Best Classic Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Languages
Categories
Featured Books
  • મતદાન: એક શક્તિશાળી હથિયાર

    "મહાત્મા ગાંધીએ કહ્યું હતું કે, "જ્યારે પંચાયત રાજ સ્થાપિત થશે, ત્યારે જનમત એ કા...

  • ગૃહપ્રવેશ

    A beautiful mini novel. Chapter 1"મમ્મી, હવે કેટલી વાર છે?"બે વર્ષમાં, આખરે માહી...

  • एकाकी

    एकाकी कौशल्या जी को गुजरे अभी दस दिन भी न हुए थे कि उनके तीनों बच्चों मे उनकी ची...

An Evening With A Glass Of Wine By ARCHANA ASHOKKUMAR

New Year, New Resolution!We all have taken up numerous resolutions but we skip them soon this time before taking any Resolution include one Resolution which is to take care of your...

Read Free

શંખનાદ - 4 By Mrugesh desai

સાડી પોતાની ઓટોમેટિક બેગ માં પોચી ગઈ હતી ..ત્યારબાદ રૂપરમે કમલેશ પાટીલ , અનિલ પાટીલ અને શ્વેતા પાટીલ માટે લંચ નો ઓર્ડર આપ્યો અને રૂપેશ ચાવલાને કમલેશ પાટીલે આપેલી બેગ લઈને પૈસા ગણવા...

Read Free

अंधेरा बंगला - 2 By Mansi

Chep 2 अब तक अपने देखा की राजल के कई दोस्त थे जो उसके पेसो से जलते थे अब आगे की कहानी देखये। उसके दोस्तों से राजल की यह खुशी देखी नहीं जाती थी , ऐसे ही दिन बीतते गए ,वह पूरा परिवार...

Read Free

મતદાન: એક શક્તિશાળી હથિયાર By SHAMIM MERCHANT

"મહાત્મા ગાંધીએ કહ્યું હતું કે, "જ્યારે પંચાયત રાજ સ્થાપિત થશે, ત્યારે જનમત એ કામ કરશે, જે હિંસા ક્યારેય નહીં કરી શકે."વલરાજ સાહનીએ જ્યારે રાષ્ટ્રપિતાના આ શબ્દો ટાંક્યા, ત્યારે દરે...

Read Free

ગૃહપ્રવેશ By SHAMIM MERCHANT

A beautiful mini novel. Chapter 1"મમ્મી, હવે કેટલી વાર છે?"બે વર્ષમાં, આખરે માહીનો પ્રશ્ન બદલાયો. અત્યાર સુધી એમ પૂછતી.. "મમ્મી ઘરે કયારે જઇશું?" મીનાક્ષીએ દીકરીના માથે હાથ ફેરવ્યો...

Read Free

सच्ची दोस्ती By Miss Chhoti

दोस्ती हमारे जीवन का एक बहुत ही खास रिश्ता होता है। जन्म होते ही हमारे साथ कई रिश्ते जुड़ जाते है। पर दोस्ती का रिश्ता हम खुद ही बनाते है और दिल से निभाता है।जीत और राज एक दुसरे के...

Read Free

एकाकी By Annapurna Bajpai

एकाकी कौशल्या जी को गुजरे अभी दस दिन भी न हुए थे कि उनके तीनों बच्चों मे उनकी चीजों को लेकर झगड़ा आरंभ हो गया। जैसा कि अधिकतर घरों मे होता है कि घर के स्वामी या स्वामिनी का महाप्रया...

Read Free

En el amor no siempre se gana By Rachelle Mercy

Dos familia que eran amigos muy adinerada la primera familia es conocida como la familia chen tienen tres hijos el mayor es llamado ungeon el del medio chinchen y la mas pequeña so...

Read Free

बिल्ला नंबर 64 By Ramesh Yadav

       कहानी                बिल्ला नंबर – 64 ------------------------------------------------ शनिवार की वह रात… सारे काम निपटाकर कम्प्यूटर खोला और फेसबुक देखने लगा। पत्रकार मित्र,...

