडकी से अंदर आ रही थी. पर्दों के बीच से आती रोशनी राह...
कुछ ज्ञान की बातें 9 नोट - इस आलेख में कुछ ऐसी प्राकृतिक बातों पर प्रकाश डाल...
Mr. & Ms. FakeEpisode 35 – Room 17रात के करीब साढ़े दस बज चुके थे।सिंह हाउस के ब...
️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 29 — पहला फैसलासुबह की हल्की धूप राजमहल की खिड़किय...
भाग : 09धर्म किसका है?सिनाराम मुर्मू कुछ क्षण तक बिल्कुल मौन खड़े रहे।बरामदे में...
आखिर वह दिन आ गया जब इस कहानी का आखिरी पड़ाव हम सब का इंतज़ार कर रहा था । यह अम...
कैमरा दिखाता है — सीया बाथरूम से बाहर आती है। चेहरा पीला, हाथों में हल्की कांप।...
दरवाज़े का पुराना, जंग लगा हुआ भारी लॉक मेरे पीछे एक ज़ोरदार 'धड़ाम' की...
तीस साल की दिव्या, श्वेत साड़ी में लिपटी एक ऐसी लड़की, जिसके कदमों में घुंघरू थे, पर कंधों पर सालों से एक अदृश्य बोझ। घर में उसका नाम अब एक गाली की तरह बोला जाता। सुबह सात बजे...
आश्रम में प्रातःकालीन ध्यान-धारणा के बाद जब सूर्य की पहली किरणें जिनालय के श्वेत संगमरमर पर पड़तीं, तब पंच-परमेष्ठी की पूजा आरंभ होती। घंटियों की मधुर ध्वनि, दीपों जा प्रज्ज्वलन, फ...
बरसों पहले की बात है। गंगा किनारे बसे छोटे से गाँव नवग्राम में एक लड़का रहता था – नाम था अर्जुन। उम्र मुश्किल से पंद्रह–सोलह वर्ष, लेकिन चेहरे पर मासूमियत और आँखों में अजीब-सी गहरा...
कहानी:- ■■ वाह ! बेटा वाह ! ■■ भाग01 (कलियुगी बेटे की करतूत) _____________________________________________ रघु मेरा गहरा मित्र था, वह एक स...
काव्या प्यार में विश्वास नहीं करती। उसका अपना परिवार है - उसके पिता और दोस्त और वह उनके साथ खुश है। एक दुर्घटना ने उसके जीवन में सब कुछ बदल दिया। उसे अपने सबसे अच्छे दोस्त के अतीत...
रहस्यमयी दस्तावेज़ जयपुर की एक पुरानी लाइब्रेरी में, किताबों की धूल भरी अलमारियों के बीच, इतिहास के शोधकर्ता आरव मल्होत्रा को एक फटी-पुरानी डायरी मिली। वह रोज़ाना किसी नए राज की...
एक रात के बाद खिड़की से ठंडी हवा और बारिश की बूंदें अंदर आ रही थीं। बूंदों की नमी जब आरोही के चेहरे को छूकर गुजरती, तो जैसे उसके मन की उलझनों को और गहरा कर देतीं। वह गुमसुम खड़ी थ...
पहाड़ों से घिरा हुआ एक खूबसूरत सा कस्बा.....आज पूरे एक महीने की कड़ाके की सर्दी के बाद सूरज ने अपनी आभा का प्रकाश यहां बिखेरा था ...मसलन आज कस्बे के इस हिस्से में भीड़ ज्यादा थी......
दिल्ली, शाम के 6:20। ऑफिस बस से उतरकर माया पैदल अपने घर की ओर चलने लगी। हाथ में भारी लैपटॉप बैग था और मन में राहुल की खामोशी। सड़क पर चाय की दुकान से उठती भाप और धीमी-धीमी बूंदों...
रात का समय था। एक लड़का अंधेरे में किसी से छिपकर तेज़ी से भाग रहा था। वह थक चुका था, साँसे फूल रही थीं, लेकिन रुकने का नाम नहीं ले रहा था। डर और घबराहट उसके चेहरे पर साफ़ झलक रही थ...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser