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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • अंधे बाबा अब्दुल्ला की कहानी

    बाबा अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इसी बगदाद नगर में पैदा हुआ था। मेरे माँ बाप मर गए त...

  • પ્રારંભ - 18

    પ્રારંભ પ્રકરણ 18 સુરતમાં હવે બીજું કોઈ કામ ન હતું એટલે બીજા દિવસે રાત્રે જ જામન...

  • छोटी जो बड़ी वो

    छोटी जो बड़ी वो रिनछिन के पेंसिल बॉक्स में रबर, शार्पनर और पेंसिल थींं। रिनछिन ने...

अंधे बाबा अब्दुल्ला की कहानी By Ravinder Sharma

बाबा अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इसी बगदाद नगर में पैदा हुआ था। मेरे माँ बाप मर गए तो उनका धन उत्तराधिकार में मैंने पाया। वह धन इतना था कि उससे मैं जीवन भर आराम से रह सकता था किंतु मैं...

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પ્રારંભ - 18 By Ashwin Rawal

પ્રારંભ પ્રકરણ 18 સુરતમાં હવે બીજું કોઈ કામ ન હતું એટલે બીજા દિવસે રાત્રે જ જામનગર જવા નીકળી જવાનું કેતને નક્કી કર્યું. વેકેશન પૂરું થઈ ગયું હતું એટલે ટ્રેઈનો ફુલ હતી. તત્કાલમાં પણ...

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अंधेरा बंगला - 9 By Mansi

Chep 9 अब तक आपने देखा कि गुड़िया ने कहा कि अंधेरे बंगले के अंदर उसी की उम्र की एक बच्ची ने उसके साथ खूब खेला अभी आगे की कहानी देखते है। सब लोग गुड़िया की तरफ देखने लगते है तब ही म...

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The Tales Of Mystries - 8 - રોમાન્સ ઇન એકલિપ્સ - 3 By Saumil Kikani

પ્રકરણ 32019: મેં મહિનો. પોતાના રૂમ માં બેઠી બેઠી અનુરાધા એક નોટ માં કૈક ચીતરી રહી હતી. ત્યાં એના મમ્મી કૌશલીયા બેન આવી ચડ્યા. અને એ નોટ માં જોયું તો એક ઉપર એક કવેશન ચિન્હ ઘૂંટયા હ...

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छोटी जो बड़ी वो By Smile Smile

छोटी जो बड़ी वो रिनछिन के पेंसिल बॉक्स में रबर, शार्पनर और पेंसिल थींं। रिनछिन ने दो और नई पेंसिलें खरीदीं। नई पेंसिलों को भी उसने बॉक्स में रख दिया। एक नई पेंसिल बोली, “मैं लाली हू...

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नारियल के जन्म की कहानी By Sagar Sonawane

प्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा राज करते थे। वह प्रतिदिन पूजा-पाठ किया करते थे। उनके पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी। वह धन दौलत से लेकर हर प्रकार की सुविधा से समृद्ध थे। हा...

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खलीफा हारूँ रशीद और बाबा अब्दुल्ला की कहानी By Smile Smile

दुनियाजाद के प्रस्ताव और शहरयार की अनुमति से नई कहानी प्रारंभ करते हुए शहरजाद ने कहा कि कभी-कभी आदमी का चित्त प्रसन्न होता है और उसकी कोई साफ वजह भी नहीं होती। ऐसी स्थिति भी होती ह...

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अंतरा By Akshata alias shubhadaTirodkar

कॉलेजच्या अंतिम वर्षाचा अंतिम दिवस सगळे जण एकमेकांना शेवटचे भेटून घेत होते मग पुढे सगळे आपआपल्या वाटेने जाणार होते आता दररोज भेट होणार नव्हती  ह्यात अनंत ने ठरवलेले कि तो आज आपल्या...

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अनुप्रिया - एक अनोखी कहाणी By Akshata alias shubhadaTirodkar

नजरेस नजर मिळत होती पण शब्द काही फुटत नव्हते मनातून एकमेकांचे झाले होते पण कोणीच कोणाला सांगितले नव्हते पण तो दिवस उजाडला जेव्हा अनुज ने गुडघ्यावर बसून आपल्या प्रेमाची कबुली हातात...

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अखेर प्रेम जिकंले By Akshata alias shubhadaTirodkar

राघव कॉफी चा मग घेऊन खिडकी समोर बाहेर पडणाऱ्या पाऊसाच्या सरींना न्यहाळात उभा होता जणू त्या सरी त्याला काहीतरी सांगत होत्या राघवला तो दिवस आठवला जेव्हा तो आणि मीरा पहिल्यादाच भेटलेल...

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प्रतिभोज By ANKIT YADAV

गांव का नाम बताने की जरूरत नही। भारत के सभी गांवो का लगभग यही हाल है।शादी का मंच सजा है। दुल्हा-दुल्हन के लिए सोफे लगे हैं। मेहमानों के लिए सामने ही कुर्सियां लगी है। और वही ढोल नग...

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कॉफी कॅफे आणि फीलिंग्स By Akshata alias shubhadaTirodkar

आठवणी फक्त मनाच्या कोपऱ्यात बंदिस्त नसतात तर काही ठिकाण हि आठवणींना उजाळा देत भावना समजून घेतात अश्याच एका ठिकाणाची गोष्ट माझ्या नव्या कथेमध्ये "कॉफी कॅफे आणि फीलिंग्स "   सकाळची व...

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खोए हुए दृश्य By ANKIT YADAV

देखो तो इन हरामजादों को, कैसे हाथ में हाथ मिलाए घूमे जा रहे हैं। ना मां-बाप का डर है ना समाज का। शाम हुई नहीं कि यह दृश्य देखते रहते है। इन भालमानस को कौन समझाए अब कि पढ़ाई कितनी ज...

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स्वतंत्रता से गणतंत्रता तक का सफर By Anant Dhish Aman

"स्वतंत्रता से गणतंत्रता तक का सफर"भारत जो एक लंबे समय तक पराधीनता के भाव और स्वभाव में जो जकङीत रह चूका था उसके लिए यह सफर तय कर पाना आसान नहीं था या यूँ कहे एक गुलामी के दर्द को...

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LIGHTS, CAMERA AND THE ROYAL LOVE - 5 By ARCHANA ASHOKKUMAR

Chapter No: 5 Husband Material!Joseph kept his palm on Julie's shoulder and said with a despairing tone" I tried explaining to her before too but she is not ready to accept my...

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શંખનાદ - 6 By Mrugesh desai

રૃપરામ સિંધી ના હિન્દ સાડી સેન્ટર માં ૩ કરોડ ની રહસ્યમય સાડી નો સોદો થયો હતો ..એમાં ભારત ના જાગૃત ગૃહપ્રધાન શ્રી સતીશ શાહ અને સીઆઇડી ચીફ ડો.કેદારનાથ માથુર સામેલ હતા ..એ સાડી ના સોદ...

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আজু সখী By Brishti Roy

ভোরের নরম রোদ টা মুখে পড়তেই, ঘুম টা ভেঙে গেল আকাঙ্খার। অন্যদিন হলে স্কুল যাওয়ার তাড়ায় ও ঠিক উঠে পড়তো, কিন্তু আজকে ওর উঠে যেতে ইচ্ছে করলো না। কারণ মাথা রাখার জায়গা টা ওর বড় প্রিয়। আ...

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आठवणी पाउसातल्या By Akshata alias shubhadaTirodkar

संध्यकाळीची वेळ होती बाहेर पाऊस पडत होता राघव गॅलरी मध्ये उभा राहून पाऊस न्यहाळात होता रीमा हि त्याला पाहत उभी होती एवढ्यात राघव च्या पापण्या ओल्या झालेल्या रीमा च्या नजरेस पडल्या...

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কালের কুরঙ্গী By Brishti Roy

রাত্রের ঘন মেঘে কালো হয়ে আসা আকাশের নিচে বন্ধুর পার্বত্য জঙ্গলাকীর্ণ পথ দ্রুত পার হয়ে ছুটে চলছিল এক অশ্ব। বনানীর ঘোর অন্ধকার থেকে বেরিয়ে আসতে আবছা ভাবে দেখা গেল, তাতে এক আরোহী ও আছ...

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MMR- એક હ્રદયસ્પર્શી સંવેદના By Dr. Nilesh Thakor

વાત 2017 ના ઓક્ટોબર મહિના ની, ત્યારે એક નેશનલ લેવલ ની Maternal Death Surveillance Response ની મીટિંગ માં મહારાષ્ટ્ર ના સેવાગ્રામ-વર્ધા ખાતે જવાનું થયું, અમે ગુજરાત થી કુલ 6 લોકો વિ...

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अंधे बाबा अब्दुल्ला की कहानी By Ravinder Sharma

बाबा अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इसी बगदाद नगर में पैदा हुआ था। मेरे माँ बाप मर गए तो उनका धन उत्तराधिकार में मैंने पाया। वह धन इतना था कि उससे मैं जीवन भर आराम से रह सकता था किंतु मैं...

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પ્રારંભ - 18 By Ashwin Rawal

પ્રારંભ પ્રકરણ 18 સુરતમાં હવે બીજું કોઈ કામ ન હતું એટલે બીજા દિવસે રાત્રે જ જામનગર જવા નીકળી જવાનું કેતને નક્કી કર્યું. વેકેશન પૂરું થઈ ગયું હતું એટલે ટ્રેઈનો ફુલ હતી. તત્કાલમાં પણ...

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अंधेरा बंगला - 9 By Mansi

Chep 9 अब तक आपने देखा कि गुड़िया ने कहा कि अंधेरे बंगले के अंदर उसी की उम्र की एक बच्ची ने उसके साथ खूब खेला अभी आगे की कहानी देखते है। सब लोग गुड़िया की तरफ देखने लगते है तब ही म...

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The Tales Of Mystries - 8 - રોમાન્સ ઇન એકલિપ્સ - 3 By Saumil Kikani

પ્રકરણ 32019: મેં મહિનો. પોતાના રૂમ માં બેઠી બેઠી અનુરાધા એક નોટ માં કૈક ચીતરી રહી હતી. ત્યાં એના મમ્મી કૌશલીયા બેન આવી ચડ્યા. અને એ નોટ માં જોયું તો એક ઉપર એક કવેશન ચિન્હ ઘૂંટયા હ...

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छोटी जो बड़ी वो By Smile Smile

छोटी जो बड़ी वो रिनछिन के पेंसिल बॉक्स में रबर, शार्पनर और पेंसिल थींं। रिनछिन ने दो और नई पेंसिलें खरीदीं। नई पेंसिलों को भी उसने बॉक्स में रख दिया। एक नई पेंसिल बोली, “मैं लाली हू...

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नारियल के जन्म की कहानी By Sagar Sonawane

प्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा राज करते थे। वह प्रतिदिन पूजा-पाठ किया करते थे। उनके पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी। वह धन दौलत से लेकर हर प्रकार की सुविधा से समृद्ध थे। हा...

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खलीफा हारूँ रशीद और बाबा अब्दुल्ला की कहानी By Smile Smile

दुनियाजाद के प्रस्ताव और शहरयार की अनुमति से नई कहानी प्रारंभ करते हुए शहरजाद ने कहा कि कभी-कभी आदमी का चित्त प्रसन्न होता है और उसकी कोई साफ वजह भी नहीं होती। ऐसी स्थिति भी होती ह...

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अंतरा By Akshata alias shubhadaTirodkar

कॉलेजच्या अंतिम वर्षाचा अंतिम दिवस सगळे जण एकमेकांना शेवटचे भेटून घेत होते मग पुढे सगळे आपआपल्या वाटेने जाणार होते आता दररोज भेट होणार नव्हती  ह्यात अनंत ने ठरवलेले कि तो आज आपल्या...

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अनुप्रिया - एक अनोखी कहाणी By Akshata alias shubhadaTirodkar

नजरेस नजर मिळत होती पण शब्द काही फुटत नव्हते मनातून एकमेकांचे झाले होते पण कोणीच कोणाला सांगितले नव्हते पण तो दिवस उजाडला जेव्हा अनुज ने गुडघ्यावर बसून आपल्या प्रेमाची कबुली हातात...