Read Free

Voting: A powerful weapon By SHAMIM MERCHANT

“Mahatma Gandhi had said, "When the panchayat raj is established, public opinion will do what violence can never do."Everyone kept gaping at Valraj Sahni when he quoted these words...

Read Free

संयोग (अन्तिम भाग) By SWARNIM स्वर्णिम

"क्या आप कृपया मुझे बताएंगे कि मामला क्या है?" "मेरा मासिक धर्म फिर बंद हो गया है। 3 महीने हो गए हैं। मुझे कल अस्पताल जाना है। मुझे बहुत डर लग रहा है। अगर मुझे इस बार भी पहले की तर...

Read Free

जीवन की डोर By दिनू

जीवन की डोर ( स्त्री का प्यार सबके नसीब में नहीं होता ) स्त्री का प्यार सबके नसीब में नही होता, वो जीवन में सिर्फ़ एक ही मर्द से , दिल से प्यार कर पाती हैं , वो मर्द उसका प्रेमी हो...

Read Free

दगाबाज By दिनू

बाजार में एक चिड़ीमार तीतर बेच रहा था...उसके पास एक बडी जालीदार टोकरी में बहुत सारे तीतर थे.. !और एक छोटी जालीदार टोकरी में सिर्फ एक ही तीतर था..!एक ग्राहक ने पूछा एक तीतर कितने का...

Read Free

સ્વાર્થી હેતુ By SHAMIM MERCHANT

ખરેખર સ્વાર્થી કોણ છે; માણસ કે સમાજ? મને લાગે છે કે માણસ. ના. સમાજ સ્વાર્થી છે. ના. તે સ્ક્રેચ કરો. મને લાગે છે કે વાસ્તવમાં બંને; માણસ અને સમાજ! આ નિરાશાવાદી વિચારો મારા માથામાં ચ...

Read Free

मौत का मुनाफा By Sital Kaur

" आप इनको घर ले जाइए देखिये हम इनको ऐसे अस्पताल में नहीं रख सकते आप बात को समझिए "डॉक्टर ने सुरेश को समझाते हुए कहा ।सुरेश कि माँ बहुत बीमार थी ,यहाँ उनकी जाँच के लिए उनको लाया गया...

Read Free

सौगन्ध--भाग(८) By Saroj Verma

देवव्रत निरन्तर ही वसुन्धरा के मुँख की ओर निहारे जा रहा था किन्तु उसे कुछ याद नहीं आ रहा था कि उसने पहले उन्हें कहाँ देखा है,वो इसी अन्तर्द्वन्द्व में उलझा हुआ आगें बढ़ गया,जब धर्मश...

Read Free

बस अब और नहीं By Sital Kaur

"प्रीति क्या कर रही हो"? मैंने अपनी बेटी से पूछा। "कलर कर रही हूं मम्मा " "होमवर्क हो गया बेटा " " हां मम्मा ""मम्मा आज फिर मेरे दोस्त मुझसे पूछ रहे थे की तेरे पापा कब आएँगे कब हमे...

Read Free

व्हेल वॉच By Prabodh Kumar Govil

मैंने पिछले चार महीने से कोई छुट्टी नहीं ली थी। इसलिए एक अजीब सी थकान शरीर पर चस्पां थी। ठीक वैसे ही, जैसे लंबे समय तक आप बस में बैठे रहें तो उतरने के बाद भी बस की गति का भ्रम आपके...

Read Free

धर्मी कर्मी By Rohit Kumar Singh

सूरज बाबू घबरा के उठ बैठे,उन्हें भूख भी लग रही थी,और कुछ अजीब सी महक भी आ रही थी,जो उन्हें बरदाश्त नहीं हो रहा था।उनके शरीर से पसीना छूट रहा था,क्योंकि अजीब सा चिपचिपा पदार्थ उन्हे...

Read Free

प्यार का दाग - 6 (अन्तिम भाग) By SWARNIM स्वर्णिम

बोतलबंद पानी लेने और रसोई का दरवाजा बंद करने के बाद, मैं उस कमरे में लौट आयी जहाँ वह था। वह फोन पर बात कर रहा था। मैं दूसरे बिस्तर पर गयी और बैठ गयी। जो उस बिस्तर के ठीक सामने था ज...

Read Free

नो ड्यूज़ By Prabodh Kumar Govil

देखो ये अनार कितना सुंदर है? कितना लाल, कितना सुनहरा... खिला- खिला। डाइनिंग टेबल पर नाश्ता करते हुए प्रज्ञा ने अनार को हाथ में लेकर फिरकी की तरह घुमाते हुए कहा। - इसे रख लो, कल काम...

Read Free

पॉप म्यूज़िक By Prabodh Kumar Govil

रसोई में जाकर सभी डिब्बे एक बार पलट कर देखे और फ़िर लहसुन का एक पापड़ निकाल कर माइक्रोवेव में लगा दिया। पलक झपकते ही पापड़ भुन गया। वे उसे प्लेट में लेकर ड्राइंग रूम में आ गईं। उन्...

Read Free

बहू बेटी By Prabodh Kumar Govil

जब से वे सपना की शादी करके मुक्त हुईं तब से हर समय प्रसन्नचित्त दिखाई देती थीं। उनके चेहरे से हमेशा उल्लास टपकता रहता था। महरी से कोई गलती हो जाए, दूध वाला दूध में पानी अधिक मिला क...

Read Free

भारत सोने की चिड़िया By Arun Singla

भारत सोने की चिड़िया हिन्दुस्तान पहले सोने की चिडया था, यह कोई कपोल कल्पना नहीं, बल्कि ठोस हकीकत है. परन्तु हिन्दुस्तान हमेशा आपसी धर्म,जात-पात की लड़ाई व् गद्दारों के कारण, जब तब वि...

Read Free

चीर हरण By Prabodh Kumar Govil

वो प्रसन्न थे। शिक्षक की नौकरी से हाल ही में सेवा निवृत्त हुए थे। जीवन की सभी जिम्मेदारियां पूरी कर चुके थे। बच्चों को पढ़ा - लिखा कर योग्य बना दिया था और उनके विवाह भी कर दिए थे।...

Read Free

हॉर्मोनल फेंसिंग By Prabodh Kumar Govil

डॉ. रसबाला असमंजस में पड़ गईं। उनके इक्कीस साल के कैरियर में अब तक ऐसा कोई केस नहीं आया था। न भारत में, और न ही जमैका में, जहां उनके पति की पोस्टिंग के कारण उन्होंने सात साल रह कर...

Read Free

सीरिया का बटुआ By Prabodh Kumar Govil

बस करीब एक घंटा है लेट थी। बस के रुकते ही लगभग कूद कर टेढ़े मेढे रास्ते से घूमती, कीचड़ पानी से बचती बहिनजी जब स्कूल के अहाते में घुसीं, तब जाकर उन्हें चैन आया। कैसी उलझन थी, कोई ग...

Read Free

व्यापारी By Rohit Kumar Singh

रवि कुमार सरावगी ग़मगीन बैठा था,अपनी विशालकाय कुर्सी मे अपनी एक हथेली कुर्सी की पुश्त से टिका कर किसी गहरी सोच मे डूबा था,उसकी आंखो से आंसू टपक रहे थे,और चेहरा मायूसी भरा था।अभी उसक...

Read Free

Creation - Part 1 By Kishanlal Sharma

"Stop stop. You both have gone mad"She spoke separating them.This story is a century old.The means of transportation and communication were advanced,but not as many today.A ship wa...

Read Free

गोखुर By Anand Tripathi

शामू अपने बरामदे में ऐसे तन के बैठा था जैसे की मानो उसको लॉटरी लगी हो। बघिया और हीरा दोनो ही एक खटिया के लिए ऐसे लड़ झगड़ रहे की मानो किसी चुनाव में एक सीट के दो उम्मीद वार। उस दिन...