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अखेर प्रेम जिकंले By Akshata alias shubhadaTirodkar

राघव कॉफी चा मग घेऊन खिडकी समोर बाहेर पडणाऱ्या पाऊसाच्या सरींना न्यहाळात उभा होता जणू त्या सरी त्याला काहीतरी सांगत होत्या राघवला तो दिवस आठवला जेव्हा तो आणि मीरा पहिल्यादाच भेटलेल...

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गांव का नाम बताने की जरूरत नही। भारत के सभी गांवो का लगभग यही हाल है।शादी का मंच सजा है। दुल्हा-दुल्हन के लिए सोफे लगे हैं। मेहमानों के लिए सामने ही कुर्सियां लगी है। और वही ढोल नग...

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कॉफी कॅफे आणि फीलिंग्स By Akshata alias shubhadaTirodkar

आठवणी फक्त मनाच्या कोपऱ्यात बंदिस्त नसतात तर काही ठिकाण हि आठवणींना उजाळा देत भावना समजून घेतात अश्याच एका ठिकाणाची गोष्ट माझ्या नव्या कथेमध्ये "कॉफी कॅफे आणि फीलिंग्स "   सकाळची व...

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खोए हुए दृश्य By ANKIT YADAV

देखो तो इन हरामजादों को, कैसे हाथ में हाथ मिलाए घूमे जा रहे हैं। ना मां-बाप का डर है ना समाज का। शाम हुई नहीं कि यह दृश्य देखते रहते है। इन भालमानस को कौन समझाए अब कि पढ़ाई कितनी ज...

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स्वतंत्रता से गणतंत्रता तक का सफर By Anant Dhish Aman

"स्वतंत्रता से गणतंत्रता तक का सफर"भारत जो एक लंबे समय तक पराधीनता के भाव और स्वभाव में जो जकङीत रह चूका था उसके लिए यह सफर तय कर पाना आसान नहीं था या यूँ कहे एक गुलामी के दर्द को...

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LIGHTS, CAMERA AND THE ROYAL LOVE - 5 By ARCHANA ASHOKKUMAR

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રૃપરામ સિંધી ના હિન્દ સાડી સેન્ટર માં ૩ કરોડ ની રહસ્યમય સાડી નો સોદો થયો હતો ..એમાં ભારત ના જાગૃત ગૃહપ્રધાન શ્રી સતીશ શાહ અને સીઆઇડી ચીફ ડો.કેદારનાથ માથુર સામેલ હતા ..એ સાડી ના સોદ...

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আজু সখী By Brishti Roy

ভোরের নরম রোদ টা মুখে পড়তেই, ঘুম টা ভেঙে গেল আকাঙ্খার। অন্যদিন হলে স্কুল যাওয়ার তাড়ায় ও ঠিক উঠে পড়তো, কিন্তু আজকে ওর উঠে যেতে ইচ্ছে করলো না। কারণ মাথা রাখার জায়গা টা ওর বড় প্রিয়। আ...

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आठवणी पाउसातल्या By Akshata alias shubhadaTirodkar

संध्यकाळीची वेळ होती बाहेर पाऊस पडत होता राघव गॅलरी मध्ये उभा राहून पाऊस न्यहाळात होता रीमा हि त्याला पाहत उभी होती एवढ्यात राघव च्या पापण्या ओल्या झालेल्या रीमा च्या नजरेस पडल्या...

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কালের কুরঙ্গী By Brishti Roy

রাত্রের ঘন মেঘে কালো হয়ে আসা আকাশের নিচে বন্ধুর পার্বত্য জঙ্গলাকীর্ণ পথ দ্রুত পার হয়ে ছুটে চলছিল এক অশ্ব। বনানীর ঘোর অন্ধকার থেকে বেরিয়ে আসতে আবছা ভাবে দেখা গেল, তাতে এক আরোহী ও আছ...

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MMR- એક હ્રદયસ્પર્શી સંવેદના By Dr. Nilesh Thakor

વાત 2017 ના ઓક્ટોબર મહિના ની, ત્યારે એક નેશનલ લેવલ ની Maternal Death Surveillance Response ની મીટિંગ માં મહારાષ્ટ્ર ના સેવાગ્રામ-વર્ધા ખાતે જવાનું થયું, અમે ગુજરાત થી કુલ 6 લોકો વિ...

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