Read Free

द घोस्ट विलेज _ कुलधरा By Guri baba

हमारे देश में कई ऐसे शहर जो अपने दामन में अनेक रहस्यों को समेटे हुए है। इन शहरों में काफी सालों पहले ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनके रहस्य से आज तक भी पर्दा नहीं उठ पाया हैं। आज हम आपको ए...

Read Free

राज-सिंहासन--(अन्तिम भाग) By Saroj Verma

अब अखण्डबली की मृत्यु हो चुकी थी,किन्तु बसन्तसेना की मृत्यु से सहस्त्रबाहु को अत्यधिक आघात पहुँचा था,अब आगें की योजना का कार्यभार उसके काँधों पर आ गया था,यदि बसन्तसेना जीवित होती त...

Read Free

हां, मैने ये अपराध किया है। By Rohit Kumar Singh

जौनी ने अपना सर धीरे धीरे उपर उठाया,और अपनी आंखे झुका कर उसने कुबूल किया कि,"हां,मैने ये अपराध किया है"जज़ ने आश्चर्य से उस बूूढे आदमी की ओर देखा,जो कटघरेे मे सर को झुुुकाये खडा था,...

Read Free

स्वर्ण मंदिर अमृतसर By Guri baba

अमृतसर का स्वर्ण मंदिर केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का मशहूर मंदिर है। ये सिख धर्म के मशहूर तीर्थ स्थलों में से एक है। इस मंदिर का ऊपरी माला 400 किलो सोने से निर्मित है, इसलिए इस...

Read Free

Oru Krimiyude Jwala By cherian k joseph

സമർപ്പണംഅട്ടപ്പാടിയിൽകൊല്ലപ്പെട്ടമധുവിന്    ഒരു ക്രിമിയുടെ ജ്വാല   ചെറിയാൻ കെ ജോസഫ് PH 9446538009 മരുത് കുറെയേറെ സമയം ചിന്തിച്ചശേഷം പാറക്കെട്ടിൽ പിടച്ചുകയറി . മഴ പെയ്തിരുന്നെങ്കിലു...

Read Free

मै जि़न्दा हूं, चाचा By Rohit Kumar Singh

मेरे जूते के सोल की सिलाई उधड गयी थी,ढूंढते हुये मै एक मोची के पास पहुंचा,और मोल भाव करके जूता उसे सीने को दे दिया,बगल मे उसके एक छोटा सा टेबल पडा था,उसी पर बैठ गया,और उससे बाते कर...

Read Free

An Evening With A Glass Of Wine By ARCHANA ASHOKKUMAR

New Year, New Resolution!We all have taken up numerous resolutions but we skip them soon this time before taking any Resolution include one Resolution which is to take care of your...

Read Free

શંખનાદ - 4 By Mrugesh desai

સાડી પોતાની ઓટોમેટિક બેગ માં પોચી ગઈ હતી ..ત્યારબાદ રૂપરમે કમલેશ પાટીલ , અનિલ પાટીલ અને શ્વેતા પાટીલ માટે લંચ નો ઓર્ડર આપ્યો અને રૂપેશ ચાવલાને કમલેશ પાટીલે આપેલી બેગ લઈને પૈસા ગણવા...

Read Free

अंधेरा बंगला - 2 By Mansi

Chep 2 अब तक अपने देखा की राजल के कई दोस्त थे जो उसके पेसो से जलते थे अब आगे की कहानी देखये। उसके दोस्तों से राजल की यह खुशी देखी नहीं जाती थी , ऐसे ही दिन बीतते गए ,वह पूरा परिवार...

Read Free

મતદાન: એક શક્તિશાળી હથિયાર By SHAMIM MERCHANT

"મહાત્મા ગાંધીએ કહ્યું હતું કે, "જ્યારે પંચાયત રાજ સ્થાપિત થશે, ત્યારે જનમત એ કામ કરશે, જે હિંસા ક્યારેય નહીં કરી શકે."વલરાજ સાહનીએ જ્યારે રાષ્ટ્રપિતાના આ શબ્દો ટાંક્યા, ત્યારે દરે...

Read Free

ગૃહપ્રવેશ By SHAMIM MERCHANT

A beautiful mini novel. Chapter 1"મમ્મી, હવે કેટલી વાર છે?"બે વર્ષમાં, આખરે માહીનો પ્રશ્ન બદલાયો. અત્યાર સુધી એમ પૂછતી.. "મમ્મી ઘરે કયારે જઇશું?" મીનાક્ષીએ દીકરીના માથે હાથ ફેરવ્યો...

Read Free

सच्ची दोस्ती By Miss Chhoti

दोस्ती हमारे जीवन का एक बहुत ही खास रिश्ता होता है। जन्म होते ही हमारे साथ कई रिश्ते जुड़ जाते है। पर दोस्ती का रिश्ता हम खुद ही बनाते है और दिल से निभाता है।जीत और राज एक दुसरे के...

Read Free

एकाकी By Annapurna Bajpai

एकाकी कौशल्या जी को गुजरे अभी दस दिन भी न हुए थे कि उनके तीनों बच्चों मे उनकी चीजों को लेकर झगड़ा आरंभ हो गया। जैसा कि अधिकतर घरों मे होता है कि घर के स्वामी या स्वामिनी का महाप्रया...

Read Free

En el amor no siempre se gana By Rachelle Mercy

Dos familia que eran amigos muy adinerada la primera familia es conocida como la familia chen tienen tres hijos el mayor es llamado ungeon el del medio chinchen y la mas pequeña so...

Read Free

बिल्ला नंबर 64 By Ramesh Yadav

       कहानी                बिल्ला नंबर – 64 ------------------------------------------------ शनिवार की वह रात… सारे काम निपटाकर कम्प्यूटर खोला और फेसबुक देखने लगा। पत्रकार मित्र,...

Read Free

Voting: A powerful weapon By SHAMIM MERCHANT

“Mahatma Gandhi had said, "When the panchayat raj is established, public opinion will do what violence can never do."Everyone kept gaping at Valraj Sahni when he quoted these words...

Read Free

संयोग (अन्तिम भाग) By SWARNIM स्वर्णिम

"क्या आप कृपया मुझे बताएंगे कि मामला क्या है?" "मेरा मासिक धर्म फिर बंद हो गया है। 3 महीने हो गए हैं। मुझे कल अस्पताल जाना है। मुझे बहुत डर लग रहा है। अगर मुझे इस बार भी पहले की तर...

Read Free

जीवन की डोर By दिनू

जीवन की डोर ( स्त्री का प्यार सबके नसीब में नहीं होता ) स्त्री का प्यार सबके नसीब में नही होता, वो जीवन में सिर्फ़ एक ही मर्द से , दिल से प्यार कर पाती हैं , वो मर्द उसका प्रेमी हो...

Read Free

दगाबाज By दिनू

बाजार में एक चिड़ीमार तीतर बेच रहा था...उसके पास एक बडी जालीदार टोकरी में बहुत सारे तीतर थे.. !और एक छोटी जालीदार टोकरी में सिर्फ एक ही तीतर था..!एक ग्राहक ने पूछा एक तीतर कितने का...

Read Free

સ્વાર્થી હેતુ By SHAMIM MERCHANT

ખરેખર સ્વાર્થી કોણ છે; માણસ કે સમાજ? મને લાગે છે કે માણસ. ના. સમાજ સ્વાર્થી છે. ના. તે સ્ક્રેચ કરો. મને લાગે છે કે વાસ્તવમાં બંને; માણસ અને સમાજ! આ નિરાશાવાદી વિચારો મારા માથામાં ચ...

Read Free

मौत का मुनाफा By Sital Kaur

" आप इनको घर ले जाइए देखिये हम इनको ऐसे अस्पताल में नहीं रख सकते आप बात को समझिए "डॉक्टर ने सुरेश को समझाते हुए कहा ।सुरेश कि माँ बहुत बीमार थी ,यहाँ उनकी जाँच के लिए उनको लाया गया...

Read Free

सौगन्ध--भाग(८) By Saroj Verma

देवव्रत निरन्तर ही वसुन्धरा के मुँख की ओर निहारे जा रहा था किन्तु उसे कुछ याद नहीं आ रहा था कि उसने पहले उन्हें कहाँ देखा है,वो इसी अन्तर्द्वन्द्व में उलझा हुआ आगें बढ़ गया,जब धर्मश...

Read Free

बस अब और नहीं By Sital Kaur

"प्रीति क्या कर रही हो"? मैंने अपनी बेटी से पूछा। "कलर कर रही हूं मम्मा " "होमवर्क हो गया बेटा " " हां मम्मा ""मम्मा आज फिर मेरे दोस्त मुझसे पूछ रहे थे की तेरे पापा कब आएँगे कब हमे...

Read Free

व्हेल वॉच By Prabodh Kumar Govil

मैंने पिछले चार महीने से कोई छुट्टी नहीं ली थी। इसलिए एक अजीब सी थकान शरीर पर चस्पां थी। ठीक वैसे ही, जैसे लंबे समय तक आप बस में बैठे रहें तो उतरने के बाद भी बस की गति का भ्रम आपके...

Read Free

धर्मी कर्मी By Rohit Kumar Singh

सूरज बाबू घबरा के उठ बैठे,उन्हें भूख भी लग रही थी,और कुछ अजीब सी महक भी आ रही थी,जो उन्हें बरदाश्त नहीं हो रहा था।उनके शरीर से पसीना छूट रहा था,क्योंकि अजीब सा चिपचिपा पदार्थ उन्हे...

Read Free

प्यार का दाग - 6 (अन्तिम भाग) By SWARNIM स्वर्णिम

बोतलबंद पानी लेने और रसोई का दरवाजा बंद करने के बाद, मैं उस कमरे में लौट आयी जहाँ वह था। वह फोन पर बात कर रहा था। मैं दूसरे बिस्तर पर गयी और बैठ गयी। जो उस बिस्तर के ठीक सामने था ज...

Read Free

नो ड्यूज़ By Prabodh Kumar Govil

देखो ये अनार कितना सुंदर है? कितना लाल, कितना सुनहरा... खिला- खिला। डाइनिंग टेबल पर नाश्ता करते हुए प्रज्ञा ने अनार को हाथ में लेकर फिरकी की तरह घुमाते हुए कहा। - इसे रख लो, कल काम...

Read Free

पॉप म्यूज़िक By Prabodh Kumar Govil

रसोई में जाकर सभी डिब्बे एक बार पलट कर देखे और फ़िर लहसुन का एक पापड़ निकाल कर माइक्रोवेव में लगा दिया। पलक झपकते ही पापड़ भुन गया। वे उसे प्लेट में लेकर ड्राइंग रूम में आ गईं। उन्...

Read Free

बहू बेटी By Prabodh Kumar Govil

जब से वे सपना की शादी करके मुक्त हुईं तब से हर समय प्रसन्नचित्त दिखाई देती थीं। उनके चेहरे से हमेशा उल्लास टपकता रहता था। महरी से कोई गलती हो जाए, दूध वाला दूध में पानी अधिक मिला क...

Read Free

भारत सोने की चिड़िया By Arun Singla

भारत सोने की चिड़िया हिन्दुस्तान पहले सोने की चिडया था, यह कोई कपोल कल्पना नहीं, बल्कि ठोस हकीकत है. परन्तु हिन्दुस्तान हमेशा आपसी धर्म,जात-पात की लड़ाई व् गद्दारों के कारण, जब तब वि...

Read Free

चीर हरण By Prabodh Kumar Govil

वो प्रसन्न थे। शिक्षक की नौकरी से हाल ही में सेवा निवृत्त हुए थे। जीवन की सभी जिम्मेदारियां पूरी कर चुके थे। बच्चों को पढ़ा - लिखा कर योग्य बना दिया था और उनके विवाह भी कर दिए थे।...

Read Free

हॉर्मोनल फेंसिंग By Prabodh Kumar Govil

डॉ. रसबाला असमंजस में पड़ गईं। उनके इक्कीस साल के कैरियर में अब तक ऐसा कोई केस नहीं आया था। न भारत में, और न ही जमैका में, जहां उनके पति की पोस्टिंग के कारण उन्होंने सात साल रह कर...

Read Free

सीरिया का बटुआ By Prabodh Kumar Govil

बस करीब एक घंटा है लेट थी। बस के रुकते ही लगभग कूद कर टेढ़े मेढे रास्ते से घूमती, कीचड़ पानी से बचती बहिनजी जब स्कूल के अहाते में घुसीं, तब जाकर उन्हें चैन आया। कैसी उलझन थी, कोई ग...

Read Free

व्यापारी By Rohit Kumar Singh

रवि कुमार सरावगी ग़मगीन बैठा था,अपनी विशालकाय कुर्सी मे अपनी एक हथेली कुर्सी की पुश्त से टिका कर किसी गहरी सोच मे डूबा था,उसकी आंखो से आंसू टपक रहे थे,और चेहरा मायूसी भरा था।अभी उसक...

Read Free

Creation - Part 1 By Kishanlal Sharma

"Stop stop. You both have gone mad"She spoke separating them.This story is a century old.The means of transportation and communication were advanced,but not as many today.A ship wa...

Read Free

गोखुर By Anand Tripathi

शामू अपने बरामदे में ऐसे तन के बैठा था जैसे की मानो उसको लॉटरी लगी हो। बघिया और हीरा दोनो ही एक खटिया के लिए ऐसे लड़ झगड़ रहे की मानो किसी चुनाव में एक सीट के दो उम्मीद वार। उस दिन...

Read Free

द घोस्ट विलेज _ कुलधरा By Guri baba

हमारे देश में कई ऐसे शहर जो अपने दामन में अनेक रहस्यों को समेटे हुए है। इन शहरों में काफी सालों पहले ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनके रहस्य से आज तक भी पर्दा नहीं उठ पाया हैं। आज हम आपको ए...

Read Free

राज-सिंहासन--(अन्तिम भाग) By Saroj Verma

अब अखण्डबली की मृत्यु हो चुकी थी,किन्तु बसन्तसेना की मृत्यु से सहस्त्रबाहु को अत्यधिक आघात पहुँचा था,अब आगें की योजना का कार्यभार उसके काँधों पर आ गया था,यदि बसन्तसेना जीवित होती त...

Read Free

हां, मैने ये अपराध किया है। By Rohit Kumar Singh

जौनी ने अपना सर धीरे धीरे उपर उठाया,और अपनी आंखे झुका कर उसने कुबूल किया कि,"हां,मैने ये अपराध किया है"जज़ ने आश्चर्य से उस बूूढे आदमी की ओर देखा,जो कटघरेे मे सर को झुुुकाये खडा था,...

Read Free

स्वर्ण मंदिर अमृतसर By Guri baba

अमृतसर का स्वर्ण मंदिर केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का मशहूर मंदिर है। ये सिख धर्म के मशहूर तीर्थ स्थलों में से एक है। इस मंदिर का ऊपरी माला 400 किलो सोने से निर्मित है, इसलिए इस...

Read Free

Oru Krimiyude Jwala By cherian k joseph

സമർപ്പണംഅട്ടപ്പാടിയിൽകൊല്ലപ്പെട്ടമധുവിന്    ഒരു ക്രിമിയുടെ ജ്വാല   ചെറിയാൻ കെ ജോസഫ് PH 9446538009 മരുത് കുറെയേറെ സമയം ചിന്തിച്ചശേഷം പാറക്കെട്ടിൽ പിടച്ചുകയറി . മഴ പെയ്തിരുന്നെങ്കിലു...

Read Free

मै जि़न्दा हूं, चाचा By Rohit Kumar Singh

मेरे जूते के सोल की सिलाई उधड गयी थी,ढूंढते हुये मै एक मोची के पास पहुंचा,और मोल भाव करके जूता उसे सीने को दे दिया,बगल मे उसके एक छोटा सा टेबल पडा था,उसी पर बैठ गया,और उससे बाते कर...

Read Free